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बड़ौदा ग्रामीण बैंक की म्योहर शाखा का खजाना खाली
Updated Wed, 17 Oct 2018 01:37 AM IST
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बड़ौदा ग्रामीण बैंक की म्योहर शाखा का खजाना खाली
म्योहर। बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक म्योहर में सोमवार से कैश नहीं है। पैसा नहीं मिलने से उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। आरोप है कि जिम्मेदार सही जानकारी भी नहीं दे पा रहे हैं। उपभोक्ताओं ने मामले की शिकायत बैंक के रीजनल मैनेजर से की है।
म्योहर स्थित ग्रामीण बैंक के उपभोक्ता इन दिनों तमाम तरह की दिक्कत से गुजर रहे हैं। खाते में पैसा जमा होने के बाद भी उन्हें जरुरत पर रकम नहीं मिल पा रही है। उपभोक्ता शाखा प्रबंधक के पास शिकायत करने जाते हैं तो उन्हें कैश नहीं आने की बात कहकर टहलाया जाता है। मंगलवार को बैंक पहुंचे म्योहर गांव के खाता धारक अजय त्रिपाठी का कहना था कि उन्हें बच्चे के कोचिंग की फीस जमा करना है। सोमवार को भी वह पैसा लेने बैंक आए थे लेकिन कैश नहीं मिला। उपभोक्ता भइया लाल को बीमार पत्नी के इलाज के लिए पैसा चाहिए। वह भी कर्मचारियों पर गुस्सा हो रहा था।
अविनाश पांडेय को एक परीक्षा में शामिल होने के लिए दिल्ली जाना है। बैंक से पैसा नहीं मिलने की वजह से वह मायूस होकर लौट गया। इसी तरह दो दिन से उपभोक्ता बैंक से निराश होकर घर लौट रहे हैं। बैंक कर्मियों ने बाकायदा बोर्ड लगा दिया है कि यहां कैश नहीं है। इसकी जानकारी होने पर रीजनल मैनेजर छोटेलाल ने शाखा प्रबंधक को फटकार लगाई। उनका कहना है कि इस तरह का बोर्ड बैंक में नहीं लगाया जा सकता।
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इनका कहना है
कैश अक्सर खत्म हो जाता है। पर, 48 घंटे से बैंक की तिजोरी क्यों खाली है तो जानकारी कर कैश की व्यवस्था कराई जाएगी।
छोटेलाल, आरएम, बड़ौदा उप्र ग्रामीण बैंक
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म्योहर। बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक म्योहर में सोमवार से कैश नहीं है। पैसा नहीं मिलने से उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। आरोप है कि जिम्मेदार सही जानकारी भी नहीं दे पा रहे हैं। उपभोक्ताओं ने मामले की शिकायत बैंक के रीजनल मैनेजर से की है।
म्योहर स्थित ग्रामीण बैंक के उपभोक्ता इन दिनों तमाम तरह की दिक्कत से गुजर रहे हैं। खाते में पैसा जमा होने के बाद भी उन्हें जरुरत पर रकम नहीं मिल पा रही है। उपभोक्ता शाखा प्रबंधक के पास शिकायत करने जाते हैं तो उन्हें कैश नहीं आने की बात कहकर टहलाया जाता है। मंगलवार को बैंक पहुंचे म्योहर गांव के खाता धारक अजय त्रिपाठी का कहना था कि उन्हें बच्चे के कोचिंग की फीस जमा करना है। सोमवार को भी वह पैसा लेने बैंक आए थे लेकिन कैश नहीं मिला। उपभोक्ता भइया लाल को बीमार पत्नी के इलाज के लिए पैसा चाहिए। वह भी कर्मचारियों पर गुस्सा हो रहा था।
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अविनाश पांडेय को एक परीक्षा में शामिल होने के लिए दिल्ली जाना है। बैंक से पैसा नहीं मिलने की वजह से वह मायूस होकर लौट गया। इसी तरह दो दिन से उपभोक्ता बैंक से निराश होकर घर लौट रहे हैं। बैंक कर्मियों ने बाकायदा बोर्ड लगा दिया है कि यहां कैश नहीं है। इसकी जानकारी होने पर रीजनल मैनेजर छोटेलाल ने शाखा प्रबंधक को फटकार लगाई। उनका कहना है कि इस तरह का बोर्ड बैंक में नहीं लगाया जा सकता।
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इनका कहना है
कैश अक्सर खत्म हो जाता है। पर, 48 घंटे से बैंक की तिजोरी क्यों खाली है तो जानकारी कर कैश की व्यवस्था कराई जाएगी।
छोटेलाल, आरएम, बड़ौदा उप्र ग्रामीण बैंक