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तेंदुए ने दिन भर छकाया, हाथ नहीं आया
Thu, 17 Jan 2019 12:45 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Thu, 17 Jan 2019 12:45 AM IST
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प्रयागराज/चायल। करेली थाना क्षेत्र के दोंदीपुर और पंसारा गांव में तेंदुआ वन विभाग की टीम और पुलिस को बुधवार को दिन भर छकाता रहा। लखनऊ से आई टीम ने पिंजरा लगाया था। काफी दूर तक जाल बिछाया। ड्रोन कैमरे से खोजबीन की गई लेकिन, देर शाम तक तेंदुए का कुछ पता नहीं चला था। वन विभाग की टीमें उसके पैरों के निशान के आधार पर उसकी खोज कर रही हैं। पता चला है कि तेंदुए ने मंगलवार को तीन और लोगों को घायल किया था।
दोंदीपुर और पंसारा गांव में मंगलवार की सुबह तेंदुए के हमले में कंधई यादव, मंगला, शिवलाल और करमा हो गए थे। बाद में पता चला कि उसने नंदन, शर्मा पासी और भैया यादव को भी पंजे और दांत से घायल कर दिया था। मंगलवार को ही वन विभाग के बड़े अधिकारियों समेत लखनऊ से टीम यहां आ गई थी। दिन भर पकड़ने का प्रयास किया गया लेकिन, तेंदुआ हाथ नहीं आया। बुधवार को सुबह से भी कांबिंग की गई। खेत में पिंजरा लगाकर नाले में जाल लगाया गया। ड्रोन कैमरा दिन भर घुमाया गया लेकिन तेंदुआ देर शाम तक हाथ नहीं लगा था। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक खेत, कछार और नदी का किनारा होने के कारण तेंदुए को पकड़ने में दिक्कत आ रही है। गुरुवार को भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाएगा। तेंदुए की दहशत ग्रामीणों में इतनी ज्यादा थी कि गांव में रात भर जागरण होता रहा। लोग लाठियां लेकर इकट्ठे बैठे रहे। पिपरी और करेली पुलिस की टीमें भी मौके पर मौजूद
पैरों के निशान से ढूंढा जा रहा
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार तेंदुए के पैरों निशान से उसे खोजा जा रहा है। खेत से लेकर कछार तक उसके पैरों के निशान हैं। तेंदुआ इतनी तेजी से भागता है कि उसे पकड़ना बहुत मुश्किल होता है। ड्रोन कैमरे से भी उसकी खोजबीन की जा रही है।
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-सुबह से कर्मचारी लगे हैं। वन विभाग की टीमें तेंदुए के पैरों के निशान के आधार पर ड्रोन कैमरे से उसकी तलाश कर रही हैं। पिंजरा और जाल लगाया गया है। गुरुवार को भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलेगा। ओपी अंबट, डीएफओ
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दोंदीपुर और पंसारा गांव में मंगलवार की सुबह तेंदुए के हमले में कंधई यादव, मंगला, शिवलाल और करमा हो गए थे। बाद में पता चला कि उसने नंदन, शर्मा पासी और भैया यादव को भी पंजे और दांत से घायल कर दिया था। मंगलवार को ही वन विभाग के बड़े अधिकारियों समेत लखनऊ से टीम यहां आ गई थी। दिन भर पकड़ने का प्रयास किया गया लेकिन, तेंदुआ हाथ नहीं आया। बुधवार को सुबह से भी कांबिंग की गई। खेत में पिंजरा लगाकर नाले में जाल लगाया गया। ड्रोन कैमरा दिन भर घुमाया गया लेकिन तेंदुआ देर शाम तक हाथ नहीं लगा था। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक खेत, कछार और नदी का किनारा होने के कारण तेंदुए को पकड़ने में दिक्कत आ रही है। गुरुवार को भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाएगा। तेंदुए की दहशत ग्रामीणों में इतनी ज्यादा थी कि गांव में रात भर जागरण होता रहा। लोग लाठियां लेकर इकट्ठे बैठे रहे। पिपरी और करेली पुलिस की टीमें भी मौके पर मौजूद
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पैरों के निशान से ढूंढा जा रहा
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार तेंदुए के पैरों निशान से उसे खोजा जा रहा है। खेत से लेकर कछार तक उसके पैरों के निशान हैं। तेंदुआ इतनी तेजी से भागता है कि उसे पकड़ना बहुत मुश्किल होता है। ड्रोन कैमरे से भी उसकी खोजबीन की जा रही है।
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-सुबह से कर्मचारी लगे हैं। वन विभाग की टीमें तेंदुए के पैरों के निशान के आधार पर ड्रोन कैमरे से उसकी तलाश कर रही हैं। पिंजरा और जाल लगाया गया है। गुरुवार को भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलेगा। ओपी अंबट, डीएफओ