फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   railway keyman saved the life of passangers

मुसाफिरों की जान बचाने को दो सौ मीटर रेलवे पटरी पर दौड़ा रेलवे कीमैन

Wed, 22 Dec 2021 06:30 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 22 Dec 2021 06:30 PM IST
विज्ञापन
railway keyman saved the life of passangers
अटसराय रेलवे स्टेशन के समीप बुधवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा कीमैन की सर्तकता के कारण टल गया। दिल्ली-हावड़ा रेलवे लाइन पर पटरी की मरम्मत कर रहे कीमैन ने डाउन पर पटरी टूटी देखी तो हैरान रह गया। इस बीच कानपुर की तरफ से ट्रेन आती दिखी तो कीमैन पटरी पर करीब दो सौ मीटर दौड़ते हुए पहुंचा और सिग्नल पटाखा दागा। धमाके को सुन ट्रेन चालक ने खतरा भांप गाड़ी की रफ्तार धीमी कर दी। इसके बाद 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना किया जा सका। दोपहर तक सारी यात्री व मालगाड़ी धीमी रफ्तार से गुजारने के बाद ट्रैक की मरम्मत की जा सकी।
विज्ञापन

दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर अटसराय रेलवे स्टेशन में कीमैन गंगादीन की ड्यूटी है। गंगादीन को धुमाई से लेकर मकरी बाग तक करीब तीन किलोमीटर पटरी को चेक करना होता है। रोज की तरह गंगादीन बुधवार सुबह रेलवे लाइन को चेक कर रहा था। इस बीच भैरव बाबा देव स्थान के पास उसकी नजर डाउन लाइन पर टूटी हुई पटरी पर गई। रेलवे पटरी के बीच करीब चार इंच का फासला (गैप) था। गंगादीन कुछ करता, इससे पहले डाउन लाइन पर ही कानपुर की तरफ से कोई यात्री ट्रेन आती दिखी। खतरा भांप गंगादीन करीब दो सौ मीटर भागते हुए ट्रेन के करीब पहुंचा और पटरी पर सिग्नल पटाखा रख दिया। ट्रेन का इंजन जैसे ही पटाखे पर चढ़ा तो जोर का धमाका हुआ।
विज्ञापन

इस पर ट्रेन चालक ने खतरा भांप लिया और गाड़ी की रफ्तार काफी धीमी कर दी। इसके बाद 20 किमी की रफ्तार से किसी तरह ट्रेन गंतव्य के लिए रवाना की गई। घटना की जानकारी रेलवे के अफसरों को खबर दी गई। इसके बाद दोपहर एक बजकर 15 मिनट से दो बजकर 55 मिनट तक पटरी की मरम्मत हुई। इस बीच डाउन लाइन पर कुछ ट्रेन प्रभावित हुई। रेलवे लाइन टूटने के बाबत पीडब्लूआई शुभम सिंघल का कहना है कि ठंड के दिनों में पटरियों का चिटखना आम बात होती है। इसी वजह से बराबर ट्रैक की निगरानी कराई जाती है। सिग्नल पटाखा कीमैन, ट्रेन चालक व गार्ड के पास हमेशा रहता है। किसी खतरे के अंदेशे पर इसे दागा जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed