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कौशाम्बी में 25 फीसदी बच्चे फाइलेरिया का शिकार
Updated Wed, 08 Aug 2018 01:07 AM IST
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मंझनपुर। जिले में लगभग 25 फीसदी बच्चे फाइलेरिया (हाथी पांव) से पीड़ित हैं। बच्चों को बुखार आने के साथ ही पैर में दर्द की शिकायत है। यह खुलासा स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में हुआ है। अब पीड़ित बच्चों को दवा दी जा रही है। विभाग का मानना है कि वेक्टर जनित यह रोग जिले में तेजी से फैल रहा है।
राष्ट्रीय वेक्टर जनित नियंत्रण कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग ने 30 जुलाई से चार अगस्त तक अभियान चलाकर स्कूलों में बच्चों की जांच की। यह अभियान फाइलेरिया को लेकर था। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो जिले के 50 स्कूलों में पढ़ने वाले तकरीबन 1716 बच्चों की जांच की गई। यह जांच सिर्फ कक्षा एक और दो में पढ़ने वाले बच्चों की थी। जांच में 184 बच्चे फाइलेरिया से पीड़ित पाए गए। सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी का कहना है फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जिले के 50 स्कूलों में एक और दो में पढ़ने वाले बच्चों की जांच किया जाना था। इसमें करीब दस फीसदी से ज्यादा बच्चे फाइलेरिया से ग्रसित पाए गए। पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए दवाओं की व्यवस्था की जा रही है। वहीं विभागीय सूत्रों की मानें तो जिले में 25 फीसदी से ज्यादा बच्चे फाइलेरिया से ग्रसित हैं। अस्पतालों में आए दिन इस तरह के मरीज आ रहे हैं।
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राष्ट्रीय वेक्टर जनित नियंत्रण कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग ने 30 जुलाई से चार अगस्त तक अभियान चलाकर स्कूलों में बच्चों की जांच की। यह अभियान फाइलेरिया को लेकर था। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो जिले के 50 स्कूलों में पढ़ने वाले तकरीबन 1716 बच्चों की जांच की गई। यह जांच सिर्फ कक्षा एक और दो में पढ़ने वाले बच्चों की थी। जांच में 184 बच्चे फाइलेरिया से पीड़ित पाए गए। सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी का कहना है फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जिले के 50 स्कूलों में एक और दो में पढ़ने वाले बच्चों की जांच किया जाना था। इसमें करीब दस फीसदी से ज्यादा बच्चे फाइलेरिया से ग्रसित पाए गए। पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए दवाओं की व्यवस्था की जा रही है। वहीं विभागीय सूत्रों की मानें तो जिले में 25 फीसदी से ज्यादा बच्चे फाइलेरिया से ग्रसित हैं। अस्पतालों में आए दिन इस तरह के मरीज आ रहे हैं।
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