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Kaushambi News: सीबीआई-सीआईडी अधिकारी बनकर ठगी करने वाला अंतरराज्यीय साइबर गैंग के सदस्य गिरफ्तार
Tue, 09 Sep 2025 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 09 Sep 2025 01:32 AM IST
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पुलिस हिरासत में आरोपी। स्रोत- मीडिया सेल
पोर्न वीडियो देखने और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गैंग का सोमवार को पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। साइबर थाना कौशाम्बी की पुलिस ने मध्य प्रदेश के कटनी और पन्ना जिले से गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर 43 लाख से अधिक की धोखाधड़ी करने का आरोप है।
एसपी राजेश कुमार ने बताया कि अकबराबाद के सुनील कुमार गुप्ता ने 25 अगस्त को तहरीर देकर बताया था कि 15 से 25 अगस्त के बीच खुद को सीबीआई और सीआईडी अधिकारी बताने वाले अज्ञात कॉलर ने उन्हें पोर्न वीडियो देखने और मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी। दबाव बनाकर 31,500 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए थे। इस पर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई।
एसपी ने बताया कि तकनीकी सर्विलांस और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने मध्य प्रदेश के साइबर हॉट स्पॉट क्षेत्रों में दबिश दी। थाना बाकल, जिला कटनी से शोभित उर्फ बाबूलाल पटेल और सुरेंद्र पटेल, जबकि जिला पन्ना से सोनू सेन और अरविंद लोधी को गिरफ्तार किया गया।
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एसपी ने बताया कि इसके लिए पुलिस लगातार आरोपियों के नंबरों की जांच कर रही थी। आईपी नंबर के आधार पर इनकी लोकेशन मिली और सभी को पकड़ लिया गया। पुलिस की कार्रवाई दोनों शहरों में एक साथ चली। उन्होंने बताया कि सुरेंद्र पटेल पर जुआ अधिनियम का केस दर्ज है। जबकि, शोभित पर सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत व मारपीट का मुकदमा दर्ज है।
एसपी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ राजस्थान के भरतपुर में 90 हजार, सेंट्रल दिल्ली में 25 हजार, पंजाब के भटिंडा में दो लाख 20 हजार व कौशाम्बी में 31,500 रुपये के ठगी के मामले दर्ज हैं। आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन, 45 सिम कार्ड और 31,500 की रकम मिली है।
अपराध का तरीका
एसपी ने बताया कि गिरोह फर्जी आईडी के आधार पर सिम और बैंक खाते खोलता था। इन खातों के एटीएम, पासबुक और मोबाइल फोन गैंग सरगना राशिद को सौंपे जाते थे। राशिद सीबीआई व सीआईडी अधिकारी बनकर व्हाट्सएप डीपी पर वर्दीधारी फोटो लगाता और डराकर रुपये मांगता था। लोग डिजिटल गिरफ्तारी के डर से रकम खातों में ट्रांसफर कर देते।
अब तक की ठगी
जांच में सामने आया कि गैंग ने कौशाम्बी, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब समेत कई राज्यों में ठगी की है। अब तक लगभग 43 लाख रुपये के वित्तीय लेन-देन का खुलासा हुआ है।
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एसपी राजेश कुमार ने बताया कि अकबराबाद के सुनील कुमार गुप्ता ने 25 अगस्त को तहरीर देकर बताया था कि 15 से 25 अगस्त के बीच खुद को सीबीआई और सीआईडी अधिकारी बताने वाले अज्ञात कॉलर ने उन्हें पोर्न वीडियो देखने और मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी। दबाव बनाकर 31,500 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए थे। इस पर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई।
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एसपी ने बताया कि तकनीकी सर्विलांस और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने मध्य प्रदेश के साइबर हॉट स्पॉट क्षेत्रों में दबिश दी। थाना बाकल, जिला कटनी से शोभित उर्फ बाबूलाल पटेल और सुरेंद्र पटेल, जबकि जिला पन्ना से सोनू सेन और अरविंद लोधी को गिरफ्तार किया गया।
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एसपी ने बताया कि इसके लिए पुलिस लगातार आरोपियों के नंबरों की जांच कर रही थी। आईपी नंबर के आधार पर इनकी लोकेशन मिली और सभी को पकड़ लिया गया। पुलिस की कार्रवाई दोनों शहरों में एक साथ चली। उन्होंने बताया कि सुरेंद्र पटेल पर जुआ अधिनियम का केस दर्ज है। जबकि, शोभित पर सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत व मारपीट का मुकदमा दर्ज है।
एसपी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ राजस्थान के भरतपुर में 90 हजार, सेंट्रल दिल्ली में 25 हजार, पंजाब के भटिंडा में दो लाख 20 हजार व कौशाम्बी में 31,500 रुपये के ठगी के मामले दर्ज हैं। आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन, 45 सिम कार्ड और 31,500 की रकम मिली है।
अपराध का तरीका
एसपी ने बताया कि गिरोह फर्जी आईडी के आधार पर सिम और बैंक खाते खोलता था। इन खातों के एटीएम, पासबुक और मोबाइल फोन गैंग सरगना राशिद को सौंपे जाते थे। राशिद सीबीआई व सीआईडी अधिकारी बनकर व्हाट्सएप डीपी पर वर्दीधारी फोटो लगाता और डराकर रुपये मांगता था। लोग डिजिटल गिरफ्तारी के डर से रकम खातों में ट्रांसफर कर देते।
अब तक की ठगी
जांच में सामने आया कि गैंग ने कौशाम्बी, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब समेत कई राज्यों में ठगी की है। अब तक लगभग 43 लाख रुपये के वित्तीय लेन-देन का खुलासा हुआ है।