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दस साल में सिर्फ 40 दिन ही मिली बिजली
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Sat, 22 Aug 2015 12:39 AM IST
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बारा (ब्यूरो)। कौशाम्बी ब्लाक के सतहरगंज गांव के लोगों को दस साल में सिर्फ 40 दिन ही बिजली मिली है। पहले आंधी में तार और खंभे उखड़ गए थे। अब ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से बिजली गुल है। इसे लेकर गांव के लोग परेशान हैं। ग्रामीणों में अधिकारियों के प्रति गुस्सा भी है। हालात यही रहे तो कभी भी लोगों का गुस्सा फूट सकता है।
बता दें कि कौशाम्बी ब्लाक के सतहरगंज गांव का विद्युतीकरण वर्ष 2005 में हुआ था।
गांव में बिजली आई तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। महीने भर गांव वालों ने बिजली का लाभ लिया। इसके बाद अचानक तेज आंधी-तूफान आया। इसमें तार और खंभे टूट गए। गांव के कुलदीप त्रिपाठी, राम नारायण, श्रीनाथ, छेदीलाल, बच्चालाल, संतलाल, रामप्रकाश, सत्यनारायण आदि ने बताया कि तार, खंभे टूटने की वजह से बिजली गुल होने की जानकारी तत्काल ही तत्कालीन एक्सईएन और जेई को दे दी गई थी। पर, उन लोगों ने ध्यान नहीं दिया।
ऐसे में परेशान ग्रामीण अभी तक बिजली बहाल कराने की कवायद में जुटे रहे। तकरीबन दस साल तक कड़ा संघर्ष करने और अंधेरे में रहने के बाद अभी दो महीने पहले टूटे हुए खंभों और तारों को दुरुस्त कराकर बिजली आपूर्ति बहाल कराई गई थी। गांव वालों का कहना है कि इस बार भी दस दिन बाद ही ट्रांसफार्मर खराब हो गया। ट्रांसफार्मर में तेल की जरूरत है। इसके लिए ग्रामीण आए दिन अधिकारियों का चक्का काटते हैं, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। मामले में एक्सईएन आरएन सिंह का कहना है कि जल्द ही ट्रांसफार्मर को दुुरुस्त कराकर बिजली आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।
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बता दें कि कौशाम्बी ब्लाक के सतहरगंज गांव का विद्युतीकरण वर्ष 2005 में हुआ था।
गांव में बिजली आई तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। महीने भर गांव वालों ने बिजली का लाभ लिया। इसके बाद अचानक तेज आंधी-तूफान आया। इसमें तार और खंभे टूट गए। गांव के कुलदीप त्रिपाठी, राम नारायण, श्रीनाथ, छेदीलाल, बच्चालाल, संतलाल, रामप्रकाश, सत्यनारायण आदि ने बताया कि तार, खंभे टूटने की वजह से बिजली गुल होने की जानकारी तत्काल ही तत्कालीन एक्सईएन और जेई को दे दी गई थी। पर, उन लोगों ने ध्यान नहीं दिया।
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ऐसे में परेशान ग्रामीण अभी तक बिजली बहाल कराने की कवायद में जुटे रहे। तकरीबन दस साल तक कड़ा संघर्ष करने और अंधेरे में रहने के बाद अभी दो महीने पहले टूटे हुए खंभों और तारों को दुरुस्त कराकर बिजली आपूर्ति बहाल कराई गई थी। गांव वालों का कहना है कि इस बार भी दस दिन बाद ही ट्रांसफार्मर खराब हो गया। ट्रांसफार्मर में तेल की जरूरत है। इसके लिए ग्रामीण आए दिन अधिकारियों का चक्का काटते हैं, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। मामले में एक्सईएन आरएन सिंह का कहना है कि जल्द ही ट्रांसफार्मर को दुुरुस्त कराकर बिजली आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।
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