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कौशाम्बी में बालू का संकट, निर्माण कार्य ठप
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sat, 20 Aug 2016 12:28 AM IST
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दोआबा में अवैध खनन को लेकर हो रही सीबीआई जांच के चलते बालू का परिवहन ठप हो गया है। इसके चलते कौशाम्बी समेत आसपास के जिलों में निर्माण कार्य पूरी तरह से बाधित हो गए हैं। बालू का परिवहन कब तक शुरू होगा इस बावत फिलहाल हरी झंडी मिलती नहीं दिख रही है। ऐसे में इंदिरा, लोहिया और शौचालय के लाभार्थी पशोपेश में हैं।
दोआबा में यमुना घाट से बालू का खनन किया जाता है लेकिन इस साल हुए अवैध खनन को लेकर उच्च न्यायालय ने सीबीआई जांच बैठा दी है। इसके चलते डंप बालू का परिवहन पूरी तरह से रुक गया है। बालू का परिवहन रुकने का सीधा असर निर्माण कार्यों पर पड़ा है। चालू वित्तीय वर्ष में 57713 शौचालय निर्माण का लक्ष्य है। इसमें से 7117 शौचालयों की धनराशि भी लाभार्थियों को जारी हो चुकी है। यही हाल इंदिरा और लोहिया आवास का है।
2015-2016 के 743 लोहिया आवास में 229 अधूरे हैं। इंदिरा आवास की स्थिति तो इससे भी खराब है। वर्ष 2015-2016 में 3312 लक्ष्य के सापेक्ष महज 155 इंदिरा आवास अब तक बन सके हैं। बाकी के 3157 इंदिरा आवास का निर्माण अधर में है। इसके अलावा गांवों में 12 वें, 13 वें और 14 वें वित्त की धनराशि से होने वाले निर्माण कार्य इस्टीमेट तैयार होने के बाद भी ठप हैं। कुल मिलाकर बालू के अभाव में पूरी तरह से विकास कार्यों की रफ्तार ठप हो गई है। बालू का परिवहन दोआबा में कब शुरू हो सकेगा इस बावत महकमे के जिम्मेदार फिलहाल कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
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मजदूरों की छिन चुकी है रोजी-रोटी
दोआबा में यमुना की तराई में बसे गांवों के मजदूर पूरी तरह से बालू के कारोबार से जुड़े हुए हैं। यह ग्रामीण पूरे कुनबे के साथ ट्रकों में बालू भरने का काम करते हैं लेकिन पिछले पांच माह से इन मजदूरों को मशीनीकरण के चलते काम नहीं मिल सका था। मजदूरों को उम्मीद थी कि खनन बंद होने के बाद बारिश के दिनों उन्हें डंप बालू में रोजी कमाने का मौका मिलेगा लेकिन उनकी इस उम्मीद पर भी पानी फिर गया है। ऐसे में अब मजदूरों को घर छोड़कर रोजी कमाने के लिए गैर जनपद की ओर पलायान करना पड़ रहा है।
सरिया, सीमेंट और ईट का कारोबार भी ठप
दोआबा में बालू परिवहन ठप होने का असर कई अन्य कारोबार पर पड़ा। बालू के अभाव में निर्माण कार्य ठप होने से सरिया, सीमेंट और्र इंट का कारोबार भी ठप हो गया है। सीमेंट कारोबारियों की माने तो बिक्री के अभाव में गोदाम में उनकी सीमेंट पत्थर बनती जा रही है तो सरिया में जंग लगता जा रहा है। बिक्री के अभाव में दुकानदार हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं। उन्हें भी बालू परिवहन शुरू होने का बेसब्री से इंतजार है।
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दोआबा में यमुना घाट से बालू का खनन किया जाता है लेकिन इस साल हुए अवैध खनन को लेकर उच्च न्यायालय ने सीबीआई जांच बैठा दी है। इसके चलते डंप बालू का परिवहन पूरी तरह से रुक गया है। बालू का परिवहन रुकने का सीधा असर निर्माण कार्यों पर पड़ा है। चालू वित्तीय वर्ष में 57713 शौचालय निर्माण का लक्ष्य है। इसमें से 7117 शौचालयों की धनराशि भी लाभार्थियों को जारी हो चुकी है। यही हाल इंदिरा और लोहिया आवास का है।
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2015-2016 के 743 लोहिया आवास में 229 अधूरे हैं। इंदिरा आवास की स्थिति तो इससे भी खराब है। वर्ष 2015-2016 में 3312 लक्ष्य के सापेक्ष महज 155 इंदिरा आवास अब तक बन सके हैं। बाकी के 3157 इंदिरा आवास का निर्माण अधर में है। इसके अलावा गांवों में 12 वें, 13 वें और 14 वें वित्त की धनराशि से होने वाले निर्माण कार्य इस्टीमेट तैयार होने के बाद भी ठप हैं। कुल मिलाकर बालू के अभाव में पूरी तरह से विकास कार्यों की रफ्तार ठप हो गई है। बालू का परिवहन दोआबा में कब शुरू हो सकेगा इस बावत महकमे के जिम्मेदार फिलहाल कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
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मजदूरों की छिन चुकी है रोजी-रोटी
दोआबा में यमुना की तराई में बसे गांवों के मजदूर पूरी तरह से बालू के कारोबार से जुड़े हुए हैं। यह ग्रामीण पूरे कुनबे के साथ ट्रकों में बालू भरने का काम करते हैं लेकिन पिछले पांच माह से इन मजदूरों को मशीनीकरण के चलते काम नहीं मिल सका था। मजदूरों को उम्मीद थी कि खनन बंद होने के बाद बारिश के दिनों उन्हें डंप बालू में रोजी कमाने का मौका मिलेगा लेकिन उनकी इस उम्मीद पर भी पानी फिर गया है। ऐसे में अब मजदूरों को घर छोड़कर रोजी कमाने के लिए गैर जनपद की ओर पलायान करना पड़ रहा है।
सरिया, सीमेंट और ईट का कारोबार भी ठप
दोआबा में बालू परिवहन ठप होने का असर कई अन्य कारोबार पर पड़ा। बालू के अभाव में निर्माण कार्य ठप होने से सरिया, सीमेंट और्र इंट का कारोबार भी ठप हो गया है। सीमेंट कारोबारियों की माने तो बिक्री के अभाव में गोदाम में उनकी सीमेंट पत्थर बनती जा रही है तो सरिया में जंग लगता जा रहा है। बिक्री के अभाव में दुकानदार हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं। उन्हें भी बालू परिवहन शुरू होने का बेसब्री से इंतजार है।