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पीएम, सीएम तक का नाम नहीं बता सके बच्चे
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sat, 22 Jul 2017 01:47 AM IST
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जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने शुक्रवार को प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय समदा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षा तीन के बच्चों से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री का नाम पूछा तो अधिकांश बच्चे जवाब नहीं दे सके। इसके अलावा अंग्रेजी के छोटे व बड़े अक्षर भी नहीं लिख पाए। इससे नाराज डीएम ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने का निर्देश शिक्षकों को दिया।
शुक्रवार को जिलाधिकारी ठीक 12.30 बजे प्राथमिक विद्यालय समदा पहुंचे। वहां पर उन्होंने साफ-सफाई, किचेन शेड, शौचालय आदि का निरीक्षण किया। इसके बाद शैक्षिक स्तर जानने के लिए वह बच्चों की कक्षा में पहुंचे। उन्होंने कक्षा तीन में पढ़ने वाले बच्चों से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री का नाम पूंछा तो वह नहीं बता सके। इसके बाद अंग्रेजी अक्षर कैपिटल व स्माल लेटर में लिखवाया गया तो अधिकांश बच्चे नहीं लिख सके। इस पर डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए हिन्दी, अंग्रेजी और गणित के शिक्षकों को सुधार लाने का निर्देश दिया।
इसके बाद उन्होंने उच्च प्राथमिक विद्यालय का शिक्षण स्तर जाना। उन्होंने कक्षा सात की छात्रा को अंग्रेजी की किताब पढ़ने के लिए दिया। छात्रा ने किताब तो पढ़ दिया पर हिन्दी में अनुवाद नहीं कर सकी। डीएम ने मौके पर उपस्थित अंग्रेजी टीचर को हिन्दी में अर्थ समझाने का निर्देश दिया। इसके अलावा बच्चों को महापुरुषों की जीवनी, प्रशभनोत्तर एवं शब्दार्थ का ठीक से बोध कराने को कहा।
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इस मौके पर दोनों विद्यालयों के शिक्षकों ने बताया कि अनुपलब्धता के चलते किताबों का शतप्रतिशत वितरण नहीं हो सका है। डीएम ने किताब मुहैया का आश्वासन देते हुए बच्चों को सफाई व्यवस्था व विद्यालय परिसर में पौधरोपण कराने का निर्देश दिया।
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शुक्रवार को जिलाधिकारी ठीक 12.30 बजे प्राथमिक विद्यालय समदा पहुंचे। वहां पर उन्होंने साफ-सफाई, किचेन शेड, शौचालय आदि का निरीक्षण किया। इसके बाद शैक्षिक स्तर जानने के लिए वह बच्चों की कक्षा में पहुंचे। उन्होंने कक्षा तीन में पढ़ने वाले बच्चों से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री का नाम पूंछा तो वह नहीं बता सके। इसके बाद अंग्रेजी अक्षर कैपिटल व स्माल लेटर में लिखवाया गया तो अधिकांश बच्चे नहीं लिख सके। इस पर डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए हिन्दी, अंग्रेजी और गणित के शिक्षकों को सुधार लाने का निर्देश दिया।
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इसके बाद उन्होंने उच्च प्राथमिक विद्यालय का शिक्षण स्तर जाना। उन्होंने कक्षा सात की छात्रा को अंग्रेजी की किताब पढ़ने के लिए दिया। छात्रा ने किताब तो पढ़ दिया पर हिन्दी में अनुवाद नहीं कर सकी। डीएम ने मौके पर उपस्थित अंग्रेजी टीचर को हिन्दी में अर्थ समझाने का निर्देश दिया। इसके अलावा बच्चों को महापुरुषों की जीवनी, प्रशभनोत्तर एवं शब्दार्थ का ठीक से बोध कराने को कहा।
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इस मौके पर दोनों विद्यालयों के शिक्षकों ने बताया कि अनुपलब्धता के चलते किताबों का शतप्रतिशत वितरण नहीं हो सका है। डीएम ने किताब मुहैया का आश्वासन देते हुए बच्चों को सफाई व्यवस्था व विद्यालय परिसर में पौधरोपण कराने का निर्देश दिया।