फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   Raised a voice against obscenity in Dandiya-Garba

Kaushambi News: डांडिया-गरबा में अश्लीलता के खिलाफ उठाई आवाज

Fri, 16 Oct 2026 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Fri, 16 Oct 2026 12:20 AM IST
विज्ञापन
Raised a voice against obscenity in Dandiya-Garba
एनडी कालोनी में आयोजित अमर उजाला संवाद में चर्चा करती महिलाएं। संवाद
नवरात्र में डांडिया और गरबा आयोजनों में कथित तौर पर बढ़ती अश्लीलता और डीजे संस्कृति के खिलाफ महिलाओं ने आवाज उठाई है। बृहस्पतिवार को एनडी कॉलोनी में आयोजित महिला संवाद में नारी शक्ति और सांस्कृतिक संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने पारंपरिक गरबा की गरिमा बनाए रखने और धार्मिक आयोजनों को भारतीय संस्कृति के अनुरूप संपन्न कराने की मांग की।
विज्ञापन


नारी सशक्तिकरण संगठन की प्रदेश अध्यक्ष माया नामदेव ने कहा कि डांडिया और गरबा केवल मनोरंजन के साधन नहीं हैं, बल्कि मां दुर्गा की आराधना, शक्ति पूजा और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक है। कुछ आयोजनों में व्यावसायिक लाभ के लिए फूहड़ गानों और डीजे नाइट्स को बढ़ावा देने से पारंपरिक उत्सवों की मूल भावना प्रभावित होती है। आयोजकों को धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादाओं का ध्यान रखना चाहिए।
विज्ञापन


कार्यकारी अध्यक्ष रिचा रस्तोगी ने कहा कि महिला संगठनों और सांस्कृतिक समूहों की ओर से प्रशासन से आयोजनों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश लागू करने की मांग की जा रही है। वहीं, मंडल की कार्यकारी अध्यक्ष मनोरमा केसरवानी ने पारंपरिक और शालीन गीतों पर ही नृत्य करने की अपील की। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

---- इनसेट---
महिलाओं की सुरक्षा के लिए हो पुख्ता इंतजाम

जिला कार्यकारी अध्यक्ष विनीता केसरवानी और जिला अध्यक्ष प्रीति कौशल ने कहा कि आयोजनों में पंजीकरण व्यवस्था के साथ महिला सुरक्षा कर्मियों और सादे कपड़ों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जानी चाहिए, ताकि छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।


मंडल सचिव दिव्या गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष दीपमाला केसरवानी और जिला कार्यकारी अध्यक्ष रीना केसरवानी ने कहा कि सामूहिक डांडिया उत्सवों के जरिए नारी सशक्तीकरण और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया जा रहा है। इनमें दादी, नानी, मां और बेटियां पारंपरिक परिधानों में शामिल होकर उत्सव को पारिवारिक स्वरूप प्रदान कर रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed