{"_id":"7e6b8c9e437c1cf941c03e53aa48bb59","slug":"kaushambi-news-hindi-news-262","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोली, कुल्हाड़ी के हमले में जख्मी विवाहिता की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोली, कुल्हाड़ी के हमले में जख्मी विवाहिता की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Tue, 17 Nov 2015 11:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मूरतगंज (कौशाम्बी)। नलकूप पर गोली, कुल्हाड़ी के हमले से जख्मी मितुआपुर गांव की नाजरीन की सोमवार की देर रात एसआरएन हास्पिटल में मौत हो गई। इस मामले में उसके जेठ की तहरीर पर पुलिस ने गांव के दो व्यक्तियों समेत 4 के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने रात में ही दबिश देकर दोनों नामजदों को भी गिरफ्तार कर लिया। दबोचे गए अभियुक्तों से पुलिस पूछताछ में जुटी है। फौरी तौर पर पुलिस जमीन कब्जे की पुरानी रंजिश में यह कत्ल होना मान रही है।
कोखराज थाना क्षेत्र के मितुआपुर गांव निवासी नाजरीन (40) पत्नी स्व. जाकिर अली सोमवार की शाम घर से करीब 200 मीटर दूर अपने नलकूप पर गई थी। वहीं शाम करीब 7 बजे किसी ने उसके ऊपर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ प्रहार कर दिया। कुल्हाड़ी के हमले में खून से लथपथ होकर गिरी विवाहिता पर गोलियां भी दागी गई थी। चीख-पुकार और फायरिंग की आवाज सुनकर गांववाले दौड़े। ग्रामीणों के पहुंचने से पहले ही हमलावर भाग चुके थे। खून से लथपथ पड़ी विवाहिता को लेकर परिजन एसआरएन हास्पिटल इलाहाबाद गए।
जहां देर रात उसकी मौत हो गई। मामले में मृतका के जेठ साकिर अली की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही ननका, बन्ने और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया। रिपोर्ट लिखने के बाद पुलिस ने दबिश देकर ननका और बन्ने को हिरासत में भी ले लिया। इनसे पुलिस रातभर पूछताछ करती रही। हालांकि अभी उसे नाजरीन हत्याकांड के बारे में ज्यादा कुछ जानकारी इनसे हासिल नहीं हो सकी है। पुलिस घटना के बाद से फरार दोनों अज्ञात हमलावरों का पता लगाने में जुटी है। एसओ विपिन त्रिवेदी ने बताया कि फौरी तौर पर लग रहा है कि नाजरीन की हत्या जमीन के विवाद में हुई है। बता दें कि तीन साल पहले उसके पति की भी ऐसे ही हत्या हुई थी। इधर, विवाहिता का भी कत्ल कर दिए जाने से अब उसके चारों बच्चे यतीम हो गए हैं।
विज्ञापन
कोखराज के मितुआपुर गांव की नाजरीन का सोमवार को बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। इस मामले में घरवालों की ओर से नामजद किए गए ननका और बन्ने को तो पुलिस ने धरदबोचा है। पर, अभी भी असली हत्यारों की धरपकड़ तो दूर पुलिस उनका कोई सुराग तक नहीं लगा सकी है। इसे लेकर गांव में तमाम चर्चाएं हैं। बताया जाता है कि सोमवार की शाम नाजरीन अपने घर में ही थी। घटना से करीब आधे घंटे पहले ही अचानक उठकर वह नलकूप की ओर गई थी। दबी जुबान चर्चा है कि नाजरीन घर से नलकूप गांव के ही एक व्यक्ति के बुलाने पर ही गई थी। इस मामले में शक के आधार पर परिजनों ने जिन दो व्यक्तियों को नामजद किया है।
पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पर, लोगों का यही मानना है कि नामजद किए गए गांव के दोनों व्यक्तियों को तो सिर्फ मोहरा बनाया गया है। असली हत्यारे कोई और ही हैं। वहीं इस घटना के बाद लोगों ने कानाफूसी है कि क्या पुलिस तीन साल पहले नाजरीन के मारे गए शौहर जाकिर के कातिलों को भी ढूंढ पाएगी। अब तक जाकिर हत्याकांड पुलिस और स्थानीय लोगों के लिए पहेली ही बना है। उसे किसने और किस रंजिश में मारा था? इसका राजफाश कोखराज पुलिस तीन साल बाद भी नहीं कर सकी है।
