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Kaushambi News: वायरल बुखार के साथ हड्डियां दे रहीं असहनीय पीड़ा
Sat, 06 Sep 2025 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sat, 06 Sep 2025 01:09 AM IST
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हड्डी रोग विभाग की ओपीडी में मरीज का इलाज करते डॉ. राहुल भारतीय। संवाद
बदलते मौसम में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना बड़ी संख्या में लोग बुखार की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि इन दिनों वायरल फीवर के साथ हड्डियों का दर्द भी गंभीर समस्या बन गया है। मरीज बुखार उतरने के बाद भी हड्डियों में असहनीय पीड़ा और झनझनाहट से परेशान हैं।
मेडिकल कॉलेज के मुख्य अस्पताल में हड्डीरोग विभाग की ओपीडी में बृहस्पतिवार को एक हजार से अधिक मरीजों का इलाज किया गया जिनमें सर्वाधिक संख्या वायरल पीड़ितों की रही। इनमें से 50 से अधिक मरीज ऐसे थे, जिन्हें हड्डियों में तेज दर्द और कमजोरी की समस्या थी। चिकित्सकों का कहना है कि बुखार के दौरान पोषण युक्त भोजन न करने और खानपान में कैल्शियम की कमी के चलते हड्डियों की यह समस्या बढ़ रही है।
हड्डी विभाग के डॉ. राहुल भारतीय का कहना है कि कैल्शियम की कमी से न केवल हड्डियों में दर्द होता है, बल्कि धीरे-धीरे हड्डियों का क्षरण भी शुरू हो सकता है। इसके लिए लोगों को अपने भोजन में नियमित रूप से दूध, दही, मट्ठा और घी जैसे डेयरी उत्पाद शामिल करने चाहिए। अंडे का सेवन भी कैल्शियम की पूर्ति में सहायक माना गया है।
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साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि लोग स्वयं से कैल्शियम की दवा का उपयोग न करें। साथ ही आयरन के साथ कैल्शियम की दवा न खाएं। शरीर में कैल्शियम को अवशोषित करने के लिए अन्य पोषक तत्वों की भी आवश्यकता होती है इसलिए हड्डियों से जुड़ी किसी भी समस्या पर मरीज को जांच कराकर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। समय पर इलाज और सही खानपान से इस परेशानी से बचाव संभव है।
बुखार उतरा, पर हड्डियों के दर्द से बेहाल मरीज
मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने आए रामजी ने बताया कि बुखार ठीक होने के बाद भी जोड़ों में लगातार दर्द बना हुआ है जिससे रोजमर्रा के कामकाज मुश्किल हो गए हैं। ननकू लाल ने कहा कि वायरल उतरने के बावजूद हाथ-पांव में झनझनाहट और थकान बनी रहती है। राधा देवी का कहना है कि कमजोरी और हड्डियों में दर्द के कारण सीढ़ियां चढ़ना-उतरना भी कठिन हो गया है। वहीं सुखरानी ने बताया कि तेज बुखार के बाद शरीर इतना टूटता है कि उठना-बैठना भी भारी लग रहा है। मरीजों का कहना है कि सही समय पर इलाज और पोषण युक्त भोजन ही राहत दिला सकता है।
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मेडिकल कॉलेज के मुख्य अस्पताल में हड्डीरोग विभाग की ओपीडी में बृहस्पतिवार को एक हजार से अधिक मरीजों का इलाज किया गया जिनमें सर्वाधिक संख्या वायरल पीड़ितों की रही। इनमें से 50 से अधिक मरीज ऐसे थे, जिन्हें हड्डियों में तेज दर्द और कमजोरी की समस्या थी। चिकित्सकों का कहना है कि बुखार के दौरान पोषण युक्त भोजन न करने और खानपान में कैल्शियम की कमी के चलते हड्डियों की यह समस्या बढ़ रही है।
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हड्डी विभाग के डॉ. राहुल भारतीय का कहना है कि कैल्शियम की कमी से न केवल हड्डियों में दर्द होता है, बल्कि धीरे-धीरे हड्डियों का क्षरण भी शुरू हो सकता है। इसके लिए लोगों को अपने भोजन में नियमित रूप से दूध, दही, मट्ठा और घी जैसे डेयरी उत्पाद शामिल करने चाहिए। अंडे का सेवन भी कैल्शियम की पूर्ति में सहायक माना गया है।
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साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि लोग स्वयं से कैल्शियम की दवा का उपयोग न करें। साथ ही आयरन के साथ कैल्शियम की दवा न खाएं। शरीर में कैल्शियम को अवशोषित करने के लिए अन्य पोषक तत्वों की भी आवश्यकता होती है इसलिए हड्डियों से जुड़ी किसी भी समस्या पर मरीज को जांच कराकर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। समय पर इलाज और सही खानपान से इस परेशानी से बचाव संभव है।
बुखार उतरा, पर हड्डियों के दर्द से बेहाल मरीज
मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने आए रामजी ने बताया कि बुखार ठीक होने के बाद भी जोड़ों में लगातार दर्द बना हुआ है जिससे रोजमर्रा के कामकाज मुश्किल हो गए हैं। ननकू लाल ने कहा कि वायरल उतरने के बावजूद हाथ-पांव में झनझनाहट और थकान बनी रहती है। राधा देवी का कहना है कि कमजोरी और हड्डियों में दर्द के कारण सीढ़ियां चढ़ना-उतरना भी कठिन हो गया है। वहीं सुखरानी ने बताया कि तेज बुखार के बाद शरीर इतना टूटता है कि उठना-बैठना भी भारी लग रहा है। मरीजों का कहना है कि सही समय पर इलाज और पोषण युक्त भोजन ही राहत दिला सकता है।

हड्डी रोग विभाग की ओपीडी में मरीज का इलाज करते डॉ. राहुल भारतीय। संवाद