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जहरीले जंतु के काटने से मां-बेटे की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Sat, 01 Sep 2018 12:01 AM IST
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बारा। कौशाम्बी कोतवाली क्षेत्र के बारा गांव में गुरुवार रात जहरीले जंतु के काटने से मां-बेटे की मौत हो गई। घटना से पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया है। जांच के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बिदांव निवासी बलराम सरोज मजदूरी करके परिवार का खर्च चलाता है। उसकी पत्नी नगीना देवी (32) गुरुवार रात खाना खाने के बाद अपने तीन वर्षीय बेटे अखिलेश के साथ जमीन पर ही सो गई। सुबह मां-बेटा काफी देर तक नहीं उठे तो परिजन परेशान हो गए। परिवार वाले दोनों को लेकर एक हकीम के पास झाड़-फूंक कराने गए। हकीम ने किसी जहरीले जंतु के काटने की वजह से होश नहीं आने की बात बताई। हालत में सुधार नहीं होने पर दोनों को जिला अस्पताल लाया गया। जहां चेकअप के बाद डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। घटना से पीड़ित परिवार के सदस्यों की रो-रोकर हालत खराब है। बतादें कि अखिलेश चार भाई-बहनों में इकलौता लड़का था। उसकी छोटी-छोटी तीन बहनें मां और भाई के सीने से लिपटकर रो रही थीं। मां की मौत के बाद इन बच्चियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी पिता के सिर पर आ गई है।
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बिदांव निवासी बलराम सरोज मजदूरी करके परिवार का खर्च चलाता है। उसकी पत्नी नगीना देवी (32) गुरुवार रात खाना खाने के बाद अपने तीन वर्षीय बेटे अखिलेश के साथ जमीन पर ही सो गई। सुबह मां-बेटा काफी देर तक नहीं उठे तो परिजन परेशान हो गए। परिवार वाले दोनों को लेकर एक हकीम के पास झाड़-फूंक कराने गए। हकीम ने किसी जहरीले जंतु के काटने की वजह से होश नहीं आने की बात बताई। हालत में सुधार नहीं होने पर दोनों को जिला अस्पताल लाया गया। जहां चेकअप के बाद डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। घटना से पीड़ित परिवार के सदस्यों की रो-रोकर हालत खराब है। बतादें कि अखिलेश चार भाई-बहनों में इकलौता लड़का था। उसकी छोटी-छोटी तीन बहनें मां और भाई के सीने से लिपटकर रो रही थीं। मां की मौत के बाद इन बच्चियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी पिता के सिर पर आ गई है।
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