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करारी के सैयद अख्तर मेहंदी को मिला महर्षि वादरायण व्यास सम्मान
Fri, 05 Apr 2019 12:18 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Fri, 05 Apr 2019 12:18 AM IST
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करारी (ब्यूरो)। कस्बे के रहने वाले जेएनयू से सेवानिवृत्त प्रोफेसर सैयद अख्तर मेंहदी को दिल्ली में उपराष्ट्रपति ने महर्षि वादरायण व्यास सम्मान से सम्मानित किया। सैयद मेहंदी रिटायरमेंट के बाद भी छात्रों की मांग पर जेएनयू के फारसी विभाग में पढ़ा रहे हैं।
करारी कस्बे के चमनगंज मोहल्ले में जन्मे सैयद अख्तर मेहंदी की शुरुआती शिक्षा करारी इंटर कॉलेज से हुई।1978 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उन्होंने फारसी में पीएचडी की। इसके बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय दिल्ली में अफसर के रूप में काम किया। 1990 में उन्होंने जेएनयू दिल्ली ज्वाइन किया। वर्ष 2009 में उन्हें अंतरराष्ट्रीय गालिब अवार्ड मिला। वर्ष 2010 में तेहरान में विश्वविद्यालय ईरान ने प्रशस्तिपत्र दिया।
ईरान सरकार ने उन्हें लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया। सैयद अख्तर के संरक्षण में 20 लोग पीएचडी कर चुके हैं। फरवरी 2017 में वह सेवानिवृत्त हुए। भाषा विज्ञान के क्षेत्र में दिए जाने वाले राष्ट्रपति पुरस्कार से उन्हें 15 अगस्त 2018 को नवाजा गया। गुरुवार को राजधानी दिल्ली में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने उन्हें महर्षि वादरायण व्यास सम्मान से सम्मानित किया। सैयद अख्तर मेहंदी को मिले इस सम्मान से करारी के लोग गदगद हैं। उनके भतीजे मजलिसी का कहना है इस सम्मान नेे परिवार ही नही करारी के लोगों का सिर सम्मान से ऊंचा कर दिया है।
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प्रोफेसर मेहंदी परिवार के साथ दिल्ली में रहते हैं। यहां उनके भतीजे मजलिसी आदि ही रहते हैं। मजलिसी बताते है कि प्रोफेसर दुनिया में चाहे जहां भी रहें लेकिन मोहर्रम में दस दिन के लिए करारी जरूर आते हैं।
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करारी कस्बे के चमनगंज मोहल्ले में जन्मे सैयद अख्तर मेहंदी की शुरुआती शिक्षा करारी इंटर कॉलेज से हुई।1978 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उन्होंने फारसी में पीएचडी की। इसके बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय दिल्ली में अफसर के रूप में काम किया। 1990 में उन्होंने जेएनयू दिल्ली ज्वाइन किया। वर्ष 2009 में उन्हें अंतरराष्ट्रीय गालिब अवार्ड मिला। वर्ष 2010 में तेहरान में विश्वविद्यालय ईरान ने प्रशस्तिपत्र दिया।
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ईरान सरकार ने उन्हें लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया। सैयद अख्तर के संरक्षण में 20 लोग पीएचडी कर चुके हैं। फरवरी 2017 में वह सेवानिवृत्त हुए। भाषा विज्ञान के क्षेत्र में दिए जाने वाले राष्ट्रपति पुरस्कार से उन्हें 15 अगस्त 2018 को नवाजा गया। गुरुवार को राजधानी दिल्ली में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने उन्हें महर्षि वादरायण व्यास सम्मान से सम्मानित किया। सैयद अख्तर मेहंदी को मिले इस सम्मान से करारी के लोग गदगद हैं। उनके भतीजे मजलिसी का कहना है इस सम्मान नेे परिवार ही नही करारी के लोगों का सिर सम्मान से ऊंचा कर दिया है।
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प्रोफेसर मेहंदी परिवार के साथ दिल्ली में रहते हैं। यहां उनके भतीजे मजलिसी आदि ही रहते हैं। मजलिसी बताते है कि प्रोफेसर दुनिया में चाहे जहां भी रहें लेकिन मोहर्रम में दस दिन के लिए करारी जरूर आते हैं।