फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   National Lok Adalat : 5815 cases deal

राष्ट्रीय लोक अदालत: निपटे 5815 मुकदमे

Sun, 07 Dec 2014 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 07 Dec 2014 12:29 AM IST
विज्ञापन
National Lok Adalat : 5815 cases deal
मंझनपुर। लंबित मुकदमों के निस्तारण के लिए शनिवार को जिला न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत लगी। इसमें कई बरसों से लंबित 5815 मुकदमे सुलह-समझौते के आधार पर निपटे। इस दौरान अर्थदंड के साथ ही दुर्घटना, बैंकों में ऋण की अदायगी आदि के रूप में 2.33 करोड़ रुपये की वसूली भी की गई।
विज्ञापन

साथ ही न्यायमूर्ति मोटर दुर्घटना के पीड़ितों में 17 लाख रुपये का चेक वितरित किया। इससे पहले लोक अदालत का उद्घाटन करते हुए उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति और कौशाम्बी के प्रशासनिक न्यायाधीश महेशचंद्र त्रिपाठी ने न्यायिक अफसरों और अधिवक्ताओं को अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों से जुड़े रहने की सीख दी। उन्होंने कहा कि लोक अदालतें प्राचीन न्यायिक व्यवस्था के अनुरूप हैं, क्योंकि तब सुलह-समझौते के आधार पर बडे़ से बड़े विवाद निपटा लिए जाते थे।
विज्ञापन

लंबित मुकदमों को बोझ न्यायालयों से हटाने के उद्देश्य से शनिवार को कौशाम्बी में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई थी। इसका शुभारंभ उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति महेशचंद्र त्रिपाठी ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि लोक अदालतों के माध्यम प्राचीन न्याय प्रणाली के नजदीक है। कहाकि सभी को सुलह-समझौते के आधार पर न्याय मिले, यही इसका मूल है। इस दौरान उन्होंने यहां की न्याय पालिका और कार्यपालिका के बेहतर समन्वय की सराहना भी की। कहाकि यही कारण है कि कौशाम्बी की कानून-व्यवस्था अन्य जनपदों से बेहतर है। इससे पहले जनपद न्यायाधीश उमेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत की महत्ता लोगों को समझाई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एसीजेएम सुरजन सिंह ने बताया कि इस वर्ष अब तक विधिक साक्षरता शिविरो के माध्यम से 5814 छोटे-छोटे वादों का निस्तारण किया जा चुका है।
वहीं शनिवार को लगी राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर कुल 5815 मुकदमों का निस्तारण किया गया। साथ ही अर्थदंड, दुर्घटना वाद और बैंकों के ऋण की अदायगी के रूप में 2 करोड़ 33 लाख 44300 रुपये की वसूली भी की गई। इस मौके पर पारिवारिक न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी परमानंद शुक्ल, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेमनाथ शुक्ला, पूर्व अध्यक्ष नर नारायण मिश्र, जिलाधिकारी राजमणि यादव, एसपी रतनकांत पांडेय आदि मौजूद रहे।
 राष्ट्रीय लोक अदालत के मौके पर आए उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति महेशचंद्र त्रिपाठी ने इस दौरान दीवानी न्यायालय परिसर में वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र की आधारशिला भी रखी। बता दें कि अब तक जनपद न्यायालय में इस समाधान केंद्र का भवन नहीं था। जहां बैठकर सदस्यगण समाधान के माध्यम से छोटे-छोटे विवादों का निस्तारण कर सकें। इससे पहले कौशाम्बी आने पर न्यायमूर्ति का पुलिस की टुकड़ी द्वारा सलामी दी गई।  

राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नर नारायण मिश्र ने न्यायमूर्ति महेशचंद्र त्रिपाठी के सामने वकीलों के बैठने के चैंबर निर्माण की मांग की। उन्होंने न्यायमूर्ति को बताया कि चैंबर निर्माण के लिए 50 लाख रुपये डंप है। पर, जमीन की समस्या के कारण इसका निर्माण नहीं हो पा रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायमूर्ति ने जनपद न्यायाधीश और जिलाधिकारी को इस प्रकरण का निस्तारण 25 दिसंबर तक कराने को कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed