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Kaushambi : तेज बरसात से बढ़ी किसानों की आफत, गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान

Wed, 03 Jan 2024 01:34 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 03 Jan 2024 01:34 PM IST
सार

सर्दी के मौसम में बारिश के चलते सरसों और गेहूं की फसल पर संकट छा गया है। फूल गिर जाने के कारण उत्पादन घटने की चिंता से किसान परेशान हो गए हैं। बुधवार को हुई बारिश से फसलों को काफी नुकसान पहुंचने की आशंका जाहिर की जा रही है। 

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Farmers troubles increased due to heavy rains, damage to wheat and mustard crops
कौशांबी में बारिश के चलते खेत में भरा पानी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

बेमौसम बरसात से खेत में खड़ी सरसों की फसल लेट गई। जिन किसानों ने गेहूं की पहली सिंचाई कर दी है, उनके खेतों में दोबारा पानी भर गया है। इससे पौधों का विकास कुछ समय के लिए रुक जाएगा। इसका प्रभाव पूरी फसल पर पड़ने वाला है। बुधवार सुबह चायल, चरवा, नेवादा, तिल्हापुर मोड़, सरायअकिल में करीब एक घंटे तेज बरसात हुई है। जवाहागंज निवासी किसान जगन्नाथ सिंह, बाबूलाल ने बताया कि 10 दिन पहले ही गेंहू की सिंचाई की थी।

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फसल में यूरिया खाद भी नहीं डाल पाए। सुबह हुई बरसात से खेत में पानी भर गया है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. मनोज सिंह ने बताया कि तेज बरसात से अगेती सरसों और गेंहू की फसल के लिए नुकशान दायक है। गेहूं और सरसों के खेतों पानी भरने से पौधों में पीलापन आ सकता है। इससे उनका विकास प्रभावित हो सकता है। बारिश और खराब मौसम से कीटों का प्रकोप भी बढ़ेगा। इससे सब्जी की फसलें भी प्रभावित होंगी। खराब मौसम से किसानों चिंता बढ़ गई है।

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Farmers troubles increased due to heavy rains, damage to wheat and mustard crops
बारिश से सरसों के खेत में भरा पानी। - फोटो : अमर उजाला।

अगेती सरसों की फसल में फूल और फलियां लगने लगी थीं। सुबह हुई बारिश से ज्यादातर पौधे जमीन लेट गए हैं। इससे उत्पादन घट जाएगा। -  कृषक विजय बहादुर

गेहूं की पहली सिंचाई कर चुके हैं, खेतों की मिट्टी में दबाव कम होने पर यूरिया खाद डालनी थी। बारिश होने से पानी भर गया है। समय से खाद न पड़ने से फसल प्रभावित हो जाएगी। - कृषक संतोष सिंह

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