{"_id":"5a7703784f1c1bef7b8b546d","slug":"201517749112-kaushambi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नकल मंडी से मुकाबले को अफसरों की फौज तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नकल मंडी से मुकाबले को अफसरों की फौज तैयार
Updated Sun, 04 Feb 2018 06:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंझनपुर। यूपी बोर्ड 2018 हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा नकलविहीन संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी कर ली है। 88 परीक्षा केन्द्रों को नौ जोन और 19 सेक्टर में विभाजित किया गया है। मजिस्ट्रेेटों की भी तैनाती कर दी गई है। संवेदनशील और अति संवेदनशील 39 केंद्रों पर अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापकों की तैनाती कर दी गई है। इनके अलावा पांच उड़न दस्ते भी सक्रिय रहेंगे।
जिले के 88 परीक्षा केंद्रों पर कुल 53 हजार 852 परीक्षार्थी इम्तहान देंगे। इनमें हाई स्कूल के 31 हजार 234 और इंटर के 22 हजार 618 परीक्षार्थी है। केन्द्राें को नौ जोन और 19 सेक्टर सेक्टर में विभाजित किया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक सतेंद्र सिंह ने बताया कि 88 सेंटरों में 39 अति संवेदनशील और संवेदनशील घोषित किए हैं। इन केंद्रों पर एक-एक अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक तैनात किया गया है। नकल पर अंकुश लगाने के लिए डीआईओएस समेत चार जिलास्तरीय अधिकारियों की टीम उड़नदस्ते के रूप में काम करेगी।
इनके अलावा डीएम, सीडीओ, एडीएम व तीनों तहसीलों के एसडीएम परीक्षा पर नजर रखेंगे। किसी भी केंद्र में सामूहिक नकल पकड़ी जाती है तो केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ कार्रवाई होगी। यही नहीं संबंधित केंद्र को डिबार करते हुए काली सूची में डाल दिया जाएगा। केंद्रों में नकल के लिए परीक्षार्थी पहले से ही जुगाड़ लगाना शुरू कर दिए हैं। केंद्रों में प्रबंधक, प्रधानाचार्य तक अपनी सिफारिश पहुंचाई जाने लगी है। उधर परीक्षा केंद्रों के जिम्मेदार अभी तनिक भी हाथ नहीं रखने दे रहे हैं। डीएम के सख्त तेवर को लेकर न केवल केंद्र व्यवस्थापक बल्कि परीक्षार्थी भी सकते में दिख रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले के 88 परीक्षा केंद्रों पर कुल 53 हजार 852 परीक्षार्थी इम्तहान देंगे। इनमें हाई स्कूल के 31 हजार 234 और इंटर के 22 हजार 618 परीक्षार्थी है। केन्द्राें को नौ जोन और 19 सेक्टर सेक्टर में विभाजित किया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक सतेंद्र सिंह ने बताया कि 88 सेंटरों में 39 अति संवेदनशील और संवेदनशील घोषित किए हैं। इन केंद्रों पर एक-एक अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक तैनात किया गया है। नकल पर अंकुश लगाने के लिए डीआईओएस समेत चार जिलास्तरीय अधिकारियों की टीम उड़नदस्ते के रूप में काम करेगी।
विज्ञापन
इनके अलावा डीएम, सीडीओ, एडीएम व तीनों तहसीलों के एसडीएम परीक्षा पर नजर रखेंगे। किसी भी केंद्र में सामूहिक नकल पकड़ी जाती है तो केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ कार्रवाई होगी। यही नहीं संबंधित केंद्र को डिबार करते हुए काली सूची में डाल दिया जाएगा। केंद्रों में नकल के लिए परीक्षार्थी पहले से ही जुगाड़ लगाना शुरू कर दिए हैं। केंद्रों में प्रबंधक, प्रधानाचार्य तक अपनी सिफारिश पहुंचाई जाने लगी है। उधर परीक्षा केंद्रों के जिम्मेदार अभी तनिक भी हाथ नहीं रखने दे रहे हैं। डीएम के सख्त तेवर को लेकर न केवल केंद्र व्यवस्थापक बल्कि परीक्षार्थी भी सकते में दिख रहे हैं।
विज्ञापन