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स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टर ही नहीं अफसरों का भी टोटा
Updated Sun, 04 Feb 2018 06:00 PM IST
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मंझनपुर। जिले के स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टर ही नहीं अफसरों का भी टोटा है। इसके चलते स्वास्थ्य योजनाओं की मानीटरिंग नहीं हो पा रही है। कामकाज पर भी विपरीत असर पड़ता है। सीएमओ ने अफसरों के रिक्त पदों को भरने के लिए शासन को पत्र भेजा है।
गरीबों को मुफ्त सेवा मुहैया कराने के लिए सरकार की ओर से तमाम सारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इनकी देखरेख के लिए अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं उप मुख्य चिकित्साधिकारियों के तैनाती की व्यवस्था है, लेकिन दोआबा में एडिशनल सीएमओ के स्वीकृत नौ पदों के सापेक्ष महज चार की तैनाती है। अफसर के अभाव में प्रतिरक्षण, वेक्टर बार्न, नेत्रोपचार, नगर स्वास्थ्य तथा बजट एवं प्लान का काम प्रभावित हो रहा है। इसी तरह डिप्टी सीएमओ के स्वीकृत सात पदों में से एक पर भी तैनाती नहीं की गई है। एडिशनल सीएमओ के अभाव में वेक्टर बार्न और भंडार की कमान डॉक्टरों को सौंपी गई है। वेक्टर बार्न में डॉ बीके सिंह व भंडार में डॉ जेपी साहू को तैनात कर काम कराया जा रहा है। ऐसे में इन डॉक्टरों के अनुभव का लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है। वहीं सीएमओ डॉ. दीपेंद्र मालवीय का कहना है कि जिले में डॉक्टरों, अफसरों की कमी है। इसके चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। खाली पदों को भरने के लिए पिछले हफ्ते शासन को पत्राचार किया गया है।
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गरीबों को मुफ्त सेवा मुहैया कराने के लिए सरकार की ओर से तमाम सारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इनकी देखरेख के लिए अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं उप मुख्य चिकित्साधिकारियों के तैनाती की व्यवस्था है, लेकिन दोआबा में एडिशनल सीएमओ के स्वीकृत नौ पदों के सापेक्ष महज चार की तैनाती है। अफसर के अभाव में प्रतिरक्षण, वेक्टर बार्न, नेत्रोपचार, नगर स्वास्थ्य तथा बजट एवं प्लान का काम प्रभावित हो रहा है। इसी तरह डिप्टी सीएमओ के स्वीकृत सात पदों में से एक पर भी तैनाती नहीं की गई है। एडिशनल सीएमओ के अभाव में वेक्टर बार्न और भंडार की कमान डॉक्टरों को सौंपी गई है। वेक्टर बार्न में डॉ बीके सिंह व भंडार में डॉ जेपी साहू को तैनात कर काम कराया जा रहा है। ऐसे में इन डॉक्टरों के अनुभव का लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है। वहीं सीएमओ डॉ. दीपेंद्र मालवीय का कहना है कि जिले में डॉक्टरों, अफसरों की कमी है। इसके चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। खाली पदों को भरने के लिए पिछले हफ्ते शासन को पत्राचार किया गया है।
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