{"_id":"5d6d633b8ebc3e01463f24a7","slug":"people-bounded-the-cows-kaushambi-news-ald253819890","type":"story","status":"publish","title_hn":"अन्ना मवेशियों से परेशान किसानों ने उन्हें बाजार में बनाया बंधक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अन्ना मवेशियों से परेशान किसानों ने उन्हें बाजार में बनाया बंधक
विज्ञापन
people bounded the cows
- फोटो : KAUSHAMBI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परेशान किसानों ने आवारा मवेशियों को बाजार में किया कैद
बजट का बहाना बताकर विकास विभाग ने गोशाला निर्माण से खड़े किए हाथ
पश्चिमशरीरा। सरसवां विकास खंड के बैरमपुर गांव के किसानों ने अपने स्तर पर अन्ना मवेशियों से निपटने की कवायद शुरू कर दिया है। किसानों ने बाजार में दर्जनों आवारा मवेशियों को कैद कर दिया। मामले की जानकारी होने के बाद भी विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों ने मवेशियों को महफूज रखवाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
बैरमपुर में अस्थाई गोशाला नहीं हैं। सैकड़ों की संख्या में आवारा मवेशी किसानों की फसल बर्बाद कर रहे हैं। किसान मामले की शिकायत ब्लाक प्रशासन से करते हैं लेकिन उन्हें गोशाला के लिए बजट नहीं होने की बात कहकर टहला दिया जाता है। इसके कारण खुलेआम घूम रहे अन्ना मवेशी किसानों की फसल को चट कर रहे हैं। गांव के पुष्पराज, केशनलाल, राजेश, राज कुमार चौबे की अगुवाई में जुटे गांव के लोगों ने आवारा मवेशियों को पहले बंधक बनाया, इसके बाद सभी को हांक कर स्थानीय बाजार में बंधक बना दिया। बाजार में चहारदीवारी कराकर गेट लगा रखा है। इसी जमीन पर हर सप्ताह बुधवार और रविवार को बाजार लगती है। बाजार की देखरेख कर रहे वीरेंद्र सिंह का कहना है कि किसानों की समस्या के मद्देनजर बाजार के अंदर मवेशियों को सुरक्षित करवा दिया गया है। प्रशासन ने अगर इन्हें गोशाला में नहीं भेजा तो आने वाले बुधवार को बाजार के दिन सभी मवेशियों को छोड़ दिया जाएगा। वहीं गांव के लोगों का कहना है कि मामले की जानकारी प्रधान फूलचंद्र और सेक्रेटरी दिनेश सिंह को भी दी गई। इसके बाद भी किसी ने कोई पहल नहीं की।
बीडीओ सरसवां, श्रीराम जायसवाल का कहना है कि गोशाला बनाने के लिए फिलहाल बजट नहीं है। ग्रामीणों ने गोशाला के लिए कहा था, उन्हें कहा गया है कि बजट आते ही गोशाला का निर्माण कराया जाएगा। ऐसे में अगर कोई मवेशियों को कहीं बंधक बनाता है तो उसका उत्तरदायित्व खुद का होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बजट का बहाना बताकर विकास विभाग ने गोशाला निर्माण से खड़े किए हाथ
पश्चिमशरीरा। सरसवां विकास खंड के बैरमपुर गांव के किसानों ने अपने स्तर पर अन्ना मवेशियों से निपटने की कवायद शुरू कर दिया है। किसानों ने बाजार में दर्जनों आवारा मवेशियों को कैद कर दिया। मामले की जानकारी होने के बाद भी विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों ने मवेशियों को महफूज रखवाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
बैरमपुर में अस्थाई गोशाला नहीं हैं। सैकड़ों की संख्या में आवारा मवेशी किसानों की फसल बर्बाद कर रहे हैं। किसान मामले की शिकायत ब्लाक प्रशासन से करते हैं लेकिन उन्हें गोशाला के लिए बजट नहीं होने की बात कहकर टहला दिया जाता है। इसके कारण खुलेआम घूम रहे अन्ना मवेशी किसानों की फसल को चट कर रहे हैं। गांव के पुष्पराज, केशनलाल, राजेश, राज कुमार चौबे की अगुवाई में जुटे गांव के लोगों ने आवारा मवेशियों को पहले बंधक बनाया, इसके बाद सभी को हांक कर स्थानीय बाजार में बंधक बना दिया। बाजार में चहारदीवारी कराकर गेट लगा रखा है। इसी जमीन पर हर सप्ताह बुधवार और रविवार को बाजार लगती है। बाजार की देखरेख कर रहे वीरेंद्र सिंह का कहना है कि किसानों की समस्या के मद्देनजर बाजार के अंदर मवेशियों को सुरक्षित करवा दिया गया है। प्रशासन ने अगर इन्हें गोशाला में नहीं भेजा तो आने वाले बुधवार को बाजार के दिन सभी मवेशियों को छोड़ दिया जाएगा। वहीं गांव के लोगों का कहना है कि मामले की जानकारी प्रधान फूलचंद्र और सेक्रेटरी दिनेश सिंह को भी दी गई। इसके बाद भी किसी ने कोई पहल नहीं की।
विज्ञापन
बीडीओ सरसवां, श्रीराम जायसवाल का कहना है कि गोशाला बनाने के लिए फिलहाल बजट नहीं है। ग्रामीणों ने गोशाला के लिए कहा था, उन्हें कहा गया है कि बजट आते ही गोशाला का निर्माण कराया जाएगा। ऐसे में अगर कोई मवेशियों को कहीं बंधक बनाता है तो उसका उत्तरदायित्व खुद का होगा।
विज्ञापन