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जिले में ग्रामीण स्वच्छता अभियान हुआ धड़ाम!
Updated Mon, 10 Sep 2018 12:20 AM IST
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बारा/ कनैली। स्वच्छ भारत की असल तस्वीर देखना हो, तो कौशाम्बी के किसी गांव आना होगा। ज्यादातर गांवों के प्रवेश के रास्ते पर ही पानी भरा है। लगातार हो रही बरसात ने और मुसीबत खड़ी कर दी है। संपूर्ण स्वच्छता अभियान की चौंकाने वाली हकीकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले दिनों जोगापुर गांव के लोगों ने जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की गाड़ी बीच रास्ते में रोक ली थी।
स्वच्छ भारत-स्वच्छ गांव को लेकर अगस्त में अभियान चलाया गया था। न्याय पंचायत स्तर पर सफाईकर्मियों की टोली बनाकर गांवों की साफ-सफाई कराने का दावा किया गया। पखवाड़े भर से हो रही झमाझम बारिश ने सारे दावों और कवायदों की हवा निकल गई है। तालाबों पर अतिक्रमण और नाला-नालियां चोक होने से जिले के ज्यादातर गांवों में जलभराव के साथ ही सड़कों पर कीचड़ फैला हुआ है। जबकि पिछले महीने इसी सफाई अभियान की हकीकत परखने के लिए भारत सरकार की टीम आई थी। तत्कालीन डीपीआरओ ने टीम को संतुष्ट कर दिया था। कौशाम्बी विकास खंड के जोगापुर गांव होते हुए डीएम मनीष कुमार वर्मा पर्यटन स्थल से लौट रहे थे। रास्ते में गांव की महिलाओं ने उनकी गाड़ी रोक ली। उनका कहना था कि जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से जलभराव हो गया है। इससे नाराज जिलाधिकारी ने अफसरों को फटकार लगाई तो सप्ताह भर पहले जलनिकासी का प्रबंध किया गया।
कौशाम्बी ब्लॉक के कनैली गांव की दलित बस्ती के रास्ते में पानी भरा है। 150 घरों की बस्ती में जलनिकासी नहीं होने की वजह से बीमारी फैलने की आशंका जताई जा रही है। शिकायत के बाद भी अफसर समस्या को लेकर गंभीर नहीं है। लोगों का कहना है कि बस्ती से बरसात का पानी निकाले जाने के लिए नाले का निर्माण नहीं कराया गया। तालाब पर भी अतिक्रमण कर लिया गया है। इस वजह से जलनिकासी नहीं हो पा रही है। चरवा खुर्द गांव के मुख्यमार्ग तो ठीक हैं लेकिन गांव की किसी गली से निकला दूभर है। बस्ती में जलभराव तो हैं, साथ में गलियां कीचड़ से पटी पड़ी है। यहां पैदल निकला भी मुश्किल है। मजबूरी में बस्ती के लोग इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं।
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गांवों में जलभराव की वजह से कच्चे घरों के गिरने का सिलसिला जारी है। पिछले दिनों कौशाम्बी विकास खंड के लक्ष्मनापुर प्रेमशंकर, भइयालाल, विष्णुकुमार, इंदारापर में संतोष तिवारी, भइयन, जोगापुर और हिसामबाद में करीब 24 घर गिर गए। पीड़ित परिवारों का कहना है गरीबों के घर गिरने का क्रम जारी है। शिकायत के बाद भी तहसील प्रशासन के जिम्मेदार नुकसान का आंकलन तक करने नहीं पहुंचे। वहीं डीपीआरओ का कहना है कि डीएम के निर्देश पर सोमवार को फिर गांवों की सफाई का काम कराया जाएगा। जिन गांवों में नाली नहीं बनी है वहां ग्राम सभा के खाते से नाली बनवाई जाएगी। कर्मचािरयों की टोली बनाकर सफाई अभियान चलाया जाएगा।
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स्वच्छ भारत-स्वच्छ गांव को लेकर अगस्त में अभियान चलाया गया था। न्याय पंचायत स्तर पर सफाईकर्मियों की टोली बनाकर गांवों की साफ-सफाई कराने का दावा किया गया। पखवाड़े भर से हो रही झमाझम बारिश ने सारे दावों और कवायदों की हवा निकल गई है। तालाबों पर अतिक्रमण और नाला-नालियां चोक होने से जिले के ज्यादातर गांवों में जलभराव के साथ ही सड़कों पर कीचड़ फैला हुआ है। जबकि पिछले महीने इसी सफाई अभियान की हकीकत परखने के लिए भारत सरकार की टीम आई थी। तत्कालीन डीपीआरओ ने टीम को संतुष्ट कर दिया था। कौशाम्बी विकास खंड के जोगापुर गांव होते हुए डीएम मनीष कुमार वर्मा पर्यटन स्थल से लौट रहे थे। रास्ते में गांव की महिलाओं ने उनकी गाड़ी रोक ली। उनका कहना था कि जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से जलभराव हो गया है। इससे नाराज जिलाधिकारी ने अफसरों को फटकार लगाई तो सप्ताह भर पहले जलनिकासी का प्रबंध किया गया।
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कौशाम्बी ब्लॉक के कनैली गांव की दलित बस्ती के रास्ते में पानी भरा है। 150 घरों की बस्ती में जलनिकासी नहीं होने की वजह से बीमारी फैलने की आशंका जताई जा रही है। शिकायत के बाद भी अफसर समस्या को लेकर गंभीर नहीं है। लोगों का कहना है कि बस्ती से बरसात का पानी निकाले जाने के लिए नाले का निर्माण नहीं कराया गया। तालाब पर भी अतिक्रमण कर लिया गया है। इस वजह से जलनिकासी नहीं हो पा रही है। चरवा खुर्द गांव के मुख्यमार्ग तो ठीक हैं लेकिन गांव की किसी गली से निकला दूभर है। बस्ती में जलभराव तो हैं, साथ में गलियां कीचड़ से पटी पड़ी है। यहां पैदल निकला भी मुश्किल है। मजबूरी में बस्ती के लोग इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं।
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गांवों में जलभराव की वजह से कच्चे घरों के गिरने का सिलसिला जारी है। पिछले दिनों कौशाम्बी विकास खंड के लक्ष्मनापुर प्रेमशंकर, भइयालाल, विष्णुकुमार, इंदारापर में संतोष तिवारी, भइयन, जोगापुर और हिसामबाद में करीब 24 घर गिर गए। पीड़ित परिवारों का कहना है गरीबों के घर गिरने का क्रम जारी है। शिकायत के बाद भी तहसील प्रशासन के जिम्मेदार नुकसान का आंकलन तक करने नहीं पहुंचे। वहीं डीपीआरओ का कहना है कि डीएम के निर्देश पर सोमवार को फिर गांवों की सफाई का काम कराया जाएगा। जिन गांवों में नाली नहीं बनी है वहां ग्राम सभा के खाते से नाली बनवाई जाएगी। कर्मचािरयों की टोली बनाकर सफाई अभियान चलाया जाएगा।