{"_id":"5b4b95d54f1c1bc6508b4d8c","slug":"91531680213-kaushambi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं चला जोगापुर पंप कैनाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं चला जोगापुर पंप कैनाल
Updated Mon, 16 Jul 2018 12:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बारा। डीएम के अल्टीमेटम के बावजूद बहुप्रतीक्षित जोगापुर पंप कैनाल रविवार को नहीं चालू हो सका। ट्रांसफार्मर लीकेज होने से पंप चालू होने में अड़ंगा लग गया। नतीजतन टकटकी लगाकर किसान दिनभर इंतजार करने के बाद शाम को घर लौट गए।
दिसंबर 2010 में तत्कालीन बसपा सरकार के कबीना मंत्री इंद्रजीत सरोज ने जोगापुर में यमुना किनारे पंप कैनाल का शिलान्याश किया था। 10 करोड़ की लागत से तैयार पंप छह साल से विद्युतीकरण के अभाव में चालू नहीं हो पा रहा था। सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद क्षेत्रीय भाजपा विधायक ने कवायद शुरू की तो शासन ने विद्युतीकरण के लिए धनराशि अवमुक्त कर दिया। पर, अफसर दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे। पखवारे भर पहले डीएम मनीष कुमार वर्मा ने पंप कैनाल का निरीक्षण कर 15 जुलाई तक हर हाल में चालू करने का अल्टीमेटम दिया था।
इसके बाद से नहर व विद्युत विभाग के अफसरों ने सक्रियता दिखाई। दस जुलाई के बाद से ही अफसर रोजना आज-कल में पंप चालू कर लेने का दावा करते रहे। पर, कोई न कोई तकनीकी अड़चन पड़ती गई। रविवार को हर हाल में पंप चालू करने की खबर पर इलाकाई किसान सुबह से पंप कैनाल के समीप जमा हो गए। लेकिन ऐन वक्त पर ट्रांसफार्मर में लीकेज होने से मामला फंस गया। इसे दुरुस्त करने में इधर इंजीनियर पसीना बहाते रहे, उधर किसान पंप चालू होने को लेकर टकटकी लगाकर बैठे रहे। पर, देर शाम तक पंप चालू नहीं हो सका। नतीजतन किसान मायूस होकर अपने-अपने घर बैरंग लौट गए। हालांकि अवर अभियंता प्रदीप कुमार ने गड़बड़ी दुरुस्त कर देर रात पंप चालू कर लेने का दावा किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दिसंबर 2010 में तत्कालीन बसपा सरकार के कबीना मंत्री इंद्रजीत सरोज ने जोगापुर में यमुना किनारे पंप कैनाल का शिलान्याश किया था। 10 करोड़ की लागत से तैयार पंप छह साल से विद्युतीकरण के अभाव में चालू नहीं हो पा रहा था। सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद क्षेत्रीय भाजपा विधायक ने कवायद शुरू की तो शासन ने विद्युतीकरण के लिए धनराशि अवमुक्त कर दिया। पर, अफसर दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे। पखवारे भर पहले डीएम मनीष कुमार वर्मा ने पंप कैनाल का निरीक्षण कर 15 जुलाई तक हर हाल में चालू करने का अल्टीमेटम दिया था।
विज्ञापन
इसके बाद से नहर व विद्युत विभाग के अफसरों ने सक्रियता दिखाई। दस जुलाई के बाद से ही अफसर रोजना आज-कल में पंप चालू कर लेने का दावा करते रहे। पर, कोई न कोई तकनीकी अड़चन पड़ती गई। रविवार को हर हाल में पंप चालू करने की खबर पर इलाकाई किसान सुबह से पंप कैनाल के समीप जमा हो गए। लेकिन ऐन वक्त पर ट्रांसफार्मर में लीकेज होने से मामला फंस गया। इसे दुरुस्त करने में इधर इंजीनियर पसीना बहाते रहे, उधर किसान पंप चालू होने को लेकर टकटकी लगाकर बैठे रहे। पर, देर शाम तक पंप चालू नहीं हो सका। नतीजतन किसान मायूस होकर अपने-अपने घर बैरंग लौट गए। हालांकि अवर अभियंता प्रदीप कुमार ने गड़बड़ी दुरुस्त कर देर रात पंप चालू कर लेने का दावा किया है।
विज्ञापन