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माफिया अतीक के सरकारी गनर को खोज नहीं सकी सूबे के 75 जिलों की पुलिस

Tue, 14 Mar 2023 05:23 AM IST
विनोद सिंह आदर्श श्रीवास्तव, कौशांबी
आदर्श श्रीवास्तव, कौशांबी Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 14 Mar 2023 05:23 AM IST
सार

राजूपाल हत्याकांड में आरोपी बनाए गए माफिया अतीक अहमद को मिला सरकारी गनर भी भूमिगत हो गया है। माफिया को फूलपुर से सांसद रहने के दौरान सुरक्षा कर्मी मुहैया कराए गए थे। अतीक के जेल जाने के बाद उसकी सुरक्षा में लगा एहतेशाम भी भूमिगत हो गया।

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Police of 75 districts of the state could not find the official gunner of Mafia Atiq
अतीक अहमद। फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राजूपाल हत्याकांड में आरोपी बनाए गए माफिया अतीक अहमद को मिला सरकारी गनर भी भूमिगत हो गया है। माफिया को फूलपुर से सांसद रहने के दौरान सुरक्षा कर्मी मुहैया कराए गए थे। अतीक के जेल जाने के बाद उसकी सुरक्षा में लगा एहतेशाम भी भूमिगत हो गया। प्रदेश के 75 जिलों की पुलिस अब तक उसे खोज नहीं सकी है। पता चला है कि काफी दिनों से बिना सूचना ड्यूटी से नदारत रहने के कारण पुलिस कर्मी को सेवा से बर्खास्त भी कर दिया गया है।

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माफिया अतीक अहमद वर्ष 2004 में फूलपुर से सांसद चुना गया था। इससे पहले वह प्रयागराज शहर पश्चिमी से विधायक रहा। सांसद बनने के बाद अतीक को विधायक का पद छोड़ना पड़ा। शहर पश्चिमी विधानसभा सीट से अतीक ने अपने भाई अशरफ को चुनाव मैदान में उतारा। इस उपचुनाव में बसपा के टिकट से चुनाव लड़े राजूपाल ने अशरफ को हरा दिया। यह कसक माफिया अतीक को घर कर गई थी। इसके बाद 25 जनवरी 2005 को राजूपाल की हत्या कर दी गई।

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इस मामले में अतीक का नाम सामने आया। पुलिस ने अतीक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस दौरान एक खास बात यह रही कि जब अतीक सांसद था तो उसका गनर सरायअकिल कोतवाली के पुरखास गांव का एहतेशाम उर्फ करीम बाबा उर्फ छोटे हुआ करता था। सिपाही एहतेशाम ने अतीक के जेल जाने के बाद पुलिस लाइन में अपनी आमद दर्ज नहीं कराई।

पुलिस सूत्रों की मानें तो अतीक के जेल जाने के बाद से ही एहतेशाम ने भी नौकरी से तौबा कर ली और अतीक गैंग के लिए काम करने लगा। काफी प्रयास के बाद भी एहतेशाम नहीं मिल सका। सूत्र बताते हैं कि एहतेशाम को बर्खास्त भी कर दिया गया है। माना जा रहा है कि वह भी अतीक गैंग का सक्रिय सदस्य है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।

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अतीक अहमद। फाइल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया

पुरखास तक ही सीमित थी एहतेशाम की तलाश

पुरखास गांव निवासी एहतेशाम के ड्यूटी से अचानक गायब होने के बाद पुलिस की टीमें उसकी तलाश में सिर्फ खानापूर्ति करती रहीं। गांव के कुछ पूर्व प्रधानों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि अक्सर पुलिस उनके पास आकर एहतेशाम के बाबत पूछताछ करती थी। इसके बाद यह लिखवाकर ले लिया जाता था कि एहतेशाम गांव में नहीं रहता है। कई बार इस तरह का प्रमाण पत्र पुलिस ने गांव के प्रधानों से लिया। अब प्रयागराज में राजूपाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल व दो सरकारी गनर की हत्या के बाद एहतेशाम की चर्चा होने लगी। पता चला कि प्रदेश के 75 जिलों की पुलिस उसका पता लगाने में जुटी है। लेकिन, वह कहां है? इसका पता अब तक नहीं चल सका है।

 

अतीक अहमद जब सांसद था तब उनकी सुरक्षा में पुरखास गांव के एहतेशाम को लगाए जाने की बात पता चली है। एहतेशाम के बाबत पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। उसे पुलिस विभाग ने बर्खास्त किया है अथवा नहीं? इसकी सही जानकारी नहीं है। - बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसपी

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