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ग्रामीणों ने घेरा पुलिस आफिस
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sat, 29 Nov 2014 12:37 AM IST
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मंझनपुर। भूमिधरी जमीन पर कब्जा करके शौचालय और मकान बनाए जाने को लेकर बरियावां गांव के लोगों ने प्रधानपति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि प्रधानपति ने जमीन कब्जे की शिकायत करने पर हमला करके मारपीट भी की है। प्रधानपति की मनमानी से खफा ग्रामीणों ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया। पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसओ चरवा को जांच करके कार्रवाई का निर्देश दिया है।
चरवा कोतवाली क्षेत्र के बरियावां गांव के रहने वाले प्यारेलाल, प्रेमचंद्र, शांतिदेवी, फूलचंद्र, सुजीत कुमार, राकेश कुमार, मन्नालाल, छेद्दू, रामू, कल्लू, देवराज, पप्पू सिंह आदि ने बताया कि उन लोगों ने 15 साल पहले गांव के ही एक व्यक्ति से मकान बनवाने के लिए एक-एक बिस्वा जमीन खरीदी थी। खरीदी गई जमीन पर मकान निर्माण के लिए नींव भी भरी हुई है। इसके अलावा खंडजा से करीब 10 फिट जमीन जानवर आदि बांधने के लिए छोड़ी गई थी। आरोप है कि इसी खाली पड़ी जमीन पर प्रधानपति ने कब्जा करके शौचालय बनवा लिया है। आरोप है कि शौचालय के बाद वे ग्रामीणों की जमीन कब्जा करके उसमें अपना मकान भी बनवाने की फिराक में हैं। ग्रामीणों की मानें तो शिकायत करने पर उपजिलाधिकारी सिराथू ने निर्माण कार्य बंद करा दिया है। आरोप है कि इसी खुन्नस में बृहस्पतिवार की शाम प्रधान पति अपने रिश्तेदार और कुछ अन्य सहयोगियों के साथ असलहे लेकर आए और महिलाओं और बच्चाें को धमकी देते हुए मारपीट की। पीड़िता शांति देवी का आरोप है कि प्रधानपति और उनके साथ रहे लोगों ने पूरे परिवार को मारने की धमकी भी की है। चीख-पुकार पर गांववालों के दौड़ने पर हमलावर भाग निकले। आरोप है कि शिकायत के बाद भी इलाकाई पुलिस ने सुनवाई नहीं की। शुक्रवार को पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव करते हुए मामले की शिकायत एसपी से की। एसपी ने ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए चरवा एसओ को जांच करके कार्रवाई का निर्देश दिया है।
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चरवा कोतवाली क्षेत्र के बरियावां गांव के रहने वाले प्यारेलाल, प्रेमचंद्र, शांतिदेवी, फूलचंद्र, सुजीत कुमार, राकेश कुमार, मन्नालाल, छेद्दू, रामू, कल्लू, देवराज, पप्पू सिंह आदि ने बताया कि उन लोगों ने 15 साल पहले गांव के ही एक व्यक्ति से मकान बनवाने के लिए एक-एक बिस्वा जमीन खरीदी थी। खरीदी गई जमीन पर मकान निर्माण के लिए नींव भी भरी हुई है। इसके अलावा खंडजा से करीब 10 फिट जमीन जानवर आदि बांधने के लिए छोड़ी गई थी। आरोप है कि इसी खाली पड़ी जमीन पर प्रधानपति ने कब्जा करके शौचालय बनवा लिया है। आरोप है कि शौचालय के बाद वे ग्रामीणों की जमीन कब्जा करके उसमें अपना मकान भी बनवाने की फिराक में हैं। ग्रामीणों की मानें तो शिकायत करने पर उपजिलाधिकारी सिराथू ने निर्माण कार्य बंद करा दिया है। आरोप है कि इसी खुन्नस में बृहस्पतिवार की शाम प्रधान पति अपने रिश्तेदार और कुछ अन्य सहयोगियों के साथ असलहे लेकर आए और महिलाओं और बच्चाें को धमकी देते हुए मारपीट की। पीड़िता शांति देवी का आरोप है कि प्रधानपति और उनके साथ रहे लोगों ने पूरे परिवार को मारने की धमकी भी की है। चीख-पुकार पर गांववालों के दौड़ने पर हमलावर भाग निकले। आरोप है कि शिकायत के बाद भी इलाकाई पुलिस ने सुनवाई नहीं की। शुक्रवार को पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव करते हुए मामले की शिकायत एसपी से की। एसपी ने ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए चरवा एसओ को जांच करके कार्रवाई का निर्देश दिया है।
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