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Kasganj News: सत्यवीर के हिस्से के खेत पर किया अंतिम संस्कार
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कासगंज। नगला भोजराज में रविवार को सत्यवीर व उसके परिवार के सदस्यों के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए उसके पिता नेम सिंह और ससुर बलवीर सिंह सहित अन्य परिजन के बीच शव के दाह संस्कार की बात नदी किनारे होने लगी। इसके बाद उनके ससुर ने खेत पर बच्चों व बेटी और दामाद का अंतिम संस्कार की बात कही। इसके बाद शवों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर खेत पर ले जाया गया। जेसीबी ने दूसरे भाई के खेत के पास बच्चों को दफनाने के लिए गड्ढा खोदा। इस बात का ससुर व अन्य लोगों ने मना किया और बाद में सत्यवीर के हिस्से वाले खेत पर गड्ढा खोदकर बच्चाें के शव को दफनाने के बाद सत्यवीर व उसकी पत्नी रामश्री के शवों का वहीं पर दाह संस्कार किया गया। संवाद
फोटो-15
शवों के पीछे दौड़ परिजन व ग्रामीण
कासगंज। नगला भोजराज निवासी सत्यवीर व उसकी पत्नी रामश्री, बेटी प्राची, अमरवती और बेटा गिरीश का शव आम के बाग में रविवार की सुबह पहुंचा। शव पहुंचने के बाद मौके पर परिजन व आस-पास के लोग पहुंच गए। देखते ही देखते काफी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। सुबह 9:45 बजे बाग से ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर दाह संस्कार के लिए ले जा रहे थे। मृतक सत्यवीर की मां कौशल्या व उनकी सास उर्मिला देवी, साली लक्ष्मी देवी, शीला,कृष्णा, ममता सहित अन्य परिजन व ग्रामीण रोते बिलखते शवों के पीछे दौड़ पड़े। संवाद
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हमारे गांव में ऐसो पहले कभी न भओ
कासगंज। नगला भोजराज में पांच शव पहुंचने के बाद महिलाएं व पुरुष आम के बाग की ओर दौड़ पड़े। शवाें को देखने के बाद लोगों की आंखे नम थी। मौके से लौट रहीं नगला गुलरिया की रहने वाली सत्यवती और तारावती ने बताया कि लला आजतक हमारे गांव में ऐसो कभी न भओ। शवों को देखकर उनकी आंखों में आंसू निकल रहे थे। वह कह रहीं थी कि भगवान ऐसा किसी के साथ न करे। संवाद
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शवों के पीछे दौड़ परिजन व ग्रामीण
कासगंज। नगला भोजराज निवासी सत्यवीर व उसकी पत्नी रामश्री, बेटी प्राची, अमरवती और बेटा गिरीश का शव आम के बाग में रविवार की सुबह पहुंचा। शव पहुंचने के बाद मौके पर परिजन व आस-पास के लोग पहुंच गए। देखते ही देखते काफी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। सुबह 9:45 बजे बाग से ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर दाह संस्कार के लिए ले जा रहे थे। मृतक सत्यवीर की मां कौशल्या व उनकी सास उर्मिला देवी, साली लक्ष्मी देवी, शीला,कृष्णा, ममता सहित अन्य परिजन व ग्रामीण रोते बिलखते शवों के पीछे दौड़ पड़े। संवाद
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हमारे गांव में ऐसो पहले कभी न भओ
कासगंज। नगला भोजराज में पांच शव पहुंचने के बाद महिलाएं व पुरुष आम के बाग की ओर दौड़ पड़े। शवाें को देखने के बाद लोगों की आंखे नम थी। मौके से लौट रहीं नगला गुलरिया की रहने वाली सत्यवती और तारावती ने बताया कि लला आजतक हमारे गांव में ऐसो कभी न भओ। शवों को देखकर उनकी आंखों में आंसू निकल रहे थे। वह कह रहीं थी कि भगवान ऐसा किसी के साथ न करे। संवाद
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