{"_id":"d37fe14528de056c9897a068c97d9ace","slug":"the-teacher-was-constantly-teasing-holly-shicshamitron-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फीकी रही शिक्षक बने शिक्षामित्रों की होली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फीकी रही शिक्षक बने शिक्षामित्रों की होली
ब्यूरो/अमर उजाला, कौशाम्बी
Updated Thu, 05 Mar 2015 08:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिक्षक बने जिले के 545 शिक्षामित्रों की होली इस बार फीकी रही। नियुक्ति के सात महीने बाद भी उन्हें पगार नहीं दी जा रही है। इसका शिक्षामित्रों में जबरदस्त आक्रोश है। आरोप है कि बार-बार शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारियों ने वेतन भुगतान कराने में गंभीरता नहीं दिखाई। मामले में बीएसए का कहना है कि हाईस्कूल, इंटरमीडिएट के शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन पूरा नहीं होने से वेतन भुगतान में विलंब हुआ है।
बता दें कि प्राथमिक स्कूलों में शिक्षामित्र रहे युवक-युवतियों को दूरस्थ शिक्षा विधि से बीटीसी का प्रशिक्षण दिलाकर प्रदेश सरकार ने इन्हें पूर्ण शिक्षक बनाने की घोषणा की थी। इसी के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षामित्रों को अगस्त 2014 में सहायक अध्यापक पद पर विभिन्न प्राइमरी स्कूलों में तैनाती दी गई थी। समायोजन के प्रथम चरण में कौशाम्बी के भी 545 शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर तैनाती मिली थी। शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष रत्नाकर सिंह ने बताया कि चार अगस्त 2014 को नियुक्ति दी गई थी। पर, अब तक एक भी शिक्षामित्र को वेतन भुगतान नहीं किया जा सका है। आरोप है कि बार-बार इस संदर्भ में शिक्षामित्रों ने बीएसए और लेखाधिकारी से शिकायत भी की। शिक्षामित्र संघ के अध्यक्ष का कहना है कि अभी 20 फरवरी को भी सामूहिक रूप से बीएसए से मिलकर वेतन भुगतान की मांग की गई थी।
तब बीएसए ने होली से पूर्व वेतन भुगतान कराने का भरोसा दिलाया था। पर, होली हो गई। वेतन नहीं दिया जा सका है। इसका शिक्षामित्रों में गुस्सा है। मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार सिंह यादव ने बताया कि शिक्षामित्रों के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के शैक्षिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन के बाद ही वेतन भुगतान का शासनादेश है। शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया जा रहा है। मंगलवार को भी डीआई को बोर्ड भेजा गया था। पर, अभी तक सत्यापन का काम पूरा नहीं हो सका है। जल्द सत्यापन कराकर सभी का वेतन भुगतान का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि प्राथमिक स्कूलों में शिक्षामित्र रहे युवक-युवतियों को दूरस्थ शिक्षा विधि से बीटीसी का प्रशिक्षण दिलाकर प्रदेश सरकार ने इन्हें पूर्ण शिक्षक बनाने की घोषणा की थी। इसी के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षामित्रों को अगस्त 2014 में सहायक अध्यापक पद पर विभिन्न प्राइमरी स्कूलों में तैनाती दी गई थी। समायोजन के प्रथम चरण में कौशाम्बी के भी 545 शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर तैनाती मिली थी। शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष रत्नाकर सिंह ने बताया कि चार अगस्त 2014 को नियुक्ति दी गई थी। पर, अब तक एक भी शिक्षामित्र को वेतन भुगतान नहीं किया जा सका है। आरोप है कि बार-बार इस संदर्भ में शिक्षामित्रों ने बीएसए और लेखाधिकारी से शिकायत भी की। शिक्षामित्र संघ के अध्यक्ष का कहना है कि अभी 20 फरवरी को भी सामूहिक रूप से बीएसए से मिलकर वेतन भुगतान की मांग की गई थी।
विज्ञापन
तब बीएसए ने होली से पूर्व वेतन भुगतान कराने का भरोसा दिलाया था। पर, होली हो गई। वेतन नहीं दिया जा सका है। इसका शिक्षामित्रों में गुस्सा है। मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार सिंह यादव ने बताया कि शिक्षामित्रों के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के शैक्षिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन के बाद ही वेतन भुगतान का शासनादेश है। शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया जा रहा है। मंगलवार को भी डीआई को बोर्ड भेजा गया था। पर, अभी तक सत्यापन का काम पूरा नहीं हो सका है। जल्द सत्यापन कराकर सभी का वेतन भुगतान का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन