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ईद का मजा किरकिरा कर रही बिजली
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Thu, 07 Jul 2016 12:51 AM IST
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बिजली ईद का मजा किरकिरा कर रही। दोआबा में मंगलवार की सुबह से हो रही झमाझम बारिश के चलते विद्युत व्यवस्था धड़ाम हो गई है। 80 फीसदी गांवों की आपूर्ति मंगलवार से ठप हो चुकी है। इसके चलते लोगों को 36 घंटे से बिजली के दर्शन नहीं हो सके। बारिश के मौसम में बिजली का न होना ईद के मजे को किरकिरा कर दे रहा है।
दोआबा में रविवार की शाम से बारिश शुरू हो गई लेकिन मंगलवार की भोर से शुरू हुई झमाझम बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही है। बारिश के चलते सुहाने हुए मौसम का लोग पूरा मजा ले रहे हैं। चार माह की भीषण तपिश के बाद मौसम का मिजाज बदला तो लोगों ने राहत की सांस ली लेकिन ईद का मजा बिजली के अभाव में किरकिरा होता नजर आ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली मंगलवार की सुबह से पूरी रात गायब रही है।
ऐसा नहीं है कि विभागीय जिम्मेदारों ने बिजली आपूर्ति करने की कोशिश नहीं की लेकिन आपूर्ति शुरू होते ही बिजली के कटने की समस्या 36 घंटे से बराबर बनी हुई है। इसके चलते दोआबा के 80 फीसदी गांवों के उपभोक्ताओं को बगैर बिजली के रहना पड़ रहा है। सराय अकिल उपकेंद्र पर नजर डालें तो यहां से कस्बों की आपूर्ति तो जारी रही लेकिन मंझनपुर फीडर, महिला फीडर, नेवादा फीडर के उपभोक्ताओं को आपूर्ति नहीं मिल सकी। इसी तरह मंगलवार को शाहपुर उपकेंद्र को गई 33 हजार लाइन के तीन पोल गिर गए। उपकेंद्र की लाइन बंद होने से इससे जुड़े महेवाघाट, अलवारा और शाहपुर फीडर की आपूर्ति ठप है।
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यही हाल मनौरी पावर हाउस के पीपलगांव फीडर का है। फॉल्ट के चलते इस फीडर से आपूर्ति नहीं हो पा रही। उपकेंद्र में तैनात लाइनमैन फॉल्ट ढूंढ़ने में दिनभर हलाकान रहे पर कमी नहीं मिल सकी। यही हाल जिले के भरवारी, सिराथू, पावर हाउस के उपकेंद्रों से जुड़े गांवों का है। विभागीय जिम्मेदार हैं कि वह चरमराई विद्युत व्यवस्था को बारिश में सुधार पाने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
। दोआबा में इस बार कौमी लोगों के अलग-अलग समुदाय ने ईद का पर्व दो दिन मनाने का विचार किया है। बुधवार को शिया समुदाय के लोगों ने ईद पर्व को मनाकर भाईचारे का संदेश दिया लेकिन इस दौरान बिजली के गायब रहने से कौमी लोगों में महकमे के प्रति खासी नाराजगी दिखी। घरों में मेहमानों, परिचितों के आने-जाने के बीच बिजली गायब रहना लोगों को सुबह से लेकर रात तक अखरता रहा लेकिन जिम्मेदार हैं कि उन्हें लोगों के पर्व की तनिक भी परवाह नहीं रहा। ऐसे में लोगों को पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ा।
सूबे के सीएम अखिलेश यादव ने ईद पर्व के मौके पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति देने का फरमान जारी कर रखा है लेकिन बारिश के चलते जगह-जगह विद्युत लाइन के फॉल्ट मंगलवार से ही मुसीबत बन गए। विद्युत कर्मी एक जगह का फॉल्ट ठीक कर आपूर्ति बहाल कराते तो लाइन कुछ देर चलकर ब्रेक हो जाती। उधर, पावर हाउस में पर्याप्त लाइनमैन के न होने से कई जगहों पर फॉल्ट सुधारने के लिए कोई पहुंच ही नहीं सका। ऐसे में शिया समुदाय के लोगों की ईद बिजली और पानी के अभाव में बीती। इसे लेकर कौमी लोगों में महकमे के प्रति खासी नाराजगी दिखी।
दोआबा के विद्युत उपकेंद्रों पर संविदा लाइन मैनों की भारी फौज है। इन लाइनमैनों के सहारे ही जिले की बिजली व्यवस्था संचालित की जाती है लेकिन सात माह से मानदेय का भुगतान न होने से संविदा पर तैनात विद्युत कर्मियों ने हड़ताल कर रखा है। उन्होंने मानदेय भुगतान न होने तक काम बंद रखने का एलान कर रखा है। इसके चलते बारिश के दौरान उत्पन्न हुई फॉल्ट की समस्या को ठीक करा पाने में महकमे के जिम्मेदारों को कठिनाई हो रही है। ईद के खास मौके पर संविदा कर्मियों की हड़ताल के चलते समस्या और बढ़ गई।
