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कोटेदार पर राशन नहीं देने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Thu, 28 Jul 2016 12:09 AM IST
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सिराथू तहसील क्षेत्र के सिंघिया कोटेदार पर कार्ड धारकों ने राशन नहीं देने का आरोप लगाया है। आरोप है कि कोटेदार राशन की कालाबाजारी करता है। मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की गई है। गांव के लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
जिले में राशन की आपूर्ति व्यवस्था पटरी से उतर गई है। जिसका नतीजा है कि आए दिन डीएम और एसडीएम कार्यालय पर कोटेदार से परेशान लोग धरना प्रदर्शन करते हैं। ऐसा ही एक मामला सिंघिया कोटेदार का है। डीएम को दिए गए शिकायती पत्र में कहा गया है कि सिंघिया गांव का कोटा महिला के नाम से है। कोटे का संचालन उसका पति करता है। कोटेदार द्वारा एक मार्च से तमाम कार्ड धारकों को राशन नहीं दिया जा रहा है। कोटेदार द्वारा गांव की समिति द्वारा रजिस्टर पर हस्ताक्षर नहीं कराया जाता है।
कोटे का राशन बाजार में बेच लिया जाता है। राशन मांगने पर कोटेदार का पति कार्ड धारकों के साथ अभद्रता करता है। ग्राम प्रधान संतोष तिवारी का आरोप है कि कई बार मामले की शिकायत एसडीएम सिराथू, जिला पूर्ति अधिकारी और पूर्ति निरीक्षक से की। मगर जांच में हीलाहवाली की जा रही है। प्रधान का कहना है कि कोटेदार की मनमानी से लोग तंग हैं। शिकायत पर अफसर सुनते नहीं हैं और गांव के लोग आए दिन उनके घर पर आकर कोटेदार की शिकायत करते हैं।
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जिले में राशन की आपूर्ति व्यवस्था पटरी से उतर गई है। जिसका नतीजा है कि आए दिन डीएम और एसडीएम कार्यालय पर कोटेदार से परेशान लोग धरना प्रदर्शन करते हैं। ऐसा ही एक मामला सिंघिया कोटेदार का है। डीएम को दिए गए शिकायती पत्र में कहा गया है कि सिंघिया गांव का कोटा महिला के नाम से है। कोटे का संचालन उसका पति करता है। कोटेदार द्वारा एक मार्च से तमाम कार्ड धारकों को राशन नहीं दिया जा रहा है। कोटेदार द्वारा गांव की समिति द्वारा रजिस्टर पर हस्ताक्षर नहीं कराया जाता है।
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कोटे का राशन बाजार में बेच लिया जाता है। राशन मांगने पर कोटेदार का पति कार्ड धारकों के साथ अभद्रता करता है। ग्राम प्रधान संतोष तिवारी का आरोप है कि कई बार मामले की शिकायत एसडीएम सिराथू, जिला पूर्ति अधिकारी और पूर्ति निरीक्षक से की। मगर जांच में हीलाहवाली की जा रही है। प्रधान का कहना है कि कोटेदार की मनमानी से लोग तंग हैं। शिकायत पर अफसर सुनते नहीं हैं और गांव के लोग आए दिन उनके घर पर आकर कोटेदार की शिकायत करते हैं।
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