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भाइयों की कलाई में बहनों ने बांधी राखी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Fri, 19 Aug 2016 12:29 AM IST
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भाई-बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन गुरुवार को जिलेभर में धूमधाम से मनाया गया। राखी की खुशी में चहकती बहनों ने इस दौरान भाई की आरती उतारी, माथे पर मंगल टीका लगाया। फिर कलाई में रेशम की डोर राखी बांधकर उनकी खुशहाली की कामना की। भाइयों ने भी उन्हें तोहफे दिए। साथ ही बहनों के हर सुख-दुख में उनके साथ रहने का वादा किया।
सावन पूर्णिमा के अवसर पर भाई-बहन के प्रेम का पर्व रक्षाबंधन मनाया जाता है। इस साल राखी का यह त्योहार गुरुवार को मनाया गया। रक्षाबंधन की चहल-पहल तो सुबह से ही दिखने लगी थी। पर, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त दोपहर के पहले तक होने के कारण सुबह से ही सड़काें पर आने जाने वालों का तांता लगा रहा। बहनों ने पूजा की थाल सजाकर भाइयों की आरती उतारी। उनके माथे में हल्दी, कुमकुम और अक्षत का मंगल टीका लगाया। राखी बांधकर मुंह मीठा कराया।
फिर उनसे तोहफे लेकर उनके जीवन में खुशियां आने की कामना की। भाइयों ने भी बहनों से हर दुख-सुख में साथ रहने का वादा किया। वहीं राखी पर दिनभर बाजारों में भी चहल-पहल दिखी। मंझनपुर, सिराथू, चायल, अजुहा, कड़ा, देवीगंज, भरवारी, करारी, मूरतगंज, सरायअकिल, मनौरी, पुरामुफ्ती, पश्चिमशरीरा समेत सभी बाजारों में मिठाई और राखी की दुकान पर तो दिनभर खरीददारों की भीड़ रही। वहीं रक्षाबंधन पर पुरोहितों ने भी यजमानों के घर पहुंचकर रक्षासूत्र बांधा।
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बूंदाबांदी का भी नहीं पड़ा कोई असर
रक्षाबंधन पर्व पर भोर से लेकर दोपहर तक कौशाम्बी में बारिश होती रही। बरसात की रिमझिम फुहारें भी भाई-बहन के स्नेह के रास्ते में कोई रोड़ा नहीं अटका सकीं। सुबह तमाम बहने ससुराल से भीगती हुई जहां भाई को राखी बांधने मायके आई। वहीं जिनकी बहनें किसी कारणवश घर नहीं आ सकीं। वे भाई भी राखी बंधवाने के लिए बहन के ससुराल गए।
अटूट रिश्ते का बंधन है राखी
रक्षा बंधन का पर्व हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। पर्व के महत्व को लेकर तमाम पौराणिक कहानियां जुड़ी हुई हैं। भाइयों का बहनों के प्रति दायित्व क्या है इसका समय-समय पर पालन करने की याद दिलाता है।
रंग बिरंगी राखियों की रही धूम
बृहस्पतिवार को रक्षा बंधन पर्व के मौके पर रंगबिरंगी और लाइट युक्त राखियों की धूम रही। दुकानों पर राखी की खरीददारी करने के लिए सुबह से ही बहनों की भारी भीड़ उमड़ी रही। भाइयों की कलाई में कौन सी राखी अच्छी लगेगी इसके चयन के लिए बहनों ने दुकानों में देर तक मशक्कत की।
खप गई लाखों की मिठाई
भाई-बहन के प्रेम का पर्व रक्षा बंधन का मिठाई के दुकानदारों को बेसब्री से इंतजार रहता है। राखी बांधने के बाद बहनों द्वारा खिलाई जाने वाली मिठाई को बनाने की तैयारी दुकानदारों ने चार दिन पहले से कर रखी थी। बृहस्पतिवार को पर्व के मौके पर जिले भर में लाखों का कारोबार सिर्फ मिठाई से हुआ। जिले के सरायअकिल, तिल्हापुर मोड़, बेनीराम कटरा, चायल, मनौरी, पूरामुफ्ती, सल्लाहपुर, म्योहर, करारी, भरवारी, कनैली, विजिया, पश्चिम शरीरा, मंझनपुर, सिराथू, सैनी, अजुहा, मूरतगंज आदि प्रमुख बाजारों के सैकड़ों करोबारियों ने सुबह से शाम तक लाखों का कारोबार किया।
