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मतदाता सूची से गायब हो गए तीन सौ नाम
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Wed, 19 Aug 2015 11:33 PM IST
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में बडे पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। कड़ा ब्लाक की निंदूरा ग्राम सभा के तीन सौ लोगों का नाम सूची से गायब कर दिया गया है। इसे लेकर वोटर परेशान और नाराज हैं। बुधवार को आक्रोशित मतदाताओं ने बीएलओ पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर सूची का संशोधन कराने के साथ ही कार्रवाई की भी मांग की। डीएम ने एडीएम को प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
कड़ा ब्लाक की निंदूरा ग्राम सभा के मजरा मलाक निंदूरा, मुंगहरी, महुलीतर और त्रिलोकपुर गांव के सोनू, मोनू, दशरथलाल, शनी, राकेश, विजय, नरेन्द्र, आनंद, बाबूलाल यादव आदि ने बताया कि मतदाता सूची बनाने के लिए उनके गांव में लगाए गए बीएलओ ने लापरवाही की हद कर दी है। वह गंवई राजनीति कर रहा है। कुछ करीबियों के इशारे पर बीएलओ ने घर बैठे वोटर लिस्ट बनाई है। इसमें तीन सौ से ज्यादा लोगों का नाम गायब कर दिया है। ग्रामीणों की मानें तो करीबियों के कहने पर बीएलओ ने कई नाबालिगों तक को मतदाता बना दिया है। इस बारे में पूछने पर संतोषजनक जवाब देने के बजाए बीएलओ गांव वालों से अभद्रता करता है। इसे लेकर गांव वाले खासे परेशान हैं। उन्हें इस बात का डर है कि कहीं मतदाता सूची का संशोधन नहीं कराया गया तो वह वोट देने से वंचित हो जाएंगे। गांव के लोगों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने उपनिर्वाचन अधिकारी यानी एडीएम को जांच कर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
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कड़ा ब्लाक की निंदूरा ग्राम सभा के मजरा मलाक निंदूरा, मुंगहरी, महुलीतर और त्रिलोकपुर गांव के सोनू, मोनू, दशरथलाल, शनी, राकेश, विजय, नरेन्द्र, आनंद, बाबूलाल यादव आदि ने बताया कि मतदाता सूची बनाने के लिए उनके गांव में लगाए गए बीएलओ ने लापरवाही की हद कर दी है। वह गंवई राजनीति कर रहा है। कुछ करीबियों के इशारे पर बीएलओ ने घर बैठे वोटर लिस्ट बनाई है। इसमें तीन सौ से ज्यादा लोगों का नाम गायब कर दिया है। ग्रामीणों की मानें तो करीबियों के कहने पर बीएलओ ने कई नाबालिगों तक को मतदाता बना दिया है। इस बारे में पूछने पर संतोषजनक जवाब देने के बजाए बीएलओ गांव वालों से अभद्रता करता है। इसे लेकर गांव वाले खासे परेशान हैं। उन्हें इस बात का डर है कि कहीं मतदाता सूची का संशोधन नहीं कराया गया तो वह वोट देने से वंचित हो जाएंगे। गांव के लोगों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने उपनिर्वाचन अधिकारी यानी एडीएम को जांच कर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
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