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योग से बदली जिंदगी : बीपी, शुगर, थायराइड और सर्वाइकल पर पाया काबू
Sat, 20 Jun 2026 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sat, 20 Jun 2026 11:52 PM IST
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बृज बिहारी मौर्य
योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि तन और मन को स्वस्थ रखने की जीवनशैली है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जिले के कई लोगों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास से उन्हें बीपी, शुगर, थायराइड, सर्वाइकल और कमर दर्द जैसी समस्याओं से काफी राहत मिली है।
योग प्रशिक्षक संतोष लोधी और संतोष लोधी का कहना है कि प्रतिदिन एक घंटा योग, प्राणायाम और ध्यान करने से व्यक्ति स्वस्थ और निरोग रह सकता है। नियमित योग कई बीमारियों को नियंत्रित करने में सहायक साबित होता है।
करीब 15 वर्ष पहले शुगर और बीपी की समस्या हुई थी। दस वर्ष पहले वह कपालभाति, अनुलोम-विलोम, मंडूकासन, शशकासन और योग मुद्रा का अभ्यास शुरू किया। अब उनका शुगर व रक्तचाप सामान्य बना हुआ है। - राधेश्याम लोधी, टेवां, मंझनपुर
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सात वर्षों तक सर्वाइकल की समस्या से परेशान रहे। योग प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में मकरासन, सूक्ष्म व्यायाम, भ्रामरी और अनुलोम-विलोम का नियमित अभ्यास शुरू किया। अब उन्हें सर्वाइकल की समस्या से राहत मिल गई है। - बृज बिहारी मौर्य, मंझनपुर
तीन वर्षों से कमर दर्द और थायराइड की समस्या से जूझ रही थी। विभिन्न स्थानों पर इलाज के बावजूद आराम नहीं मिला। इसके बाद मरकटासन और उज्जायी प्राणायाम का अभ्यास शुरू किया। अब राहत है और दवाओं की जरूरत भी नहीं पड़ती।- रीता केसरवानी, निवासी नेहरू नगर, मंझनपुर
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योग प्रशिक्षक संतोष लोधी और संतोष लोधी का कहना है कि प्रतिदिन एक घंटा योग, प्राणायाम और ध्यान करने से व्यक्ति स्वस्थ और निरोग रह सकता है। नियमित योग कई बीमारियों को नियंत्रित करने में सहायक साबित होता है।
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करीब 15 वर्ष पहले शुगर और बीपी की समस्या हुई थी। दस वर्ष पहले वह कपालभाति, अनुलोम-विलोम, मंडूकासन, शशकासन और योग मुद्रा का अभ्यास शुरू किया। अब उनका शुगर व रक्तचाप सामान्य बना हुआ है। - राधेश्याम लोधी, टेवां, मंझनपुर
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सात वर्षों तक सर्वाइकल की समस्या से परेशान रहे। योग प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में मकरासन, सूक्ष्म व्यायाम, भ्रामरी और अनुलोम-विलोम का नियमित अभ्यास शुरू किया। अब उन्हें सर्वाइकल की समस्या से राहत मिल गई है। - बृज बिहारी मौर्य, मंझनपुर
तीन वर्षों से कमर दर्द और थायराइड की समस्या से जूझ रही थी। विभिन्न स्थानों पर इलाज के बावजूद आराम नहीं मिला। इसके बाद मरकटासन और उज्जायी प्राणायाम का अभ्यास शुरू किया। अब राहत है और दवाओं की जरूरत भी नहीं पड़ती।- रीता केसरवानी, निवासी नेहरू नगर, मंझनपुर

बृज बिहारी मौर्य

बृज बिहारी मौर्य

बृज बिहारी मौर्य