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विवादित भूमि में शव दफनाने को लेकर बवाल
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Sat, 14 Nov 2015 12:38 AM IST
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विवादित भूमि पर शव दफनाने को लेकर बृहस्पतिवार को करनपुर गांव में दो पक्ष आमने-सामने हो गए। इससे प्रशासनिक और पुलिस अफसरों के हाथ-पैर फूल गए। सूचना पर सैनी कोतवाली की फोर्स लेकर पहुंचे तहसीलदार सिराथू ने जमीन की पैमाइश कराकर विवाद का निपटारा किया। दोनों पक्ष के संतुष्ट होने से ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली।
सिराथू तहसील क्षेत्र के करनपुर गांव निवासी लखनलाल पासी (22) कई दिनों से बीमार था। बृहस्पतिवार को उसकी सांसें थम गई। मौत के बाद परिवार के लोग शव को जिस जमीन पर दफनाने की तैयारी कर रहे थे। उस जमीन पर शव दफनाने पर एतराज करते हुए गांव के भुईया दीन, राजकुमार, सल्लू राम आदि ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इसे लेकर दोनों पक्षों में तनातनी हो गई। दोनों तरफ के तमाम अन्य लोग भी जुट गए।
विवाद होता देख गांववाले भी सहम गए। मामला बिगड़ता देख किसी ने इसकी जानकारी सैनी कोतवाली पुलिस के साथ एसडीएम सिराथू लालजी मिश्र को दे दी। विवादित जमीन पर शव दफनाने को लेकर विवाद की भनक लगते ही अफसरों के भी चेहरे की रंगत उड़ गई। आनन-फानन में तहसीलदार सिराथू सुशील कुमार, सैनी इंस्पेक्टर दिनेश प्रकाश यादव फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। तहसीलदार ने दोनों पक्षों से बात करके विवाद समझा।
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अफसरों ने घंटों ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन कोई भी पक्ष कुछ भी सुनने को राजी नहीं हो रहा था। करीब दो घंटे बाद तहसीलदार ने राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को बुलाकर विवादित भूमि की पैमाइश कराई। इसके बाद उन्होंने सभी पक्षों को मुख्यमार्ग के किनारे बराबर हिस्सा देकर विवाद का निपटारा कराया। विवाद निपटने के बाद अमृत लाल ने अपने हिस्से में मिली जमीन पर बेटे के शव को दफन किया।
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सिराथू तहसील क्षेत्र के करनपुर गांव निवासी लखनलाल पासी (22) कई दिनों से बीमार था। बृहस्पतिवार को उसकी सांसें थम गई। मौत के बाद परिवार के लोग शव को जिस जमीन पर दफनाने की तैयारी कर रहे थे। उस जमीन पर शव दफनाने पर एतराज करते हुए गांव के भुईया दीन, राजकुमार, सल्लू राम आदि ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इसे लेकर दोनों पक्षों में तनातनी हो गई। दोनों तरफ के तमाम अन्य लोग भी जुट गए।
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विवाद होता देख गांववाले भी सहम गए। मामला बिगड़ता देख किसी ने इसकी जानकारी सैनी कोतवाली पुलिस के साथ एसडीएम सिराथू लालजी मिश्र को दे दी। विवादित जमीन पर शव दफनाने को लेकर विवाद की भनक लगते ही अफसरों के भी चेहरे की रंगत उड़ गई। आनन-फानन में तहसीलदार सिराथू सुशील कुमार, सैनी इंस्पेक्टर दिनेश प्रकाश यादव फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। तहसीलदार ने दोनों पक्षों से बात करके विवाद समझा।
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अफसरों ने घंटों ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन कोई भी पक्ष कुछ भी सुनने को राजी नहीं हो रहा था। करीब दो घंटे बाद तहसीलदार ने राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को बुलाकर विवादित भूमि की पैमाइश कराई। इसके बाद उन्होंने सभी पक्षों को मुख्यमार्ग के किनारे बराबर हिस्सा देकर विवाद का निपटारा कराया। विवाद निपटने के बाद अमृत लाल ने अपने हिस्से में मिली जमीन पर बेटे के शव को दफन किया।