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Kaushambi News: पानी तो मिला नहीं, तीन साल से टंकी बनते ही देख रहे ग्रामीण
Tue, 19 Aug 2025 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 19 Aug 2025 01:24 AM IST
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जाफरपुर महावा गांव की अधूरी पानी टंकी। संवाद
जल जीवन मिशन योजना के तहत सरसवां ब्लॉक के जाफरपुर महावा गांव में करीब 3.18 करोड़ की लागत से पानी की टंकी का निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीणों की उम्मीद थी कि इससे पानी का संकट खत्म हो जाएगा लेकिन तीन साल के बाद भी काम पूरा नहीं हो सका। विभागीय अफसर जहां 60 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा कर रहे हैं जबकि जमीनी हकीकत यह है कि अभी तक केवल 30 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है।
जाफरपुर महावां और अमरुपुर गांव के करीब ढाई हजार घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की योजना बनाई गई थी। थोड़े दिन के बाद ठेकेदार की उदासीनता और कंपनी को भुगतान न मिलने की वजह से काम बीच में ही ठप हो गया। ऐसे में अधूरा काम छोड़ देने से न केवल टंकी का निर्माण कार्य रुक गया बल्कि गांव की टूटी सड़कों और उखड़ी पाइपलाइन ने दुश्वारियां और बढ़ा दी हैं।
ग्रामीण रामसिंह, राजू गुप्ता, सूरज कुमार और नरेश आदि का कहना है कि योजना शुरू होते ही पंचायत ने पुराने सरकारी हैंडपंपों का रिबोर कराना भी बंद कर दिया जिसके कारण पीने के पानी की समस्या और विकराल हो गई है। सड़कों को तोड़कर बिछाई गई पाइपलाइन की मरम्मत न होने से आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, तीन साल से इंतजार कर रहे हैं लेकिन न टंकी बनी और न पानी मिला।
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टंकी का निर्माण तीन साल से ज्यादा समय से किया जा रहा है। इसे अब तक पूरा नहीं किया गया। अब तक गांव के लोगों को पानी की समस्या हल नहीं हुई। बीरेंद्र दिवाकर, ग्रामीण
- ठेकेदार ने पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़क खोदी थी जिसे अब तक नहीं बनाया गया। साथ ही पाइप लाइन भी अधूरी है। - मूलचंद्र लोधी, ग्रामीण
कंपनी का भुगतान अटका हुआ है। भुगतान होते ही कार्य दोबारा शुरू हो जाएगा। मार्च 2026 तक इस योजना को पूरा करना है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैंं। जैपाल सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम
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जाफरपुर महावां और अमरुपुर गांव के करीब ढाई हजार घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की योजना बनाई गई थी। थोड़े दिन के बाद ठेकेदार की उदासीनता और कंपनी को भुगतान न मिलने की वजह से काम बीच में ही ठप हो गया। ऐसे में अधूरा काम छोड़ देने से न केवल टंकी का निर्माण कार्य रुक गया बल्कि गांव की टूटी सड़कों और उखड़ी पाइपलाइन ने दुश्वारियां और बढ़ा दी हैं।
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ग्रामीण रामसिंह, राजू गुप्ता, सूरज कुमार और नरेश आदि का कहना है कि योजना शुरू होते ही पंचायत ने पुराने सरकारी हैंडपंपों का रिबोर कराना भी बंद कर दिया जिसके कारण पीने के पानी की समस्या और विकराल हो गई है। सड़कों को तोड़कर बिछाई गई पाइपलाइन की मरम्मत न होने से आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, तीन साल से इंतजार कर रहे हैं लेकिन न टंकी बनी और न पानी मिला।
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टंकी का निर्माण तीन साल से ज्यादा समय से किया जा रहा है। इसे अब तक पूरा नहीं किया गया। अब तक गांव के लोगों को पानी की समस्या हल नहीं हुई। बीरेंद्र दिवाकर, ग्रामीण
- ठेकेदार ने पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़क खोदी थी जिसे अब तक नहीं बनाया गया। साथ ही पाइप लाइन भी अधूरी है। - मूलचंद्र लोधी, ग्रामीण
कंपनी का भुगतान अटका हुआ है। भुगतान होते ही कार्य दोबारा शुरू हो जाएगा। मार्च 2026 तक इस योजना को पूरा करना है। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैंं। जैपाल सिंह, अधिशासी अभियंता, जल निगम

जाफरपुर महावा गांव की अधूरी पानी टंकी। संवाद

जाफरपुर महावा गांव की अधूरी पानी टंकी। संवाद