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बच्चे लौट रहे खाली पेट, नहीं हो रहा फलों से भेंट
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Tue, 27 Sep 2016 12:09 AM IST
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प्राथमिक और जूनियर हाई स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को खाली पेट लौटना पड़ रहा है। स्कूलों में प्रधानाध्यापक मनमाने तरीके से मध्याह्न भोजन बनवा रहे हैं। ऐसे में कुछ बच्चों को भोजन मिलता है तो कुछ को खाली पेट रहना पड़ता है। वहीं स्कूलों में फलों का वितरण भी नहीं कराया जा रहा है। जिम्मेदार हैं कि उनके पास सरकार की इस योजना का निरीक्षण करने के लिए समय ही नहीं रहता।
जिले के प्राथमिक और जूनियर हाई स्कूलों में संचालित होने वाली मिड डे मील योजना का बुरा हाल है। शासन द्वारा बच्चों को भरपेट भोजन कराने के लिए सप्ताह भर का मेन्यू बनाया गया है। लेकिन स्कूलों के जिम्मेदार मेन्यू को ताक पर रखकर भोजन बनवा रहे हैं। हद तो तब हो जाती है जब बच्चों को स्कूलों में खाली पेट रहना पड़ता है। वहीं चार रुपये में मौसमी फल के वितरण की योजना भी स्कूलों में ठप है। विद्यालयों के जिम्मेदार बच्चों की उपस्थिति के मुताबिक भोजन नहीं बनवाते। इतना ही नहीं कई स्कूलों में तो मिड डे मील का चूल्हा तक गरम नहीं होता। इन विद्यालयों के अध्यापकों का साफ कहना रहता है कि शासन ने चार माह से कनवर्जन मनी नहीं भेजी।
इसके अलावा फल वितरण के लिए भी कोई पैसा अब तक नहीं दिया गया है। ऐसे में प्रधानाध्यापक कब तक अपनी तनख्वाह से बच्चों को खिलाते रहेंगे। बानगी के तौर मुख्यालय मंझनपुर के गांधी नगर स्थित प्राथमिक विद्यालय को लिया जा सकता है। यहां पर सोमवार को बच्चों के लिए भोजन बना ही नहीं। इतना ही नहीं विद्यालय भी समय से पहले बंद कर दिया गया। यह स्थिति बीआरसी कौशाम्बी, कड़ा, सिराथू के आधे से अधिक स्कूलों की है। बीआरसी के जिम्मेदार हैं कि वह मामले में पूरी तरह से चुप्पी साधे रहते हैं। जब उच्चाधिकारियों से मामले पूंछा जाता है तो कार्रवाई की बात कहकर चुप्पी साध लेते हैं।
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सब्जी रोटी के मेन्यू में बना था चावल
सोमवार को स्कूलों में सब्जी रोटी बनने का मेन्यू था, लेकिन जिम्मेदार मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। बीआरसी कौशाम्बी के प्राथमिक विद्यालय खुंदमीरपुर में तैनात प्रधानाध्यापक राजेश चंद्र ने बताया कि बच्चों के लिए सब्जी रोटी बनी है। लेकिन जब बच्चों से पूछा गया तो उनका कहना था कि सब्जी चावल खाए हैं। इसी तरह बीआरसी मंझनपुर के कुआंडीह प्राथमिक और जूनियर विद्यालय में सब्जी रोटी की जगह सब्जी-चावल बना था। फल के बावत बच्चों ने कच्चा केला मिलने की बात बताई।
स्कूलों में मेन्यू के मुताबिक भोजन बनवाने का स्पष्ट निर्देश है। जिन विद्यालयों में मेन्यू के मुताबिक भोजन नहीं बना है, उनकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
डी.एस. यादव, बीएसए, कौशाम्बी
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जिले के प्राथमिक और जूनियर हाई स्कूलों में संचालित होने वाली मिड डे मील योजना का बुरा हाल है। शासन द्वारा बच्चों को भरपेट भोजन कराने के लिए सप्ताह भर का मेन्यू बनाया गया है। लेकिन स्कूलों के जिम्मेदार मेन्यू को ताक पर रखकर भोजन बनवा रहे हैं। हद तो तब हो जाती है जब बच्चों को स्कूलों में खाली पेट रहना पड़ता है। वहीं चार रुपये में मौसमी फल के वितरण की योजना भी स्कूलों में ठप है। विद्यालयों के जिम्मेदार बच्चों की उपस्थिति के मुताबिक भोजन नहीं बनवाते। इतना ही नहीं कई स्कूलों में तो मिड डे मील का चूल्हा तक गरम नहीं होता। इन विद्यालयों के अध्यापकों का साफ कहना रहता है कि शासन ने चार माह से कनवर्जन मनी नहीं भेजी।
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इसके अलावा फल वितरण के लिए भी कोई पैसा अब तक नहीं दिया गया है। ऐसे में प्रधानाध्यापक कब तक अपनी तनख्वाह से बच्चों को खिलाते रहेंगे। बानगी के तौर मुख्यालय मंझनपुर के गांधी नगर स्थित प्राथमिक विद्यालय को लिया जा सकता है। यहां पर सोमवार को बच्चों के लिए भोजन बना ही नहीं। इतना ही नहीं विद्यालय भी समय से पहले बंद कर दिया गया। यह स्थिति बीआरसी कौशाम्बी, कड़ा, सिराथू के आधे से अधिक स्कूलों की है। बीआरसी के जिम्मेदार हैं कि वह मामले में पूरी तरह से चुप्पी साधे रहते हैं। जब उच्चाधिकारियों से मामले पूंछा जाता है तो कार्रवाई की बात कहकर चुप्पी साध लेते हैं।
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सब्जी रोटी के मेन्यू में बना था चावल
सोमवार को स्कूलों में सब्जी रोटी बनने का मेन्यू था, लेकिन जिम्मेदार मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। बीआरसी कौशाम्बी के प्राथमिक विद्यालय खुंदमीरपुर में तैनात प्रधानाध्यापक राजेश चंद्र ने बताया कि बच्चों के लिए सब्जी रोटी बनी है। लेकिन जब बच्चों से पूछा गया तो उनका कहना था कि सब्जी चावल खाए हैं। इसी तरह बीआरसी मंझनपुर के कुआंडीह प्राथमिक और जूनियर विद्यालय में सब्जी रोटी की जगह सब्जी-चावल बना था। फल के बावत बच्चों ने कच्चा केला मिलने की बात बताई।
स्कूलों में मेन्यू के मुताबिक भोजन बनवाने का स्पष्ट निर्देश है। जिन विद्यालयों में मेन्यू के मुताबिक भोजन नहीं बना है, उनकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
डी.एस. यादव, बीएसए, कौशाम्बी