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जिला पंचायत कौशांबी : अपर मुख्य अधिकारी समेत पांच पर रिश्वत मांगने की शुरू हुई जांच

Sat, 04 Jun 2022 12:57 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 04 Jun 2022 12:57 AM IST
सार

प्रयागराज जनपद की सुषमा सिंह की मेसर्स चित्रा कंस्ट्रक्शन फर्म है। वर्ष 2021-22 में फर्म ने जिला पंचायत कौशाम्बी से टेंडर लेकर एक करोड़ से अधिक लागत वाली परियोजनाओं का निर्माण कार्य कराया था।

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District Panchayat Kaushambi: Investigation started for demanding bribe on five including Additional Chief Officer
जांच-सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिल पंचायत अपर मुख्य अधिकारी समेत पांच अफसरों के खिलाफ रिश्वत मांगने की जांच शुरू हो गई। इन अधिकारियों के खिलाफ एक फर्म ने रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। निलंबन के बाद अब आरोपों की अंतिम जांच कमिश्नर को सौंपी गई थी। कमिश्नर प्रयागराज ने डीएम कौशाम्बी से संबंधित अभिलेख तलब किए हैं। आरोप लगने के बाद जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी व तीन जेई समेत पांच अधिकारियों को शासन ने निलंबित कर दिया था। 

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प्रयागराज जनपद की सुषमा सिंह की मेसर्स चित्रा कंस्ट्रक्शन फर्म है। वर्ष 2021-22 में फर्म ने जिला पंचायत कौशाम्बी से टेंडर लेकर एक करोड़ से अधिक लागत वाली परियोजनाओं का निर्माण कार्य कराया था। फर्म संचालक सुषमा सिंह ने 18 अगस्त 2021 को शासन से शिकायत कर कहा था कि कराए गए कार्य की रकम का भुगतान के लिए उनसे रिश्वत मांगी जा रही है। रिश्वत देने से इंकार करने पर 70 लाख रुपये से अधिक का भुगतान रोक दिया गया।
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उपलब्ध कराए गए सीडी, रिकॉर्डिंग एवं अभिलेखों के आधार पर अपर मुख्य सचिव पंचायती राज ने जांच की तो रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इस पर जिला पंचायत के तत्कालीन अपर मुख्य अधिकारी रणमत सिंह, सहायक अभियंता अखिलेश्वर मल्ल, अवर अभियंता हिमांशु यादव, मनीष कुमार व सुशील कुमार समेत पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। अब शासन ने प्रकरण की अंतिम जांच मंडलायुक्त को सौंपी है। जांच को अंतिम रूप देने के लिए आयुक्त ने डीएम सुजीत कुमार से अभिलेख तलब किए हैं। 
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मांगे गए ये अभिलेख 
निलंबित कर्मचारियों के कंडीशनल बहाली के लिए शासन की ओर से जारी की गई आदेश की सत्यापित कापी। संस्था को काली सूची में डालने के लिए जिला पंचायत अनुश्रवण कोष्ठक पंचायती राज विभाग लखनऊ की ओर से जारी किया गया मार्गदर्शन पत्र समेत कई अभिलेख शामिल हैं।

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