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सावन पूर्णिमा के अवसर पर भाई-बहन के प्रेम का पर्व रक्षाबंधन मनाया जाता है। इस साल राखी का यह त्योहार गुरुवार को मनाया गया। रक्षाबंधन की चहल-पहल तो सुबह से ही दिखने लगी थी। पर, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त दोपहर के पहले तक होने के कारण सुबह से ही सड़काें पर आने जाने वालों का तांता लगा रहा। बहनों ने पूजा की थाल सजाकर भाइयों की आरती उतारी। उनके माथे में हल्दी, कुमकुम और अक्षत का मंगल टीका लगाया। राखी बांधकर मुंह मीठा कराया।
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फिर उनसे तोहफे लेकर उनके जीवन में खुशियां आने की कामना की। भाइयों ने भी बहनों से हर दुख-सुख में साथ रहने का वादा किया। वहीं राखी पर दिनभर बाजारों में भी चहल-पहल दिखी। मंझनपुर, सिराथू, चायल, अजुहा, कड़ा, देवीगंज, भरवारी, करारी, मूरतगंज, सरायअकिल, मनौरी, पुरामुफ्ती, पश्चिमशरीरा समेत सभी बाजारों में मिठाई और राखी की दुकान पर तो दिनभर खरीददारों की भीड़ रही। वहीं रक्षाबंधन पर पुरोहितों ने भी यजमानों के घर पहुंचकर रक्षासूत्र बांधा।
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बूंदाबांदी का भी नहीं पड़ा कोई असर
रक्षाबंधन पर्व पर भोर से लेकर दोपहर तक कौशाम्बी में बारिश होती रही। बरसात की रिमझिम फुहारें भी भाई-बहन के स्नेह के रास्ते में कोई रोड़ा नहीं अटका सकीं। सुबह तमाम बहने ससुराल से भीगती हुई जहां भाई को राखी बांधने मायके आई। वहीं जिनकी बहनें किसी कारणवश घर नहीं आ सकीं। वे भाई भी राखी बंधवाने के लिए बहन के ससुराल गए।
अटूट रिश्ते का बंधन है राखी
रक्षा बंधन का पर्व हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। पर्व के महत्व को लेकर तमाम पौराणिक कहानियां जुड़ी हुई हैं। भाइयों का बहनों के प्रति दायित्व क्या है इसका समय-समय पर पालन करने की याद दिलाता है।
रंग बिरंगी राखियों की रही धूम
बृहस्पतिवार को रक्षा बंधन पर्व के मौके पर रंगबिरंगी और लाइट युक्त राखियों की धूम रही। दुकानों पर राखी की खरीददारी करने के लिए सुबह से ही बहनों की भारी भीड़ उमड़ी रही। भाइयों की कलाई में कौन सी राखी अच्छी लगेगी इसके चयन के लिए बहनों ने दुकानों में देर तक मशक्कत की।
खप गई लाखों की मिठाई
भाई-बहन के प्रेम का पर्व रक्षा बंधन का मिठाई के दुकानदारों को बेसब्री से इंतजार रहता है। राखी बांधने के बाद बहनों द्वारा खिलाई जाने वाली मिठाई को बनाने की तैयारी दुकानदारों ने चार दिन पहले से कर रखी थी। बृहस्पतिवार को पर्व के मौके पर जिले भर में लाखों का कारोबार सिर्फ मिठाई से हुआ। जिले के सरायअकिल, तिल्हापुर मोड़, बेनीराम कटरा, चायल, मनौरी, पूरामुफ्ती, सल्लाहपुर, म्योहर, करारी, भरवारी, कनैली, विजिया, पश्चिम शरीरा, मंझनपुर, सिराथू, सैनी, अजुहा, मूरतगंज आदि प्रमुख बाजारों के सैकड़ों करोबारियों ने सुबह से शाम तक लाखों का कारोबार किया।