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बढ़ी ठंड, घरों में दुबके रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Tue, 03 Jan 2017 12:43 AM IST
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जिले में शीतलहर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। चार दिन से सूर्य के दर्शन नहीं हुए। ऐसे में शीतलहर चलने से जिले के लोग ठिठुर रहे हैं। हाड़ कंपाने वाली ठंड ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लोग दिनभर घरों में दुबके रहे। बाजार हो या सरकारी कार्यालय, कड़ाके की ठंड के चलते हर जगह सन्नाटा छाया रहा। यहां तक कि ठंड ने मुख्यालय में डटे रहने वाले फरियादियों की संख्या शून्य कर दिया है। गर्म कपड़े पहनने के बाद भी लोगों को ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है।
दोआबा में पिछले चार दिन से भगवान सूर्य के दर्शन नहीं हो रहे हैं। सूरज की तपिश से मरहूम जिले में दिनरात चल रही शीतलहर ने जनमानस को ठिठुरने को मजबूर कर दिया है। ठंड से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों से पूरे बदन को ढककर घरों से बाहर निकले पर उन्हें राहत नहीं मिली। ठंड ने उन्हें घरों में दुबकने के लिए सोमवार को भी मजबूर कर दिया। लोगों को गर्म कपड़ों में भी राहत नहीं मिली तो वह घरों में अलाव तापते रहे या रजाई में लिपटे नजर आए। मौसम विभाग के आंकड़ों पर जाएं तो सोमवार को तापमान में कुछ बढ़ोत्तरी देखने को मिली। लेकिन धूप न निकलने और सर्द हवाओं के चलने से गलन से छुटकारा नहीं मिल रहा था। कड़ाके की ठंड से सोमवार को भी जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा। इससे कस्बों और गांवों सहित मुख्यालय की सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा। ठंड का सबसे बुरा असर मवेशियों पर देखने को मिल रहा है। जनमानस तो किसी तरह बचाव कर ले रहा है पर मवेशियों के लिए कोई इंतजाम नहीं हो पा रहा।
आखिर कब जलेंगे अलाव
कड़ाके की ठंड से कांप रहे दोआबा में जन-जन का बुरा हाल है। लोगों को गर्म कपड़ों से भी राहत नहीं मिल पा रही है। कड़ाके की ठंड में सफर करने वालों का बुरा हाल है। बस, टैंपो, टैक्सी से उतरने के बाद लोग चौराहों पर पहुंचते ही अलाव की तलाश में भटकते नजर आए। अलाव न मिलने पर वह चाय पीने के बहाने भट्ठियों में हाथ सेंकने को मजबूर हो रहे हैं। मुख्यालय मंझनपुर सहित सैनी रोडवेज बस स्टाफ, सिराथू रेलवे स्टेशन, भरवारी रेलवे स्टेशन मनौरी, करारी कहीं भी अलाव नहीं नजर आ रहा है।
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नष्ट हो सकती हैं कई फसलें
खेतों में बोई गई आलू की पछेती खेती धूप न निकलने और कोहरे से झुलसने लगी है। आलू के अलावा सरसों, चना और अरहर की फसलें भी फूल पर हैं। कड़ाके की ठंड और कोहरा से इन फसलों के फूल झुलसकर गिरने लगे हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। आलू में जहां पैदावार प्रभावित होगी वहीं सरसों, चना और अरहर में फली भरपूर नहीं लग पाएगी। फसलों को मुरझाता देख किसानों के चेहरे भी मुरझाने लगे हैं।
डेढ़ लाख रुपया लकड़ी खरीदने के लिए तीनों तहसीलों को दिया गया है। प्रमुख स्थानों पर अलाव जलवाए जा रहे हैं।
आरके श्रीवास्तव, एडीएम
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दोआबा में पिछले चार दिन से भगवान सूर्य के दर्शन नहीं हो रहे हैं। सूरज की तपिश से मरहूम जिले में दिनरात चल रही शीतलहर ने जनमानस को ठिठुरने को मजबूर कर दिया है। ठंड से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों से पूरे बदन को ढककर घरों से बाहर निकले पर उन्हें राहत नहीं मिली। ठंड ने उन्हें घरों में दुबकने के लिए सोमवार को भी मजबूर कर दिया। लोगों को गर्म कपड़ों में भी राहत नहीं मिली तो वह घरों में अलाव तापते रहे या रजाई में लिपटे नजर आए। मौसम विभाग के आंकड़ों पर जाएं तो सोमवार को तापमान में कुछ बढ़ोत्तरी देखने को मिली। लेकिन धूप न निकलने और सर्द हवाओं के चलने से गलन से छुटकारा नहीं मिल रहा था। कड़ाके की ठंड से सोमवार को भी जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा। इससे कस्बों और गांवों सहित मुख्यालय की सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा। ठंड का सबसे बुरा असर मवेशियों पर देखने को मिल रहा है। जनमानस तो किसी तरह बचाव कर ले रहा है पर मवेशियों के लिए कोई इंतजाम नहीं हो पा रहा।
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आखिर कब जलेंगे अलाव
कड़ाके की ठंड से कांप रहे दोआबा में जन-जन का बुरा हाल है। लोगों को गर्म कपड़ों से भी राहत नहीं मिल पा रही है। कड़ाके की ठंड में सफर करने वालों का बुरा हाल है। बस, टैंपो, टैक्सी से उतरने के बाद लोग चौराहों पर पहुंचते ही अलाव की तलाश में भटकते नजर आए। अलाव न मिलने पर वह चाय पीने के बहाने भट्ठियों में हाथ सेंकने को मजबूर हो रहे हैं। मुख्यालय मंझनपुर सहित सैनी रोडवेज बस स्टाफ, सिराथू रेलवे स्टेशन, भरवारी रेलवे स्टेशन मनौरी, करारी कहीं भी अलाव नहीं नजर आ रहा है।
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नष्ट हो सकती हैं कई फसलें
खेतों में बोई गई आलू की पछेती खेती धूप न निकलने और कोहरे से झुलसने लगी है। आलू के अलावा सरसों, चना और अरहर की फसलें भी फूल पर हैं। कड़ाके की ठंड और कोहरा से इन फसलों के फूल झुलसकर गिरने लगे हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। आलू में जहां पैदावार प्रभावित होगी वहीं सरसों, चना और अरहर में फली भरपूर नहीं लग पाएगी। फसलों को मुरझाता देख किसानों के चेहरे भी मुरझाने लगे हैं।
डेढ़ लाख रुपया लकड़ी खरीदने के लिए तीनों तहसीलों को दिया गया है। प्रमुख स्थानों पर अलाव जलवाए जा रहे हैं।
आरके श्रीवास्तव, एडीएम