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Kasganj News: मेधावी थे बच्चे, जिनके लिए पिता ने देखे सपने
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कासगंज। सत्यवीर ने अपने तीनों बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए तमाम सपने देखे, लेकिन सत्यवीर ने खुद ही अपने बच्चों की जान ले ली। सत्यवीर के तीनों बच्चे मेधावी थे और कक्षा में उनका श्रेष्ठ प्रदर्शन रहता था। एक बेटी आकांक्षा ने तो इसी वर्ष विद्याज्ञान की प्रवेश परीक्षा पास की थी।
यह तीनों बच्चे अमांपुर के श्रीवेदराम सिंह आवासीय इंटर कॉलेज में पढ़ते थे। सबसे बड़ी प्राची कक्षा 6 की छात्रा थी, जबकि दूसरी बेटी आकांक्षा उर्फ अमरवती कक्षा 5 की छात्रा थी। जबकि छोटा बेटा गिरीश पहली कक्षा में था। स्कूल के प्रधानाचार्य आदित्य नंदन ने बताया कि बेटा गिरीश पिछले 6 माह से बीमारी के कारण स्कूल नहीं आ रहा था। उन्होंने बताया कि एक बेटी ने विद्याज्ञान परीक्षा पास की। सत्यवीर अपने बच्चों को पढ़ाना चाहते थे। इसके लिए वह स्कूल की फीस भी समय पर अदा करते थे। उन्होंने बताया कि चार दिन पहले सुबह 10 बजे करीब प्राची स्कूल की ड्रेस में उन्हें घर के बाहर मिली थी तो उससे पूछा कि स्कूल नहीं गई। तो प्राची ने कहा कि वह तैयार हो गई थी, लेकिन पापा ने रोक लिया है। इसके बाद प्रधानाचार्य ने सत्यवीर से पूछा तो सत्यवीर बिना कुछ जवाब दिए चलते चले गए।
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यह तीनों बच्चे अमांपुर के श्रीवेदराम सिंह आवासीय इंटर कॉलेज में पढ़ते थे। सबसे बड़ी प्राची कक्षा 6 की छात्रा थी, जबकि दूसरी बेटी आकांक्षा उर्फ अमरवती कक्षा 5 की छात्रा थी। जबकि छोटा बेटा गिरीश पहली कक्षा में था। स्कूल के प्रधानाचार्य आदित्य नंदन ने बताया कि बेटा गिरीश पिछले 6 माह से बीमारी के कारण स्कूल नहीं आ रहा था। उन्होंने बताया कि एक बेटी ने विद्याज्ञान परीक्षा पास की। सत्यवीर अपने बच्चों को पढ़ाना चाहते थे। इसके लिए वह स्कूल की फीस भी समय पर अदा करते थे। उन्होंने बताया कि चार दिन पहले सुबह 10 बजे करीब प्राची स्कूल की ड्रेस में उन्हें घर के बाहर मिली थी तो उससे पूछा कि स्कूल नहीं गई। तो प्राची ने कहा कि वह तैयार हो गई थी, लेकिन पापा ने रोक लिया है। इसके बाद प्रधानाचार्य ने सत्यवीर से पूछा तो सत्यवीर बिना कुछ जवाब दिए चलते चले गए।
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