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10997 लाइसेंस धारकों ने नहीं जमा किए हथियार
Wed, 20 Mar 2019 12:36 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Wed, 20 Mar 2019 12:36 AM IST
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चार राइफल, 11 तमंचे और एक पौना के साथ पकड़ा एक आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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मंझनपुर। दोआबा के करीब 10997 लाइसेंस धारकों ने अभी तक अपने असलहे संबंधित कोतवाली में नहीं जमा किए हैं। नोटिस के बाद अब इन्हें रिमाइंडर भेजा जा रहा है। शस्त्र जमा कराने में पुलिसकर्मियों का पसीना छूट रहा है। वहीं एसपी ने देरी होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
उद्योग विहीन कौशाम्बी जिले में शस्त्र रखना स्टेटस सिंबल बन चुका है। कुछ लोगों ने रोजगार के लिए असलहे ले रखे हैं तो अधिकतर ने सुरक्षा का वास्ता देकर शौकिया। जनपद में करीब 15972 लोगों के पास पिस्टल, रायफल और बंदूक आदि के लाइसेंस हैं। लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही पुलिस ने असलहों को जमा कराना शुरू कर दिया था। एसपी प्रदीप गुप्ता के निर्देश पर दरोगा, सिपाहियों ने घर-घर जाकर नोटिस थमा दी। अब रिमाइंडर भेजा जा रहा है। इसके बाद भी शस्त्रधारक हथियार जमा करने को तैयार नहीं है। कोई होली बाद जमा करने की बात कह रहा है तो कोई कुछ और बहाना अना रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो अभी तक तकरीबन 4975 असलहे ही कोतवाली अथवा गन हाउस में जमा किए गए हैं। 10997 लोगों ने असलहे जमा नहीं किए। इसे लेकर पुलिस कर्मचारियों की नींद उड़ी हुई है।
मंझनपुर। दोआबा के शस्त्रधारकों ने असलहा नहीं जमा करने का जुगाड़ भिड़ाना शुरू कर दिया है। कोई सांसद से तो कोई विधायक से जिलाधिकारी को फोन करवा रहा है। हालांकि अभी तक डीएम ने इक्का-दुक्का लोेगों को ही अनुमति दी है। खुद अफसरों का मानना है कि शस्त्रधारक बेवजह का दबाव बनवा रहे हैं।वहीं एसपी का कहना है कि लाइसेंसी असलहे सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जमा कराए जा रहे हैं। किसी को कोई समस्या है तो वह डीएम से शस्त्र नहीं जमा करने की अनुमति ले सकता है। बिना इजाजत असलहा नहीं जमा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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उद्योग विहीन कौशाम्बी जिले में शस्त्र रखना स्टेटस सिंबल बन चुका है। कुछ लोगों ने रोजगार के लिए असलहे ले रखे हैं तो अधिकतर ने सुरक्षा का वास्ता देकर शौकिया। जनपद में करीब 15972 लोगों के पास पिस्टल, रायफल और बंदूक आदि के लाइसेंस हैं। लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही पुलिस ने असलहों को जमा कराना शुरू कर दिया था। एसपी प्रदीप गुप्ता के निर्देश पर दरोगा, सिपाहियों ने घर-घर जाकर नोटिस थमा दी। अब रिमाइंडर भेजा जा रहा है। इसके बाद भी शस्त्रधारक हथियार जमा करने को तैयार नहीं है। कोई होली बाद जमा करने की बात कह रहा है तो कोई कुछ और बहाना अना रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो अभी तक तकरीबन 4975 असलहे ही कोतवाली अथवा गन हाउस में जमा किए गए हैं। 10997 लोगों ने असलहे जमा नहीं किए। इसे लेकर पुलिस कर्मचारियों की नींद उड़ी हुई है।
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मंझनपुर। दोआबा के शस्त्रधारकों ने असलहा नहीं जमा करने का जुगाड़ भिड़ाना शुरू कर दिया है। कोई सांसद से तो कोई विधायक से जिलाधिकारी को फोन करवा रहा है। हालांकि अभी तक डीएम ने इक्का-दुक्का लोेगों को ही अनुमति दी है। खुद अफसरों का मानना है कि शस्त्रधारक बेवजह का दबाव बनवा रहे हैं।वहीं एसपी का कहना है कि लाइसेंसी असलहे सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जमा कराए जा रहे हैं। किसी को कोई समस्या है तो वह डीएम से शस्त्र नहीं जमा करने की अनुमति ले सकता है। बिना इजाजत असलहा नहीं जमा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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