{"_id":"6956d0d237ed6e86d9097343","slug":"cold-and-frost-caused-heavy-damage-to-potato-mustard-and-vegetable-crops-kaushambi-news-c-261-1-pr11004-134451-2026-01-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: ठंड और पाले से आलू, सरसों व सब्जी की फसलों को भारी नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: ठंड और पाले से आलू, सरसों व सब्जी की फसलों को भारी नुकसान
विज्ञापन
कोहरे- पाले से प्रभावित मिर्च और बैंगन की फसल। फोटो संवाद
इन दिनों पड़ रही कड़ाके की ठंड और पाले ने खेती-किसानी को भी गहरी चोट पहुंचाई है। शीतलहर के कारण जहां आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं पशु-पक्षी भी बेहाल हैं। रबी सीजन की प्रमुख फसल आलू, सरसों के साथ टमाटर, मटर, मिर्च और बैंगन जैसी सब्जी फसलें पाले से सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं।
किसान ओमप्रकाश त्रिपाठी, शिवमूरत सिंह, केशलाल के अनुसार आलू की फसल में पत्तियों और तनों पर पाले की मार से वृद्धि रुक गई है, जिससे कंदों के आकार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। सरसों की फसल में फूल और फलियों को नुकसान पहुंचा है, जिससे दाना भराव प्रभावित हो सकता है।
वहीं टमाटर, मटर, मिर्च और बैंगन जैसी सब्जी फसलों की खेती करने वाले किसान हीरालाल सरोज के मुताबिक, पाले के कारण पौधे मुरझा गए हैं, पत्तियां पीली और सफेद पड़ गई हैं। पौधों में फूल और फल नहीं आ रहे हैं।
विज्ञापन
किसान विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक अजय सिंह ने किसानों को पाले से बचाव के लिए सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उन्होंने बताया है कि जिन खेतों में सिंचाई की सुविधा है, वहां रात के समय हल्की सिंचाई करने से पाले का प्रभाव कम किया जा सकता है।
विज्ञापन
किसान ओमप्रकाश त्रिपाठी, शिवमूरत सिंह, केशलाल के अनुसार आलू की फसल में पत्तियों और तनों पर पाले की मार से वृद्धि रुक गई है, जिससे कंदों के आकार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। सरसों की फसल में फूल और फलियों को नुकसान पहुंचा है, जिससे दाना भराव प्रभावित हो सकता है।
विज्ञापन
वहीं टमाटर, मटर, मिर्च और बैंगन जैसी सब्जी फसलों की खेती करने वाले किसान हीरालाल सरोज के मुताबिक, पाले के कारण पौधे मुरझा गए हैं, पत्तियां पीली और सफेद पड़ गई हैं। पौधों में फूल और फल नहीं आ रहे हैं।
विज्ञापन
किसान विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक अजय सिंह ने किसानों को पाले से बचाव के लिए सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उन्होंने बताया है कि जिन खेतों में सिंचाई की सुविधा है, वहां रात के समय हल्की सिंचाई करने से पाले का प्रभाव कम किया जा सकता है।