{"_id":"6ace823abd8df33aaf0bb708","slug":"medical-treatment-and-basic-facilities-during-the-strike-kaushambi-news-c-261-1-pr11004-150062-2026-10-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: हड़ताल पर इलाज और बुनियादी सुविधाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: हड़ताल पर इलाज और बुनियादी सुविधाएं
Wed, 14 Oct 2026 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Wed, 14 Oct 2026 12:40 AM IST
विज्ञापन
अजय कुमार
जिले में आयुष अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाल व्यवस्था मरीजों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। कहीं संविदाकर्मियों की हड़ताल से इलाज प्रभावित है, तो कहीं स्वास्थ्यकर्मियों की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में मरीज परेशान हैं। भेलखा स्थित 25 बेड के आयुष अस्पताल में भवन जर्जर है, जबकि पश्चिम शरीरा स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में चिकित्साधिकारी का पद करीब पांच महीने से खाली है।
मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित आयुष विंग में संविदाकर्मियों की हड़ताल का असर ओपीडी में दिखा। पड़ताल के दौरान एक चिकित्सक और फार्मासिस्ट मौजूद नहीं मिले। ओपीडी में बैठे दो चिकित्सक मरीजों को दवा देने के बजाय पर्चे पर लिखकर मेडिकल कॉलेज से दवा लेने की सलाह दे रहे। सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि एनएचएम संविदा कर्मियों की वजह से कुछ जगहों पर असुविधाएं हो रही है, जल्द ही इन जगहों पर व्यवस्थाएं दुरूस्त करा दी जाएंगी।
भेलखा स्थित आयुष अस्पताल में बाउंड्रीवाॅल और नाली न होने से परिसर में पानी जमा होकर कीचड़ बन जाता है। अस्पताल तक पहुंचने का रास्ता भी खराब है। यहां फार्मासिस्ट, चीफ फार्मासिस्ट और स्टाफ नर्स के पद खाली हैं। डॉ. सफीना खातून ने बताया कि अस्पताल में आठ कर्मचारियों के सापेक्ष तीन संविदाकर्मी कार्यरत हैं। हालांकि अस्पताल के लिए बजट आ चुका है। पश्चिम शरीरा स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में रोजाना 35 से 40 मरीज पहुंचते हैं। चिकित्साधिकारी के इस्तीफे के बाद से पद खाली है। फिलहाल दो कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं।
विज्ञापन
-- -- -- -- वर्जन-- -- -- -- -- -
-- शुगर की समस्या है। पिछले कई दिनों से हाथ-पैर और पूरे बदन में दर्द बना हुआ है। वह इलाज कराने के लिए आयुष अस्पताल पहुंचीं तो डॉक्टर ने पर्चे पर दवा लिखकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल से लेने की सलाह दी।
-- जयदेवी (55), बबुरा, मंझनपुर
-- काफी समय से कमर दर्द की समस्या से परेशान हैं। जिला अस्पताल के आयुष अस्पताल से होम्योपैथिक दवा ले रहे हैं, जिससे आराम मिला है। वह हर 15 दिन पर दवा लेने आते हैं। नियमित रूप से दवा मिलने से काफी सहूलियत होती है। -- बागेश्वर प्रसाद त्रिपाठी (65), छेकवा, सरायअकिल
-- खुजली और शरीर में सूजन की समस्या से परेशान हैं। इलाज के लिए पश्चिम शरीरा आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहुंचे तो चिकित्सक ने सीरम यूरिया और यूरिक एसिड की जांच कराने की सलाह दी। -- अजय कुमार, छबुक का पुरवा
-- -- -- -- -
वर्जन:
भेलखा स्थित आयुष अस्पताल का भवन जर्जर हो चुका है। कार्यालय में साफ-सफाई, पेयजल और शौचालय की समस्या है। बिजली कनेक्शन और मीटर लग चुका है। नवीनीकरण के लिए रिपोर्ट भेजी जा चुकी है लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। इसके लिए शासन स्तर से यूपीपीसीएल के माध्यम से काम कराया जाता है।
-- डॉ. प्रीतम सिंह, आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित आयुष विंग में संविदाकर्मियों की हड़ताल का असर ओपीडी में दिखा। पड़ताल के दौरान एक चिकित्सक और फार्मासिस्ट मौजूद नहीं मिले। ओपीडी में बैठे दो चिकित्सक मरीजों को दवा देने के बजाय पर्चे पर लिखकर मेडिकल कॉलेज से दवा लेने की सलाह दे रहे। सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने बताया कि एनएचएम संविदा कर्मियों की वजह से कुछ जगहों पर असुविधाएं हो रही है, जल्द ही इन जगहों पर व्यवस्थाएं दुरूस्त करा दी जाएंगी।
विज्ञापन
भेलखा स्थित आयुष अस्पताल में बाउंड्रीवाॅल और नाली न होने से परिसर में पानी जमा होकर कीचड़ बन जाता है। अस्पताल तक पहुंचने का रास्ता भी खराब है। यहां फार्मासिस्ट, चीफ फार्मासिस्ट और स्टाफ नर्स के पद खाली हैं। डॉ. सफीना खातून ने बताया कि अस्पताल में आठ कर्मचारियों के सापेक्ष तीन संविदाकर्मी कार्यरत हैं। हालांकि अस्पताल के लिए बजट आ चुका है। पश्चिम शरीरा स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में रोजाना 35 से 40 मरीज पहुंचते हैं। चिकित्साधिकारी के इस्तीफे के बाद से पद खाली है। फिलहाल दो कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं।
विज्ञापन
वर्जन:
भेलखा स्थित आयुष अस्पताल का भवन जर्जर हो चुका है। कार्यालय में साफ-सफाई, पेयजल और शौचालय की समस्या है। बिजली कनेक्शन और मीटर लग चुका है। नवीनीकरण के लिए रिपोर्ट भेजी जा चुकी है लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। इसके लिए शासन स्तर से यूपीपीसीएल के माध्यम से काम कराया जाता है।

अजय कुमार

अजय कुमार

अजय कुमार

अजय कुमार

अजय कुमार

अजय कुमार

अजय कुमार