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बिना नेटवर्क के खिलौना बने मोबाइल

Fri, 29 Jul 2016 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Fri, 29 Jul 2016 12:24 AM IST
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विकास खंड कौशाम्बी के कोषम इनाम गांव में लगा बीएसएनएल टॉवर इलाके के उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बन गया है। आए दिन नेटवर्क के गायब रहने से उपभोक्ताओं को संचार सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा। टॉवर कर्मियों की लापरवाही के चलते इलाके के उपभोक्ता तो हलाकान हैं ही सरकारी दफ्तरों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को भी संचार की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
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कौशाम्बी ब्लॉक क्षेत्र के उपभोक्ताओं को संचार सेवा मुहैया कराने के लिए कोषम इनाम गांव में भारत दूर संचार निगम लिमिटेड ने टॉवर लगवा रखा है। शुरुआत में नेटवर्क की अच्छी सुविधा मिलने पर उपभोक्ताओं ने भारी मात्रा में बीएसएनएल सिम की खरीददारी कर सेवा लेना शुरू कर दिया लेकिन समय बीतने के साथ-साथ बीएसएनएल संचार सेवा भी ध्वस्त होती गई। वैसे तो दिन में चार से छह घंटे तक नेटवर्क गायब रहना बीएसएनएल के लिए आम बात थी।
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इलाके के उपभोक्ताओं में इसकी आदत भी पड़ गई है लेकिन सप्ताह भर से नेटवर्क पूरी तरह से गायब है। इससे इलाके के उपभोक्ता अपने रिश्तेदारों, परिचितों के संपर्क से बाहर चल रहे हैं। मामले की शिकायत करने के लिए एसडीओ का नंबर है। उस नंबर पर जब फोन लगाया जाता है तो कभी कोई कर्मचारी उठाता है कभी फोन बंद कर देता है। सप्ताह भर से गायब नेटवर्क को लेकर इलाके के उपभोक्ताओं का बुरा हाल है। उपभोक्ताओं को राह नहीं सूझ रही कि वह अब रिश्तेदारी और परिचितों में बंट चुके इस नंबर को कैसे बदलें। बहरहाल यही हाल रहा तो इलाके के उपभोक्ता बीएसएनएल की सेवा तौबा करने में अब देर नहीं करेंगे।
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पुलिस व प्रशासन को भी उठानी पड़ रही परेशानी
 बीएसएनएल टॉवर से गायब नेटवर्क इलाके में पुलिस और प्रशासन के कार्यों में भी दखल डाल रहा है। कौशाम्बी थानाध्यक्ष का सीयूजी मोबाइल नंबर बीएसएनएल का है। नेटवर्क गायब रहने से फरियादियों और जरूरतमंदों का संपर्क थानाध्यक्ष से नहीं हो पाता। यदि रात में इलाके के गांवों में बदमाश आ जाएं तो पुलिस तक इसकी सूचना नहीं पहुंचाई जा सकती।

दूसरी ओर ब्लॉक में बीडीओ, सीएचसी प्रभारी, पशु चिकित्साधिकारी, डीपीआरओ समेत कई विभागों के दफ्तर हैं। नेटवर्क गायब होने की वजह सरकारी फीडिंग समेत इलाके के फरियादियों और लाभार्थियों का काम अधर में लटका हुआ है। इसके बावजूद बीएसएनएल के जिम्मेदार इस ओर तनिक भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।


ठप हैं इलाके के सहज जनसेवा केंद्र
 ब्लॉक क्षेत्र के गांवों में बीएसएनएल के इंटरनेट से दर्जनों सहज जन सेवा केंद्र जुड़े हैं। इन केंद्रों पर आय, जाति, निवास प्रमाण पत्रों के अलावा विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं। नेट सेवा बंद होने की वजह से इलाके के जरूरतमंदों के काम पूरी तरह से ठप हैं। इसके चलते सप्ताह भर से जरूरतमंद सहज जनसेवा केंद्र जाते हैं और मायूस होकर लौट आते हैं। हालात यह हो गए हैं कि आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र के अभाव में तमाम छात्र-छात्राओं के विद्यालयों में प्रवेश नहीं हो पा रहे हैं।
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