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सप्ताह भर से ठप है बखड़ुवा फीडर की आपूर्ति

Fri, 29 Jul 2016 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Fri, 29 Jul 2016 12:24 AM IST
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 पुरखास उपकेंद्र में ताला लटक रहा है। यहां के बखड़ुवा फीडर को सप्ताह भर से आपूर्ति नहीं मिल रही है। इससे फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं का हाल बेहाल है। उपकेंद्र में किसी भी जिम्मेदार के मौजूद न होने से उपभोक्ता जेई और एसडीओ के मोबाइल पर शिकायत दर्ज कराते हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। इसे लेकर उपभोक्ताओं में आक्रोश पनपने लगा है।
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विद्युत उपकेंद्र पुरखास के बखड़ुवा फीडर से इलाके के मुस्तफाबाद समेत दर्जनभर गांवों को आपूर्ति दी जाती है। इलाके के नुमान, बदरअब्बास, हैदर अब्बास, अख्तर अब्बास समेत ग्राम प्रधान मुस्तफाबाद फूलचंद्र ने आरोप लगाया कि उपकेंद्र से इस फीडर के उपभोक्ताओं को सप्ताह भर से बिजली नहीं दी जा रही है। उपकेंद्र में तैनात जेई का कोई अता-पता नहीं रहता। प्राइवेट कर्मचारी गोरेलाल भी कभी नहीं आता। जब फोन किया जाता है कि तो सहूलियत से बात भी नहीं करता।
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उधर सप्ताह भर से ठप आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं को मजबूरी में रात अंधेरे में गुजारनी पड़ रही है। सबसे बुरा हाल नलकूप और आटा चक्की के उपभोक्ताओं का है। बिजली न मिलने से नलकूप स्वामी अपने खेतों में धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं तो दूसरी ओर आटा चक्की मालिकों को मुफ्त में बिल देना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं ने अधिशासी अभियंता का ध्यान आकृष्ट कराते हुए चरमराई विद्युत व्यवस्था में सुधारे जाने की मांग की है।
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उपकेंद्र से कहां गायब रहते हैं कर्मचारी
 पुरखास उपकेंद्र में जेई शिवबाबू निषाद की तैनाती है। इनके ऊपर मनौरी पावर हाउस की भी जिम्मेदारी है। मनौरी पावर हाउस बड़ा होने के कारण यह पुरखास उपकेंद्र पर कभी कभार ही आते हैं। जेई के न आने से उपकेंद्र में तैनात प्राइवेट कर्मचारी और लाइनमैन ताला बंद कर गायब रहते हैं। उपभोक्ता मामले की शिकायत करने के लिए जब जेई को फोन लगाते हैं तो उनका फोन भी रिसीव नहीं होता। कभी यदि फोन उठा भी लिया तो ठीक से बात तक नहीं करते। उधर, प्राइवेट कर्मियों के भरोसे उपकेंद्र की व्यवस्था छोड़े जाने से स्थिति दिनोंदिन बिगड़ती जा रही है। मामले में किसी भी दिन उपभोक्ता सड़क पर उतरकर बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी का प्रदर्शन कर सकते हैं।

पेयजल का भी रहता है संकट
 पुरखास उपकेंद्र की चरमराई विद्युत व्यवस्था के चलते इलाके के गांवों में पेयजल का संकट भी उत्पन्न हो जाता है। सप्ताह भर से आपूर्ति के चलते लोगों के घरों में लगे सबमर्सिबल पम्प पानी नहीं उगल रहे। एक सबमर्सिबल पम्प के सहारे पूरे मोहल्ले की पेयजल व्यवस्था चलती है। बिजली न आने से इन लोगों में पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। लोगों को पेयजल जुटाने के लिए दूसरे मोहल्लों में लगे हैंडपंपों की शरण में जाना पड़ता है। इसे लेकर ग्रामीणों में महकमे के जिम्मेदारों के प्रति खासी नाराजगी है।


बखड़ुवा फीडर को सप्ताह भर से आपूर्ति नहीं मिल रही इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। उपकेंद्र पहुंचकर समस्या की जानकारी की जाएगी। जो दिक्कते होगी उसे दूर कराकर आपूर्ति बहाल करा दी जाएगी।
शिवबाबू निषाद, जेई
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