{"_id":"693b2012abcc37eab009b33d","slug":"ids-of-47-contract-workers-closed-on-energy-janshakti-app-kaushambi-news-c-261-1-kmb1014-133471-2025-12-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: ऊर्जा जनशक्ति एप पर 47 संविदा कर्मियों की आईडी बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: ऊर्जा जनशक्ति एप पर 47 संविदा कर्मियों की आईडी बंद
Fri, 12 Dec 2025 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 12 Dec 2025 01:18 AM IST
विज्ञापन
चायल। विद्युत उपखंड में ऊर्जा जनशक्ति एप आईडी अचानक बंद किए जाने से 47 संविदा कर्मचारियों में आक्रोश है। बृहस्पतिवार सुबह से ही सभी प्रभावित कर्मचारी अधिशाषी अभियंता कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन करने लगे। कर्मचारियों का कहना है कि चार दिसंबर को बिना किसी पूर्व सूचना के उनकी आईडी निष्क्रिय कर दी गई, जबकि कई साल से सेवा दे रहे कर्मियों को हटाकर नए कर्मचारियों को बनाए रखा गया है।
कार्यालय में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि संबंधित अवर अभियंता और एसडीओ जवाब देने से बचते हुए कहा कि नए टेंडर में संख्या कम होने के कारण आईडी बंद हुई है। प्रभावित कर्मियों में 90 फीसदी वह हैं जो 2019 या उससे पहले नियुक्त किए गए थे। आरोप है कि अधिकारियों ने अपने नजदीकी लोगों को बचाते हुए पुराने कर्मियों को बाहर कर दिया है।
वहीं, कई जगह चपरासी व निजी कार्य करने वालों की आईडी फर्म के माध्यम से संचालित कर भुगतान कराया जा रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि सुबह से दोपहर तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे कर्मचारियों में आक्रोश और बढ़ गया। प्रदर्शन के दौरान भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष चंदू तिवारी भी पहुंचे और बहाली की मांग का समर्थन किया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि पुराने कर्मचारियों को तुरंत बहाल नहीं किया गया तो आंदोलन जिला व प्रदेश स्तर तक किया जाएगा। प्रदर्शन में विजयदत्त मिश्रा, चंद्रधर शुक्ला, मुकेश पांडेय, अंबुज द्विवेदी आदि कर्मचारी रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यालय में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि संबंधित अवर अभियंता और एसडीओ जवाब देने से बचते हुए कहा कि नए टेंडर में संख्या कम होने के कारण आईडी बंद हुई है। प्रभावित कर्मियों में 90 फीसदी वह हैं जो 2019 या उससे पहले नियुक्त किए गए थे। आरोप है कि अधिकारियों ने अपने नजदीकी लोगों को बचाते हुए पुराने कर्मियों को बाहर कर दिया है।
विज्ञापन
वहीं, कई जगह चपरासी व निजी कार्य करने वालों की आईडी फर्म के माध्यम से संचालित कर भुगतान कराया जा रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि सुबह से दोपहर तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे कर्मचारियों में आक्रोश और बढ़ गया। प्रदर्शन के दौरान भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष चंदू तिवारी भी पहुंचे और बहाली की मांग का समर्थन किया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि पुराने कर्मचारियों को तुरंत बहाल नहीं किया गया तो आंदोलन जिला व प्रदेश स्तर तक किया जाएगा। प्रदर्शन में विजयदत्त मिश्रा, चंद्रधर शुक्ला, मुकेश पांडेय, अंबुज द्विवेदी आदि कर्मचारी रहे।
विज्ञापन