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बेतहाशा बिजली कटौती से तराई के लोग परेशान
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Thu, 31 Mar 2016 12:34 AM IST
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कौशाम्बी के यमुना की तराई के गांवों में गर्मी आते ही बिजली आपूर्ति का रोस्टर धड़ाम हो चुका है। अंधाधुंध बिजली कटौती से लोग परेशान है। कौशाम्बी के यमुना तराई के गांव कायमपुर, लोध पुरवा, मोहद्दीनपुर, फरीदनपुर, गोपाल मिश्र का पुरा, अवाना, बेलहना, सोधिया, सतारगंज, कोरांव आदि गांवों में बिजली की आपूर्ति करारी उपकेंद्र से होती है। इन गांवों में बिजली सप्लाई के लिए उपकेंद्र से म्योहर फीडर के नाम से लाइन खींची गई है। मोहद्दीनपुर गांव निवासी रोहित कुमार मिश्र, आलोक कुमार, अंकित कुमार, वीरेंद्र कुमार, रामसलोन, रामबाबू आदि ने बताया कि गर्मी आते ही बिजली की अंधाधुंध कटौती फिर शुरू हो गई है।
15 दिनों से तो आपूर्ति का रोस्टर भी पूरी तरह से धड़ाम हो चुका है। बिजली कब आएगी, कब गुल हो जाएगी? इसका भी कोई समय नहीं है। लोगों में गुस्सा है कि कई दिनों से दिन और शाम के समय तो एक मिनट के लिए सप्लाई नहीं की जा रही है। रात 12 बजे बिजली दी जाती है और सुबह 4 से 5 बजे के बीच कट जाती है। सोते समय बिजली आपूर्ति होने और जागने से पहले इसके गुल हो जाने से लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोगों को रात अंधेरे में गुजारनी पड़ रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत किसानों को है। नलकूप शोपीस बने हुए हैं। सिंचाई नहीं हो पाने से फसलें बर्बाद हो रही हैं। गुस्सा है कि कई बार एसडीओ, जेई से शिकायत की गई, लेकिन कोई भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
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15 दिनों से तो आपूर्ति का रोस्टर भी पूरी तरह से धड़ाम हो चुका है। बिजली कब आएगी, कब गुल हो जाएगी? इसका भी कोई समय नहीं है। लोगों में गुस्सा है कि कई दिनों से दिन और शाम के समय तो एक मिनट के लिए सप्लाई नहीं की जा रही है। रात 12 बजे बिजली दी जाती है और सुबह 4 से 5 बजे के बीच कट जाती है। सोते समय बिजली आपूर्ति होने और जागने से पहले इसके गुल हो जाने से लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोगों को रात अंधेरे में गुजारनी पड़ रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत किसानों को है। नलकूप शोपीस बने हुए हैं। सिंचाई नहीं हो पाने से फसलें बर्बाद हो रही हैं। गुस्सा है कि कई बार एसडीओ, जेई से शिकायत की गई, लेकिन कोई भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
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