{"_id":"65230524d63480f945040fa4","slug":"mohan-was-murdered-due-to-rivalry-all-three-accused-arrested-kaushambi-news-c-261-1-sald1002-3948-2023-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: रंजिश को लेकर की गई थी मोहन की हत्या, तीनों आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: रंजिश को लेकर की गई थी मोहन की हत्या, तीनों आरोपी गिरफ्तार
Mon, 09 Oct 2023 01:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 09 Oct 2023 01:08 AM IST
विज्ञापन
नेवादा। सरायअकिल इलाके में पखवाड़े भर पहले हुई युवक की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। युवक की हत्या पुरानी रंजिश को लेकर की गई थी। पुलिस ने हत्या में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही आलाकत्ल भी बरामद कर लिया है। रविवार को तीनों आरोपी जेल भेज दिए गए।
फकीराबाद (खरका) निवासी मोहनलाल (38) की 19 सितंबर की रात गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। अगले दिन सुबह बिरनेर गांव के समीप अंबारी माइनर में उसका रक्तरंजित शव मिला था। मामले में मृतक के पिता रतऊ ने बहू गुड़िया और उसके अज्ञात प्रेमी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करा दिया था। पुलिस ने गुड़िया और उसके कथित प्रेमी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। दोनों के नंबर सर्विलांस पर लेकर सीडीआर निकलवाया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
इस पर पुलिस ने जांच की दिशा बदल मोहन की पुरानी रंजिश को लेकर फाइलें पलटी तो चौंकाने वाली जानकारी हाथ लगी। पुलिस के मुताबिक 19 सितंबर की शाम जब मोहन अपने घर से आरा मशीन लकड़ी खरीदने निकला था तो रास्ते में उसे पड़ोसी हवीबुर्रहमान उर्फ नन्हे मियां, पठनपुरवा निवासी इस्लाम व रसूलपुर टप्पा गांव का दिनेश उर्फ गब्बर मिले। तीनों ने उसे बहाने से रोक लिया और फिर साथ बैठक कर शराब पी। इसके बाद कुल्हाड़ी और चाकू से गला रेतकर हत्या कर शव बिरनेर गांव के पास अंबारी माइनर में फेंक दिया था।
विज्ञापन
रविवार को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर तीनों हत्यारोपियों को रसूलपुर टप्पा ईदगाह के पास से गिरफ्तार कर लिया। इनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त आलाकत्ल कुल्हाड़ी, चाकू और मृतक मोहनलाल के पैर की एक चप्पल को बरामद किया। इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने बताया कि आरोपी इस्लाम, मोहन के पड़ोसी नन्हे मियां के भाई के घर पर किरायेदार था। वहीं पर दिनेश उर्फ गब्बर का भी आना जाना लगा रहता था। मृतक मोहन और दोनों आरोपी साथ बैठकर अक्सर शराब भी पीते थे। हत्याकांड के एक महीने पहले तीनों में झगड़ा भी हुआ था। इसका फायदा उठाते हुए नन्हे मियां ने इस्लाम व दिनेश के साथ मिल मोहनलाल के हत्या की साजिश रच डाली।
बताया जाता है कि मृतक मोहन की मां देवपती ने वर्ष 2020 में पड़ोसी हवीबुर्रहमान उर्फ नन्हे मियां के खिलाफ मारपीट और अनुसूचित जाति उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी से परिजनों ने 85 हजार रुपये लेकर सुलह भी कर लिया था, लेकिन एससीएसटी एक्ट के तहत धनराशि नहीं मिलने पर मोहन की मां समझौते से मुकर गई थी। इसी बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश में मोहन को अपनी जान गंवाना पड़ी।
विज्ञापन
फकीराबाद (खरका) निवासी मोहनलाल (38) की 19 सितंबर की रात गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। अगले दिन सुबह बिरनेर गांव के समीप अंबारी माइनर में उसका रक्तरंजित शव मिला था। मामले में मृतक के पिता रतऊ ने बहू गुड़िया और उसके अज्ञात प्रेमी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करा दिया था। पुलिस ने गुड़िया और उसके कथित प्रेमी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। दोनों के नंबर सर्विलांस पर लेकर सीडीआर निकलवाया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
विज्ञापन
इस पर पुलिस ने जांच की दिशा बदल मोहन की पुरानी रंजिश को लेकर फाइलें पलटी तो चौंकाने वाली जानकारी हाथ लगी। पुलिस के मुताबिक 19 सितंबर की शाम जब मोहन अपने घर से आरा मशीन लकड़ी खरीदने निकला था तो रास्ते में उसे पड़ोसी हवीबुर्रहमान उर्फ नन्हे मियां, पठनपुरवा निवासी इस्लाम व रसूलपुर टप्पा गांव का दिनेश उर्फ गब्बर मिले। तीनों ने उसे बहाने से रोक लिया और फिर साथ बैठक कर शराब पी। इसके बाद कुल्हाड़ी और चाकू से गला रेतकर हत्या कर शव बिरनेर गांव के पास अंबारी माइनर में फेंक दिया था।
विज्ञापन
रविवार को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर तीनों हत्यारोपियों को रसूलपुर टप्पा ईदगाह के पास से गिरफ्तार कर लिया। इनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त आलाकत्ल कुल्हाड़ी, चाकू और मृतक मोहनलाल के पैर की एक चप्पल को बरामद किया। इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने बताया कि आरोपी इस्लाम, मोहन के पड़ोसी नन्हे मियां के भाई के घर पर किरायेदार था। वहीं पर दिनेश उर्फ गब्बर का भी आना जाना लगा रहता था। मृतक मोहन और दोनों आरोपी साथ बैठकर अक्सर शराब भी पीते थे। हत्याकांड के एक महीने पहले तीनों में झगड़ा भी हुआ था। इसका फायदा उठाते हुए नन्हे मियां ने इस्लाम व दिनेश के साथ मिल मोहनलाल के हत्या की साजिश रच डाली।
बताया जाता है कि मृतक मोहन की मां देवपती ने वर्ष 2020 में पड़ोसी हवीबुर्रहमान उर्फ नन्हे मियां के खिलाफ मारपीट और अनुसूचित जाति उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी से परिजनों ने 85 हजार रुपये लेकर सुलह भी कर लिया था, लेकिन एससीएसटी एक्ट के तहत धनराशि नहीं मिलने पर मोहन की मां समझौते से मुकर गई थी। इसी बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश में मोहन को अपनी जान गंवाना पड़ी।