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एक-एक बाल्टी पेयजल के लिए बहा रहे पसीना

Sat, 10 Sep 2016 12:28 AM IST
काौश्ााम्बी ब्यूरो
काौश्ााम्बी ब्यूरो Updated Sat, 10 Sep 2016 12:28 AM IST
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problem in vikaskhand muratganj
ट्रांसफार्मर फटा, हादसा टला - फोटो : अमर उजाला
विकास खंड मूरतगंज की कई ग्राम सभाओं में बूंद-बूंद पानी का संकट है। पेयजल टंकी का ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद से ग्रामीण एक-एक बाल्टी पानी के लिए पसीना बहा रहे हैं। जिम्मेदार हैं कि दस दिन से फुंके ट्रांसफार्मर को बदलने का नाम नहीं ले रहें है। दस दिन से ठप पेयजल आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं में बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी है।
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 विकास खंड मूरतगंज के आलमचंद गांव में लगी पानी की टंकी से स्थानीय ग्रामीणों के अलावा हर्रायपुर, नसीरपुर, पट्टी नरवर, आदमपुर, नादिरअली, छीतापुर समेत दर्जनभर गांवों को पेयजल आपूर्ति की जाती है। दस दिन पहले पेयजल टंकी के लिए लगा ट्रांसफार्मर अचानक फुंक गया। इसससे संबंधित सभी गांवों की पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। सप्लाई बंद होने सभी गांवों में पानी को लेकर हाहाकार मच गया है। गांवों में लगे ज्यादातर हैंडपंपों के खराब होने से लोगों को बाल्टी भर पानी के लिए दूर जाना पड़ता है। तेज धूप और उमस भरी गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए मशक्कत कर रहे ग्रामीणों के बदन का पानी निकल रहा है। यहां तक कि पानी के अभाव में कई लोग स्नान तक नहीं कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि दस दिन बीत जाने के बाद भी पेयजल परियोजना का ट्रांसफार्मर बदले जाने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है।
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वहीं आलमचंद्र निवासी मो. अकरम का कहना है कि गांव की पेयजल आपूर्ति दस दिन से ठप है। भूगर्भ जल स्तर नीचे जाने की वजह से 50 प्रतिशत से अधिक हैंडपंप खराब हैं। पेयजल आपूर्ति बंद होने से ग्रामीणों को दूसरे मोहल्लों में लगे हैंडपम्पों से पानी लाना पड़ रहा है। पीने के लिए पानी जुटाने में ग्रामीणों के बदन का तेल निकल रहा है। हर्रायपुर निवासी मुन्नालाल का कहना है कि  हर्रायपुर चौराहे पर मेरी मिठाई की दुकान है। पेयजल आपूर्ति ठप होने से ग्राहकों को पानी पिलाने में कठिनाई हो रही है। दूर लगे हैंडपंप से पानी लाकर किसी तरह ग्राहकों को उपलब्ध कराया जाता है। दुकान का कामकाज छोड़कर एक आदमी को दिनभर पानी ढोना पड़ता है। नसीरपुर निवासी दुखीलाल का कहना है कि टंकी का ट्रांसफार्मर फुंकने से पेयजल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। पानी के अभाव में दो दिन से मैंने नहाया तक नहीं। किसी तरह दूर लगे हैंडपंपों से पेयजल जुटाकर काम चलाया जा रहा है। एसडीओ मनौरी इंद्रभान सिंह का कहना है कि मामले की जानकारी मिली है। जेई ने पेयजल परियोजना का दस दिन से फुंका ट्रांसफार्मर बदलवाने का प्रयास किया था। तेल की कमी के चलते देरी हुई है। एक दो दिन में ट्रांसफार्मर लगवा दिया जाएगा।
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