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सपा के टिकट पर तीसरी बार सांसद बने थे शैलेंद्र
Thu, 11 Apr 2019 12:38 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Thu, 11 Apr 2019 12:38 AM IST
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सिराथू। 15 वीं लोकसभा चुनाव में सपा ने एक बार फिर वापसी की। पार्टी प्रत्याशी शैलेंद्र कुमार ने बसपा के गिरीश पासी को चुनाव में करारी शिकस्त देकर तीसरी बार सांसद बनने का गौरव हासिल किया। इस चुनाव में कुंडा के निर्दल विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने सपा के पक्ष में बाजी पलटाने में अहम भूमिका निभाई थी।
वर्ष 2009 के आम चुनाव तक दोआबा में सपा और बसपा ने अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली थी। बसपा के स्थानीय क्षत्रप रहे इंद्रजीत सरोज सपा को कड़ी चुनौती दे रहे थे। जिले में दलितों की बहुलता होने से बसपा का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा था। उधर, सपाई भी बसपा के हाथी की चिघ्घाड़ कम करने के लिए रात-दिन एक किए हुए थे। चुनाव में सपा ने अपने सिटिंग एमपी शैलेंद्र कुूमार को फिर से टिकट देकर मैदान में भेजा। राजा भैया का साथ होने से सपा को गंगापार के कुंडा और बाबागंज से मजबूती मिल रही थी। चुनाव में बसपा ने गिरीश पासी को मैदान में भेजा। भाजपा से गौतम चौधरी भी किस्मत आजमा रहे थे। चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को खराब प्रदर्शन के कारण जमानत गंवानी पड़ गई थी।
ऐसे में मुख्य मुकाबला सपा और बसपा के बीच ही केंद्रित रहा। चुनाव में बसपा के स्थानीय क्षत्रप चायल, मंझनपुर और सिराथू से सपा को कड़ी टक्कर दे रहे थे। ऐसे में सपा प्रत्याशी के लिए राजा भैया के क्षेत्र कुंडा और बाबागंज संजीवनी साबित हुआ। राजा भैया के प्रभाव के चलते सपा को कुंडा और बाबागंज से थोक भाव में वोट मिलने से सपा को काफी बढ़त मिल गई। नतीजतन चुनाव में सपा के शैलेंद्र कुमार 246404 मत पाकर तीसरी बार सांसद बनने में कामयाब हो गए। बसपा के गिरीश पासी 190526 मतों के साथ दूसरे तथा भाजपा के गौतम चौधरी 30450 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे। कांग्रेस के रामनिरोर राकेश 40754 मतों के साथ चौथे स्थान पर रहे। अपना दल के उमेश चंद्र पासी 18793 मत पाकर पांचवे, इंडियन जस्टिर पार्टी के गुलाब सोनकर 2973, निर्दल गुलाब चंद्र 2500, जगदेव 3040,मान सिंह 3973,राम शरण को 11570 मतों से ही संतोष करना पड़ा था।
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वर्ष 2009 के आम चुनाव तक दोआबा में सपा और बसपा ने अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली थी। बसपा के स्थानीय क्षत्रप रहे इंद्रजीत सरोज सपा को कड़ी चुनौती दे रहे थे। जिले में दलितों की बहुलता होने से बसपा का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा था। उधर, सपाई भी बसपा के हाथी की चिघ्घाड़ कम करने के लिए रात-दिन एक किए हुए थे। चुनाव में सपा ने अपने सिटिंग एमपी शैलेंद्र कुूमार को फिर से टिकट देकर मैदान में भेजा। राजा भैया का साथ होने से सपा को गंगापार के कुंडा और बाबागंज से मजबूती मिल रही थी। चुनाव में बसपा ने गिरीश पासी को मैदान में भेजा। भाजपा से गौतम चौधरी भी किस्मत आजमा रहे थे। चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को खराब प्रदर्शन के कारण जमानत गंवानी पड़ गई थी।
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ऐसे में मुख्य मुकाबला सपा और बसपा के बीच ही केंद्रित रहा। चुनाव में बसपा के स्थानीय क्षत्रप चायल, मंझनपुर और सिराथू से सपा को कड़ी टक्कर दे रहे थे। ऐसे में सपा प्रत्याशी के लिए राजा भैया के क्षेत्र कुंडा और बाबागंज संजीवनी साबित हुआ। राजा भैया के प्रभाव के चलते सपा को कुंडा और बाबागंज से थोक भाव में वोट मिलने से सपा को काफी बढ़त मिल गई। नतीजतन चुनाव में सपा के शैलेंद्र कुमार 246404 मत पाकर तीसरी बार सांसद बनने में कामयाब हो गए। बसपा के गिरीश पासी 190526 मतों के साथ दूसरे तथा भाजपा के गौतम चौधरी 30450 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे। कांग्रेस के रामनिरोर राकेश 40754 मतों के साथ चौथे स्थान पर रहे। अपना दल के उमेश चंद्र पासी 18793 मत पाकर पांचवे, इंडियन जस्टिर पार्टी के गुलाब सोनकर 2973, निर्दल गुलाब चंद्र 2500, जगदेव 3040,मान सिंह 3973,राम शरण को 11570 मतों से ही संतोष करना पड़ा था।
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