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बिजली नहीं तो अब वोट भी नहीं
Kaushambi
Updated Fri, 28 Mar 2014 05:30 AM IST
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चायल। छह महीने से फुंका ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने से बृहस्पतिवार को मनौरी गांव के लोगों को गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने गांव में बिजली नहीं तो अब वोट भी नहीं का नारा बुलंद किया। इनका दावा है कि निर्णय से चुनाव आयोग और जिलाधिकारी को फैक्स से अवगत करा दिया गया है।
बता दें कि मनौरी गांव में लगा ट्रांसफार्मर करीब छह महीने से फुंका है। इससे गांव के सौ से भी अधिक घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। इससे लोगां को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के रहने वाले महेश कुमार, दिनेश पाल, अमर सिंह कनौजिया, महेंद्र कुमार, अब्बास अली, तौफीक अहमद, मोहम्मद जफर, लालता प्रसाद, महेशचंद्र, कामता प्रसाद, जियालाल, प्रमोद कुमार आदि का कहना है कि कम से 20 बार जेई, एसडीओ को दिक्कतों से अवगत कराया जा चुका हे। लोगों का कहना है कि कई बार सांसद, विधायक को भी समस्या से अवगत कराया गया। इसके बाद भी ट्रांसफार्मर अभी तक बदला नहीं जा सका। इसके कारण लगभग छह महीने से गांव की बत्ती गुल है। लोगों को लालटेर और ढिबरी की रोशनी में कामकाज करना पड़ रहा है। विद्यार्थियों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ रहा है। अनदेखी से गुस्साए ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को गांव में ही प्रदर्शन किया। गांववालों ने बताया कि उन्होंने अपने निर्णय की जानकारी देने लिए शिकायतीपत्र चुनाव आयोग और जिलाधिकारी को भी फैक्स कर दिया है। कुछ दिन पहले जिल्लापर के ग्रामीणों ने भी बिजली नहीं तो वोट नहीं का नारा बुलंद किया था। तब सभी दल के नेताओं ने ग्रामीणों को मतदान के लिए समझाने और उनकी समस्या का जल्द से जल्द समाधान का भरोसा दिया था।
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बता दें कि मनौरी गांव में लगा ट्रांसफार्मर करीब छह महीने से फुंका है। इससे गांव के सौ से भी अधिक घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। इससे लोगां को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के रहने वाले महेश कुमार, दिनेश पाल, अमर सिंह कनौजिया, महेंद्र कुमार, अब्बास अली, तौफीक अहमद, मोहम्मद जफर, लालता प्रसाद, महेशचंद्र, कामता प्रसाद, जियालाल, प्रमोद कुमार आदि का कहना है कि कम से 20 बार जेई, एसडीओ को दिक्कतों से अवगत कराया जा चुका हे। लोगों का कहना है कि कई बार सांसद, विधायक को भी समस्या से अवगत कराया गया। इसके बाद भी ट्रांसफार्मर अभी तक बदला नहीं जा सका। इसके कारण लगभग छह महीने से गांव की बत्ती गुल है। लोगों को लालटेर और ढिबरी की रोशनी में कामकाज करना पड़ रहा है। विद्यार्थियों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ रहा है। अनदेखी से गुस्साए ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को गांव में ही प्रदर्शन किया। गांववालों ने बताया कि उन्होंने अपने निर्णय की जानकारी देने लिए शिकायतीपत्र चुनाव आयोग और जिलाधिकारी को भी फैक्स कर दिया है। कुछ दिन पहले जिल्लापर के ग्रामीणों ने भी बिजली नहीं तो वोट नहीं का नारा बुलंद किया था। तब सभी दल के नेताओं ने ग्रामीणों को मतदान के लिए समझाने और उनकी समस्या का जल्द से जल्द समाधान का भरोसा दिया था।
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