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हड़ताल पर गए गुरूजी, ज्यादातर स्कूलों में लटके ताले
Updated Fri, 31 Aug 2018 12:27 AM IST
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मंझनपुर। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर गुरुजी हड़ताल पर हैं। इसके चलते ज्यादातार स्कूलों में ताले लटक रहे हैं। हड़ताल के दूसरे दिन कई स्कूलों में दोपहर का भोजन तक नहीं बनाया जा सका। इसके चलते बच्चों का पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है।
पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू किए जाने की मांग को लेकर परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों ने बुधवार से तीन दिवसीय हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया था। दावा किया गया था शिक्षक स्कूल खोलेंगे और बच्चों को दोपहर का भोजन कराने के बाद हड़ताल में शामिल होंगे। लेकिन जिले के ज्यादातर स्कूलों में ऐसा देखने को नहीं मिला। हड़ताल के दूसरे दिन गुरुवार को जिले के ज्यादातर परिषदीय स्कूल बंद मिले। प्राथमिक विद्यालय कोड़र में ताला लटक रहा था। यहां न तो बच्चे आए थे और न ही दोपहर का खाना बनवाने का दावा करने वाले शिक्षक। पूर्व माध्यमिक विद्यालय गौसपुर टिकरी का पूर्व माध्यमिक विद्यालय खुला था। यहां प्रधानाध्यापक राम भाष्कर द्बिवेदी बच्चों की कॉपियां चेक कर रहे थे।
स्कूल में दाल-रोटी बनाकर बच्चों को खिलाया गया था। स्कूल में तैनात दो महिला अनुदेशक बच्चों की क्लास ले रहीं थीं। पंजीकृत 135 बच्चों के सापेक्ष 83 बच्चे मौजूद थे। मुख्यालय से सटे प्राथमिक विद्यालय पाता का भी ताला नहीं खुला था। कौशाम्बी विकास खंड के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बाबा का पूरा गांव में भी ताला बंद मिला। प्राथमिक विद्यालय गोइठा में भी किसी ने ताला तक खोलने की जहमत नहीं उठाई। कामोवेश जिले के ज्यादातर परिषदीय स्कूलों में रहा। शुक्रवार को भी शिक्षकों ने हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया है। इससे पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है।
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स्कूल में बच्चों के साथ पढ़ रहा था कुत्ता
मंझनपुर। पूर्व माध्यमिक विद्यालय गौसपुर टिकरी में जिस क्लास में बच्चे पढ़ रहे थे वहां एक कुत्ता भी बैठा था। पढ़ाने में मशगूल अनुदेशक ने कुत्ते के भगाना मुनासिब नहीं समझा। बाद में रसोइए ने कुत्ते के बाहर किया।
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पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू किए जाने की मांग को लेकर परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों ने बुधवार से तीन दिवसीय हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया था। दावा किया गया था शिक्षक स्कूल खोलेंगे और बच्चों को दोपहर का भोजन कराने के बाद हड़ताल में शामिल होंगे। लेकिन जिले के ज्यादातर स्कूलों में ऐसा देखने को नहीं मिला। हड़ताल के दूसरे दिन गुरुवार को जिले के ज्यादातर परिषदीय स्कूल बंद मिले। प्राथमिक विद्यालय कोड़र में ताला लटक रहा था। यहां न तो बच्चे आए थे और न ही दोपहर का खाना बनवाने का दावा करने वाले शिक्षक। पूर्व माध्यमिक विद्यालय गौसपुर टिकरी का पूर्व माध्यमिक विद्यालय खुला था। यहां प्रधानाध्यापक राम भाष्कर द्बिवेदी बच्चों की कॉपियां चेक कर रहे थे।
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स्कूल में दाल-रोटी बनाकर बच्चों को खिलाया गया था। स्कूल में तैनात दो महिला अनुदेशक बच्चों की क्लास ले रहीं थीं। पंजीकृत 135 बच्चों के सापेक्ष 83 बच्चे मौजूद थे। मुख्यालय से सटे प्राथमिक विद्यालय पाता का भी ताला नहीं खुला था। कौशाम्बी विकास खंड के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बाबा का पूरा गांव में भी ताला बंद मिला। प्राथमिक विद्यालय गोइठा में भी किसी ने ताला तक खोलने की जहमत नहीं उठाई। कामोवेश जिले के ज्यादातर परिषदीय स्कूलों में रहा। शुक्रवार को भी शिक्षकों ने हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया है। इससे पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है।
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स्कूल में बच्चों के साथ पढ़ रहा था कुत्ता
मंझनपुर। पूर्व माध्यमिक विद्यालय गौसपुर टिकरी में जिस क्लास में बच्चे पढ़ रहे थे वहां एक कुत्ता भी बैठा था। पढ़ाने में मशगूल अनुदेशक ने कुत्ते के भगाना मुनासिब नहीं समझा। बाद में रसोइए ने कुत्ते के बाहर किया।