बारिश के दौरान हवा चलने से पेड़ों की डाल लाइनों को छू जाती हैं। इसके चलते संबंधित लाइन ब्रेकडाउन हो जाती है। दूसरी ओर संविदा कर्मियों की हड़ताल के चलते फॉल्ट ठीक कराने में समस्या हो रही है। विद्युत आपूर्ति भरपूर दी जा सके इसके लिए पूरी कोशिश की जा रही है।
एके गौतम, एक्सईएन
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दोआबा में रविवार की शाम से बारिश शुरू हो गई लेकिन मंगलवार की भोर से शुरू हुई झमाझम बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही है। बारिश के चलते सुहाने हुए मौसम का लोग पूरा मजा ले रहे हैं। चार माह की भीषण तपिश के बाद मौसम का मिजाज बदला तो लोगों ने राहत की सांस ली लेकिन ईद का मजा बिजली के अभाव में किरकिरा होता नजर आ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली मंगलवार की सुबह से पूरी रात गायब रही है।
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ऐसा नहीं है कि विभागीय जिम्मेदारों ने बिजली आपूर्ति करने की कोशिश नहीं की लेकिन आपूर्ति शुरू होते ही बिजली के कटने की समस्या 36 घंटे से बराबर बनी हुई है। इसके चलते दोआबा के 80 फीसदी गांवों के उपभोक्ताओं को बगैर बिजली के रहना पड़ रहा है। सराय अकिल उपकेंद्र पर नजर डालें तो यहां से कस्बों की आपूर्ति तो जारी रही लेकिन मंझनपुर फीडर, महिला फीडर, नेवादा फीडर के उपभोक्ताओं को आपूर्ति नहीं मिल सकी। इसी तरह मंगलवार को शाहपुर उपकेंद्र को गई 33 हजार लाइन के तीन पोल गिर गए। उपकेंद्र की लाइन बंद होने से इससे जुड़े महेवाघाट, अलवारा और शाहपुर फीडर की आपूर्ति ठप है।
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यही हाल मनौरी पावर हाउस के पीपलगांव फीडर का है। फॉल्ट के चलते इस फीडर से आपूर्ति नहीं हो पा रही। उपकेंद्र में तैनात लाइनमैन फॉल्ट ढूंढ़ने में दिनभर हलाकान रहे पर कमी नहीं मिल सकी। यही हाल जिले के भरवारी, सिराथू, पावर हाउस के उपकेंद्रों से जुड़े गांवों का है। विभागीय जिम्मेदार हैं कि वह चरमराई विद्युत व्यवस्था को बारिश में सुधार पाने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
। दोआबा में इस बार कौमी लोगों के अलग-अलग समुदाय ने ईद का पर्व दो दिन मनाने का विचार किया है। बुधवार को शिया समुदाय के लोगों ने ईद पर्व को मनाकर भाईचारे का संदेश दिया लेकिन इस दौरान बिजली के गायब रहने से कौमी लोगों में महकमे के प्रति खासी नाराजगी दिखी। घरों में मेहमानों, परिचितों के आने-जाने के बीच बिजली गायब रहना लोगों को सुबह से लेकर रात तक अखरता रहा लेकिन जिम्मेदार हैं कि उन्हें लोगों के पर्व की तनिक भी परवाह नहीं रहा। ऐसे में लोगों को पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ा।
सूबे के सीएम अखिलेश यादव ने ईद पर्व के मौके पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति देने का फरमान जारी कर रखा है लेकिन बारिश के चलते जगह-जगह विद्युत लाइन के फॉल्ट मंगलवार से ही मुसीबत बन गए। विद्युत कर्मी एक जगह का फॉल्ट ठीक कर आपूर्ति बहाल कराते तो लाइन कुछ देर चलकर ब्रेक हो जाती। उधर, पावर हाउस में पर्याप्त लाइनमैन के न होने से कई जगहों पर फॉल्ट सुधारने के लिए कोई पहुंच ही नहीं सका। ऐसे में शिया समुदाय के लोगों की ईद बिजली और पानी के अभाव में बीती। इसे लेकर कौमी लोगों में महकमे के प्रति खासी नाराजगी दिखी।
दोआबा के विद्युत उपकेंद्रों पर संविदा लाइन मैनों की भारी फौज है। इन लाइनमैनों के सहारे ही जिले की बिजली व्यवस्था संचालित की जाती है लेकिन सात माह से मानदेय का भुगतान न होने से संविदा पर तैनात विद्युत कर्मियों ने हड़ताल कर रखा है। उन्होंने मानदेय भुगतान न होने तक काम बंद रखने का एलान कर रखा है। इसके चलते बारिश के दौरान उत्पन्न हुई फॉल्ट की समस्या को ठीक करा पाने में महकमे के जिम्मेदारों को कठिनाई हो रही है। ईद के खास मौके पर संविदा कर्मियों की हड़ताल के चलते समस्या और बढ़ गई।
बारिश के दौरान हवा चलने से पेड़ों की डाल लाइनों को छू जाती हैं। इसके चलते संबंधित लाइन ब्रेकडाउन हो जाती है। दूसरी ओर संविदा कर्मियों की हड़ताल के चलते फॉल्ट ठीक कराने में समस्या हो रही है। विद्युत आपूर्ति भरपूर दी जा सके इसके लिए पूरी कोशिश की जा रही है।
एके गौतम, एक्सईएन