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रेल बजट: प्रभु की झोली फिर खाली
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 25 Feb 2016 11:40 PM IST
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रेलमंत्री सुरेश प्रभु की झोली से एक बार फिर कौशाम्बी के लिए कोई सौगात नहीं निकली। उम्मीद थी कि रेलमार्ग से अछूते जनपद मुख्यालय मंझनपुर को रेलवे लाइन से जोड़ा जाएगा। सांसद ने इसके प्रयास का वादा भी किया था। पर, बृहस्पतिवार को आए रेल बजट ने यहां के लोगों को निराशा से भर दिया। हालांकि भाड़ा नहीं बढ़ने, महिलाओं को 30 फीसदी सीट आरक्षण और बुजुर्ग, महिलाओं के लिए नीचे की 50 फीसदी सीट आरक्षित करने की घोषणा को लोगों ने सराहा है।
रेलमंत्री ने बृहस्पतिवार को रेलबजट पेश किया। इस रेल बजट में उन्होंने रोजाना 7 किलोमीटर नए रेलवे ट्रैक के निर्माण की घोषणा की है। पर, उन्होंने अपनी इस घोषणा में कौशाम्बी के जिला मुख्यालय को रेलमार्ग से जोड़ने का जिक्र नहीं करके दोआबावासियों को निराश किया है। बता दें कि कौशाम्बी को जिला बने 18 साल बीत गए हैं। पर, अब तक जनपद मुख्यालय रेल यातायात सुविधाओं से अछूता है। यहां बस स्टेशन, डिपो के साथ ही रेलवे स्टेशन नहीं है। जनपद मुख्यालय अभी तक रेलमार्ग से नहीं जुड़ सका है। जबकि प्रत्येक साल रेल बजट में यहां के लोग इसकी उम्मीद करते हैं। इस साल तो सांसद विनोद सोनकर ने मंझनपुर में रेल आरक्षण विंडो के उद्घाटन मौके पर कहा भी था कि वे मंझनपुर को रेलमार्ग से जोड़ेे जाने का गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं। पर, इतना कुछ होने के बाद भी रेल बजट में मंझनपुर को रेलमार्ग से जुड़वाने में सफलता नहीं मिली। फिलहाल रेलबजट में यात्री सुविधाओं के ख्याल को कौशाम्बी के लोगों ने सराहा है। शिक्षिका तलत ने कहा कि महिलाओं के लिए 30 फीसदी सीट का आरक्षण स्वागत योग्य है।
उन्होंने बुजुर्गों और महिलाओं के लिए 50 फीसदी नीचे की सीट आरक्षित किए जाने की घोषणा को भी सराहा है। बबुरा गांव के देवनाथ ने यात्री और मालभाड़ा नहीं बढ़ाए जाने की सराहना तो की, लेकिन ट्रेनों में दिन-ब-दिन बढ़ती भीड़ की समस्या से निजात दिलाने को कोई कदम नहीं उठाए जाने पर निराशा भी व्यक्त की। वहीं चिकित्सक डॉ.आरके शर्मा ने महिला सुरक्षा, स्टेशनों पर गरम दूध, गरम पानी जैसी सुविधाओं पर खुशी जताई। अभिलाष सिंह ने यात्री भाड़ा नहीं बढ़ाने जाने की सराहना की है। भाजपा के प्रदेशमंत्री वीरेंद्र तिवारी, पूर्व जिलाध्यक्ष संतोष सिंह पटेल ने भी रेल बजट को ऐतिहासिक करार दिया। कहाकि सुरक्षा, सम्मान और आमजन का इस बजट में रेलमंत्री ने पूरा ख्याल रखा है।
रेलमंत्री ने बृहस्पतिवार को रेलबजट पेश किया। इस रेल बजट में उन्होंने रोजाना 7 किलोमीटर नए रेलवे ट्रैक के निर्माण की घोषणा की है। पर, उन्होंने अपनी इस घोषणा में कौशाम्बी के जिला मुख्यालय को रेलमार्ग से जोड़ने का जिक्र नहीं करके दोआबावासियों को निराश किया है। बता दें कि कौशाम्बी को जिला बने 18 साल बीत गए हैं। पर, अब तक जनपद मुख्यालय रेल यातायात सुविधाओं से अछूता है। यहां बस स्टेशन, डिपो के साथ ही रेलवे स्टेशन नहीं है। जनपद मुख्यालय अभी तक रेलमार्ग से नहीं जुड़ सका है। जबकि प्रत्येक साल रेल बजट में यहां के लोग इसकी उम्मीद करते हैं। इस साल तो सांसद विनोद सोनकर ने मंझनपुर में रेल आरक्षण विंडो के उद्घाटन मौके पर कहा भी था कि वे मंझनपुर को रेलमार्ग से जोड़ेे जाने का गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं। पर, इतना कुछ होने के बाद भी रेल बजट में मंझनपुर को रेलमार्ग से जुड़वाने में सफलता नहीं मिली। फिलहाल रेलबजट में यात्री सुविधाओं के ख्याल को कौशाम्बी के लोगों ने सराहा है। शिक्षिका तलत ने कहा कि महिलाओं के लिए 30 फीसदी सीट का आरक्षण स्वागत योग्य है।
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उन्होंने बुजुर्गों और महिलाओं के लिए 50 फीसदी नीचे की सीट आरक्षित किए जाने की घोषणा को भी सराहा है। बबुरा गांव के देवनाथ ने यात्री और मालभाड़ा नहीं बढ़ाए जाने की सराहना तो की, लेकिन ट्रेनों में दिन-ब-दिन बढ़ती भीड़ की समस्या से निजात दिलाने को कोई कदम नहीं उठाए जाने पर निराशा भी व्यक्त की। वहीं चिकित्सक डॉ.आरके शर्मा ने महिला सुरक्षा, स्टेशनों पर गरम दूध, गरम पानी जैसी सुविधाओं पर खुशी जताई। अभिलाष सिंह ने यात्री भाड़ा नहीं बढ़ाने जाने की सराहना की है। भाजपा के प्रदेशमंत्री वीरेंद्र तिवारी, पूर्व जिलाध्यक्ष संतोष सिंह पटेल ने भी रेल बजट को ऐतिहासिक करार दिया। कहाकि सुरक्षा, सम्मान और आमजन का इस बजट में रेलमंत्री ने पूरा ख्याल रखा है।
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