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डेंगू से दो की मौत, परिजनों में कोहराम
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Thu, 10 Nov 2016 12:13 AM IST
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जिले के दो अलग-अलग गांवों में डेंगू से पीड़ित महिला और बालक की मौत हो गई। मौत से दोनो के परिजनों में कोहराम मच गया। बीमारी से मौत की जानकारी अन्य पीड़ितों और उनके परिजनों को हुई तो हड़कंप मच गया। मामले में महकमे के जिम्मेदार जानकारी से ही इनकार कर रहे हैं।
जिले में डेंगू का डंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सीएचसी कनैली के नैनुआ गांव की रहने वाली फातिमा बीवी (57) पत्नी वजीर अब्बास सप्ताह भर से डेंगू के चपेट में थीं। हालत बिगड़ने पर सात नवंबर को उन्हें एसआरएन में भर्ती कराया गया। बुधवार की भोर पीड़िता ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। दूसरा मामला सीएचसी सिराथू के मधवामई गांव का है। यहां के आदित्य (08) पुत्र बनवारी लाल डेंगू से पीड़ित था। उसका इलाज इलाहाबाद के एक निजी चिकित्सालय में चल रहा था।
बुधवार की भोर आदित्य भी बीमारी से लड़ते हुए जिंदगी की जंग हार गया। घटना की जानकारी मृतकों के परिजनों को हुई तो कोहराम मच गया। बीमारी से मौत की खबर डेंगू पीड़ित अन्य लोगों को हुई तो उनमें हड़कंप मच गया है। उधर महकमे के जिम्मेदार हैं कि वह फैल रही बीमारी और हो रही मौतों को लेकर तनिक भी संजीदा नहीं है। सीएचसी कनैली के अधीक्षक डॉ. आशीष गुप्ता ने तो किसी की मौत होने की जानकारी से ही इंकार कर दिया। उधर डेंगू से लगातार हो रही मौतों से जिले में दहशत है।
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सप्ताह भर बाद भी करारी नहीं पहुंची टीम
नगर पंचायत करारी के अंसारगंज मोहल्ले में सप्ताह भर से डेंगू फैला हुआ है। दर्जनभर लोग अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती हैं। मामले की जानकारी कस्बे के लोगों ने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसके उपाध्याय को उनके मोबाइल पर कई बार दी। इसके बावजूद कस्बे में चिकित्सकों की टीम नहीं पहुंच सकी। इसे लेकर कस्बे के लोगों में महकमे के जिम्मेदारों के प्रति नाराजगी है।
डीपीआरओ की हालत में हुआ सुधार
डीपीआरओ कमल किशोर को कई दिनों से बुखार आ रहा था। उनकी प्लेटलेट्स घट गई थी। डेंगू की चपेट में होने के कारण उन्हें इलाज के लिए इलाहाबाद के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया। जांच में डेंगू के लक्षण मिलने से विकास भवन में हड़कंप मच गया । उनके स्वास्थ्य का हाल जानने के लिए विकास भवन के कई अधिकारी अस्पताल पहुंचे। विकास भवन के जिम्मेदारों की माने तो डीपीआरओ की हालत में काफी सुधार हो गया है। फिलहाल अभी वह अस्पताल में हैं।
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जिले में डेंगू का डंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सीएचसी कनैली के नैनुआ गांव की रहने वाली फातिमा बीवी (57) पत्नी वजीर अब्बास सप्ताह भर से डेंगू के चपेट में थीं। हालत बिगड़ने पर सात नवंबर को उन्हें एसआरएन में भर्ती कराया गया। बुधवार की भोर पीड़िता ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। दूसरा मामला सीएचसी सिराथू के मधवामई गांव का है। यहां के आदित्य (08) पुत्र बनवारी लाल डेंगू से पीड़ित था। उसका इलाज इलाहाबाद के एक निजी चिकित्सालय में चल रहा था।
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बुधवार की भोर आदित्य भी बीमारी से लड़ते हुए जिंदगी की जंग हार गया। घटना की जानकारी मृतकों के परिजनों को हुई तो कोहराम मच गया। बीमारी से मौत की खबर डेंगू पीड़ित अन्य लोगों को हुई तो उनमें हड़कंप मच गया है। उधर महकमे के जिम्मेदार हैं कि वह फैल रही बीमारी और हो रही मौतों को लेकर तनिक भी संजीदा नहीं है। सीएचसी कनैली के अधीक्षक डॉ. आशीष गुप्ता ने तो किसी की मौत होने की जानकारी से ही इंकार कर दिया। उधर डेंगू से लगातार हो रही मौतों से जिले में दहशत है।
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सप्ताह भर बाद भी करारी नहीं पहुंची टीम
नगर पंचायत करारी के अंसारगंज मोहल्ले में सप्ताह भर से डेंगू फैला हुआ है। दर्जनभर लोग अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती हैं। मामले की जानकारी कस्बे के लोगों ने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसके उपाध्याय को उनके मोबाइल पर कई बार दी। इसके बावजूद कस्बे में चिकित्सकों की टीम नहीं पहुंच सकी। इसे लेकर कस्बे के लोगों में महकमे के जिम्मेदारों के प्रति नाराजगी है।
डीपीआरओ की हालत में हुआ सुधार
डीपीआरओ कमल किशोर को कई दिनों से बुखार आ रहा था। उनकी प्लेटलेट्स घट गई थी। डेंगू की चपेट में होने के कारण उन्हें इलाज के लिए इलाहाबाद के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया। जांच में डेंगू के लक्षण मिलने से विकास भवन में हड़कंप मच गया । उनके स्वास्थ्य का हाल जानने के लिए विकास भवन के कई अधिकारी अस्पताल पहुंचे। विकास भवन के जिम्मेदारों की माने तो डीपीआरओ की हालत में काफी सुधार हो गया है। फिलहाल अभी वह अस्पताल में हैं।