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अपहरण व दुराचार के आरोपी को 12 साल की कैद
Updated Sat, 30 Sep 2017 12:23 AM IST
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अपहरण और दुराचार के आरोपी को 12 साल की कैद
एसपी से शिकायत के बाद दर्ज हुआ था मामला
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
अपर जिला सत्र एवं न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) अनुपम कुमार ने अपहरण और दुराचार का आरोप साबित होने पर आरोपी को 12 साल कैद और तीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। घटना वर्ष 2014 में सरायअकिल थाना क्षेत्र में हुई थी।
सरायअकिल थाने की एक किशोरी घर से गायब हो गई थी। परिजनों ने खोजबीन के बाद सरायअकिल पुलिस को तहरीर दी थी लेकिन रिपोर्ट नहीं दर्ज हुई थी। तीसरे दिन परिजनों ने 17 अप्रैल 2014 को तत्कालीन एसपी से गुहार लगाई थी। एसपी के निर्देश पर सरायअकिल पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। प्रकरण में पुलिस ने किशोरी को बरामद कर उसका मेडिकल भी कराया था। इसके बाद कोर्ट में किशोरी का बयान हुआ। उसमें किशोरी ने आरोपी विनोद कुमार पुत्र अमृतलाल के खिलाफ दुराचार का भी आरोप लगाया। पुलिस ने रिपोर्ट दुराचार में तरमीम कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। अपर जिला सत्र एवं न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) अनुपम कुमार ने शुक्रवार को इसका फैसला सुनाया। शासकीय अधिवक्ता घनश्याम कुमार ने सात गवाहों को परीक्षित कराया। आरोप साबित होने पर अपर जिला जज ने आरोपी को 12 साल कैद और तीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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एसपी से शिकायत के बाद दर्ज हुआ था मामला
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर।
अपर जिला सत्र एवं न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) अनुपम कुमार ने अपहरण और दुराचार का आरोप साबित होने पर आरोपी को 12 साल कैद और तीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। घटना वर्ष 2014 में सरायअकिल थाना क्षेत्र में हुई थी।
सरायअकिल थाने की एक किशोरी घर से गायब हो गई थी। परिजनों ने खोजबीन के बाद सरायअकिल पुलिस को तहरीर दी थी लेकिन रिपोर्ट नहीं दर्ज हुई थी। तीसरे दिन परिजनों ने 17 अप्रैल 2014 को तत्कालीन एसपी से गुहार लगाई थी। एसपी के निर्देश पर सरायअकिल पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। प्रकरण में पुलिस ने किशोरी को बरामद कर उसका मेडिकल भी कराया था। इसके बाद कोर्ट में किशोरी का बयान हुआ। उसमें किशोरी ने आरोपी विनोद कुमार पुत्र अमृतलाल के खिलाफ दुराचार का भी आरोप लगाया। पुलिस ने रिपोर्ट दुराचार में तरमीम कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। अपर जिला सत्र एवं न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) अनुपम कुमार ने शुक्रवार को इसका फैसला सुनाया। शासकीय अधिवक्ता घनश्याम कुमार ने सात गवाहों को परीक्षित कराया। आरोप साबित होने पर अपर जिला जज ने आरोपी को 12 साल कैद और तीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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