बता दें कि तीन साल पहले जब जाकिर का भी नलकूप पर ही बेरहमी से कत्ल किया गया था, तब परिजनों ने किसी से भी कोई रंजिश होने का खुलासा नहीं किया था। ऐसे में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। कई दिनों तक जाकिर के कातिलों की तलाश में पुलिस भटकती रही। आखिरकार कत्ल की वजह और कातिलों का वह कोई सुराग नहीं लगा सकी और हत्याकांड की फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
विज्ञापन
कोखराज थाना क्षेत्र के मितुआपुर गांव निवासी नाजरीन (40) पत्नी स्व. जाकिर अली सोमवार की शाम घर से करीब 200 मीटर दूर अपने नलकूप पर गई थी। वहीं शाम करीब 7 बजे किसी ने उसके ऊपर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ प्रहार कर दिया। कुल्हाड़ी के हमले में खून से लथपथ होकर गिरी विवाहिता पर गोलियां भी दागी गई थी। चीख-पुकार और फायरिंग की आवाज सुनकर गांववाले दौड़े। ग्रामीणों के पहुंचने से पहले ही हमलावर भाग चुके थे। खून से लथपथ पड़ी विवाहिता को लेकर परिजन एसआरएन हास्पिटल इलाहाबाद गए।
विज्ञापन
जहां देर रात उसकी मौत हो गई। मामले में मृतका के जेठ साकिर अली की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही ननका, बन्ने और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया। रिपोर्ट लिखने के बाद पुलिस ने दबिश देकर ननका और बन्ने को हिरासत में भी ले लिया। इनसे पुलिस रातभर पूछताछ करती रही। हालांकि अभी उसे नाजरीन हत्याकांड के बारे में ज्यादा कुछ जानकारी इनसे हासिल नहीं हो सकी है। पुलिस घटना के बाद से फरार दोनों अज्ञात हमलावरों का पता लगाने में जुटी है। एसओ विपिन त्रिवेदी ने बताया कि फौरी तौर पर लग रहा है कि नाजरीन की हत्या जमीन के विवाद में हुई है। बता दें कि तीन साल पहले उसके पति की भी ऐसे ही हत्या हुई थी। इधर, विवाहिता का भी कत्ल कर दिए जाने से अब उसके चारों बच्चे यतीम हो गए हैं।
विज्ञापन
कोखराज के मितुआपुर गांव की नाजरीन का सोमवार को बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। इस मामले में घरवालों की ओर से नामजद किए गए ननका और बन्ने को तो पुलिस ने धरदबोचा है। पर, अभी भी असली हत्यारों की धरपकड़ तो दूर पुलिस उनका कोई सुराग तक नहीं लगा सकी है। इसे लेकर गांव में तमाम चर्चाएं हैं। बताया जाता है कि सोमवार की शाम नाजरीन अपने घर में ही थी। घटना से करीब आधे घंटे पहले ही अचानक उठकर वह नलकूप की ओर गई थी। दबी जुबान चर्चा है कि नाजरीन घर से नलकूप गांव के ही एक व्यक्ति के बुलाने पर ही गई थी। इस मामले में शक के आधार पर परिजनों ने जिन दो व्यक्तियों को नामजद किया है।
पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पर, लोगों का यही मानना है कि नामजद किए गए गांव के दोनों व्यक्तियों को तो सिर्फ मोहरा बनाया गया है। असली हत्यारे कोई और ही हैं। वहीं इस घटना के बाद लोगों ने कानाफूसी है कि क्या पुलिस तीन साल पहले नाजरीन के मारे गए शौहर जाकिर के कातिलों को भी ढूंढ पाएगी। अब तक जाकिर हत्याकांड पुलिस और स्थानीय लोगों के लिए पहेली ही बना है। उसे किसने और किस रंजिश में मारा था? इसका राजफाश कोखराज पुलिस तीन साल बाद भी नहीं कर सकी है।
बता दें कि तीन साल पहले जब जाकिर का भी नलकूप पर ही बेरहमी से कत्ल किया गया था, तब परिजनों ने किसी से भी कोई रंजिश होने का खुलासा नहीं किया था। ऐसे में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। कई दिनों तक जाकिर के कातिलों की तलाश में पुलिस भटकती रही। आखिरकार कत्ल की वजह और कातिलों का वह कोई सुराग नहीं लगा सकी और हत्याकांड की फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।